२००९ मुक्त सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक का साल होगा।

मैंने अपने इसी चिट्ठे पर दो चिट्ठियां ‘मुक्त मानक और अमेरिकी चुनाव‘  और ‘क्या ओबामा विकीपीडिया, ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर की तरह हैं‘, लिखी हैं। जिसमें यह बताने का प्रयत्न किया है कि ओबामा मुक्त  सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक के समर्थक हैं।

(दायें से बायें) दो वर्ष के ओबामा, उनकी मां और पिता।

यह चित्र १० दिसंबर की टाईम पत्रिका के The Identity Card लेख से है और उसी के सौजन्य से है। इसे शेल्बी स्टील (Shelby Steele) ने लिखा है। यह लेख अच्छा है। उनके जीवन की मे बहुत सी मुश्किलों उन्हें  श्वेत-अश्वेत विरासत के कारण मिली। यह लेख उसे भी बहुत खूबी से  दर्शाता है। इसे भी पढ़ें।

ओबामा बोस्टन कॉलेज में बोलते हुऐ यह चित्र विकिपीडिया से है

ओबामा अमेरिका के चुने गये राष्ट्रपती हैं। उन्होने अपने सलाहकारों का चयन शुरू कर दिया है। उन्होंने विज्ञान और टेक्नॉलोज़ी के लिये चार सलाहकार नियुक्त किये गये हैं। इनमें से एक हैं – नोबल पुरुस्कार विजेता, हेरॉल्ड वारमस (Harold Varmus) आप हमेशा से कहते आयें हैं कि सरकारी विज्ञान के शोद्ध पत्रों पर सबका अधिकार है। वे सब के लिये न मुक्त रूप से उपलब्ध होने चाहिये।

यदि आप चुने गये  राष्ट्रपति की सरकारी वेबसाइट को देखें तो उसमें कॉपीराइट की नोटिस बदल दी गयी है। वह अब कहती है कि,

Except where otherwise noted, content on this site is licensed under a Creative Commons Attribution 3.0 License. Content includes all materials posted by the Obama-Biden Transition project. Visitors to this website agree to grant a non-exclusive, irrevocable, royalty-free license to the rest of the world for their submissions to Change.gov under the Creative Commons Attribution 3.0 License.’

जब तक कहीं अलग से न लिखा हो इस वेबसाइट की समग्री कॉमन एट्रीब्यूट  ३.० लाइसेन्स के अन्दर प्रकाशित है।

यह बात नहीं है कि अमेरिका में मुक्त सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक नहीं है या सूचना मुक्त रूप से उपलब्ध नहीं है पर अमेरीकी सरकार में इसका चलन कम था। अब इसका चलन बढ़ेगा और मेरे विचार से न केवल यह शुभ संकेत है पर इससे  वहां  मुक्त सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक का प्रयोग बढ़ेगा। जाहिर है जब अमेरिका में बढ़ेगा तो पूरी दुनिया में भी।

आप किस बात का इंतजार कर रहे हैं। आप अभी से कल के लिये तैयार हो जाइये। लिनेक्स पर काम करना शुरू कर दीजिये। यह लोग खिड़कियों से ठन्डक नहीं आने देते हैंयह लोग गर्म खून के होते हैं आखिर कर  ‘लिनेक्स प्रयोग करने वाले ज्यादा उत्साही और कामुक होते हैं‘। कम से कम ‘आई एम लविंग इट‘।

क्या कहा कि आपको मुक्त सॉफ्टवेयर, मुक्त मानक कम समझ में आते हैं। क्यों नहीं ‘ओपेन सोर्स सौफ्टवेर‘ या फिर ‘लिनेक्स की कहानी‘ पढ़ते हैं। यदी यह भी मुश्किल लगे तो फिर पंचत्रत की कहानियों में कुछ बदलाव के साथ ‘खरगोश, कछुवा और औपेन सोर्स‘ पढ़ें।

यदि अब भी उलझन में हैं तो बिटिया रानी का सवाल  ‘पापा, क्या आप उलझन में हैं‘  देख लें। यदि यह सब भी न समझ में आये तो ‘बिटिया रानी, जैसी दुनिया चाहो, वैसा स्वयं बनो‘  की तरह जीवन शुरू कर लें।

क्या कहा, लिनेक्स पर काम करना  मुश्किल है – कोई बात नहीं, विंडोज़ पर ही मुक्त सॉफ्टवेयर का प्रयोग करना शुरू कर दीजिये। आप को तो मालुम ही होगा कि विंडोज़ पर ओपेन सोर्स के  बहुत सारे प्रोग्राम मालिकाना सॉफ्टवेयर से बेहतर चलते हैं। यदि नहीं मालुम हैं तो क्यों नहीं ‘वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें‘। यदि यह न हो सकता हो तो  ‘ओपेन सोर्स की पाती – बिटिया के नाम‘ लिखें।

यह तो आपको मानना पड़ेगा कि मुक्त सॉफ्टवेयर और मानक प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को  ‘किसी और को मुश्किल लगते वाली बात, आसान लगती है‘। यह लोग ‘सर कटा देंगे पर झुकायेंगे नहीं‘। इनके लिये ‘Impossible is Nothing‘।

ओपेन सोर्स पर काम करने वालों को यह तक नहीं मालुम है कि क्या सही है – ‘वीस्टा या विस्टा‘ पर ‘पेटेंट‘, ‘पेटेंट और कंप्यूटर प्रोग्राम‘, और ‘पेटेंट और पौधों की किस्में एवं जैविक भिन्नता‘ जैसे नीरस एवं कठिन विषयों को आसानी से समझते हैं।

इन लोगों में एक कमी तो है कि यह लोग अपने  बारे में बात करना नहीं पसन्द करते हैं चाहे दूसरे को ‘भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर‘ ही क्यों न करनी पड़े।

लेकिन यह समझते हैं कि ‘एक अकेला भी बहुत कुछ कर सकता है‘ या फिर ‘एक शब्द, एक हीरो, एक जीरो‘ बना सकता है और ‘बनेगे हम सुकरात या फिर हो जायेंगे नील कण्ठ‘ पर भी अमल करने की सोचते हैं।


२००९ में आप मुक्त सॉफ्टवेयर और मानक का प्रयोग करना शुरू कर दें। यदि आप ऐसा करेंगे तो कभी भी ‘डकैती, चोरी या जोश या केवल नादानी‘  की बात नहीं उठेगी। यह बहुत आसान है अपनी वेबसाइट की सामग्री उपलब्ध कराने की शर्तें बदल दें। यह उतनी व्यापक नहीं रखना चाहते जितनी की मेरी है तो कम से कम  कॉमन एट्रीब्यूट ३.० लाइसेन्स के अन्दर उपलब्ध करायें।


इसी आशा के साथ इस साल को विदा – २००९ आपको शुभ एवं मंगलमय हो।


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(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)

यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप –

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर लें।

सांकेतिक शब्द

Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Open source software, software, software, technology, technologytechnology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

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के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

4 Responses to २००९ मुक्त सॉफ्टवेयर और मुक्त मानक का साल होगा।

  1. नव वर्ष के लिए आपने तो ढेर सारे लिंक देकर चमकृत कर दिया। आपके और आपके परिवार के लिए भी नव वर्ष मंगलमय हो।

    सुब्रमनियम जी, नया साल आपको और आपके परिवार के लिये शुभ हो। इसमें शक नहीं कि हिन्दी चिट्ठाकारी के बढ़ने में आपका महत्वपूर्ण स्थान है। आप हमेशा टिप्पणी कर लोगों का डत्साह बढ़ाते हैं। काश, मैं भी कर पाता – उन्मुक्त

  2. निस्संदेह २००९ में मुक्त साफ्टवेयर और मुक्त मानको को अपनाने वालों में वृध्दि होगी!

    नव व्रर्ष की शुभकामनायें

  3. आप की सलाह शिरोधार्य! चलिए कोशिश करते हैं।

  4. Amit says:

    नव वर्ष की आपको हार्दिक शुभकामनाये……काफ़ी उपयोगी बातें बतायी आपने….

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