मुझे लिनेक्स से क्यों प्यार है

इसमें शक नहीं कि चित्र हजार शब्दों से बेहतर किसी बात को कह सकता है। यह चित्र इसका प्रमाण है।

(यह चित्र मेरा नहीं है। मैंने इसे यहां से लिया है।
Hi, I work on Linux and blog in Hind. I often write about open source. I am using your picture for non-profit purpose to express your point in Hindi. If you have any objection then I will remove it).

मैंने जिस चिट्ठी से यह चित्र लिया है उस पर टिप्पणी भी की है। मेरी टिप्पणी के पहले यहां १८४ टिप्पणी थीं।  मेरे विचार में यह अंग्रेज़ी चिट्ठाजगत की परिपक्कवता को दर्शाता है।

मेरी इस तरह की चिट्ठियों पर अक्सर एक भी टिप्पणी नहीं होती है। उन्हें चिट्ठाचर्चा पर भी जगह नहीं मिलती।  चिट्ठा चर्चा करने वाले धन्यवाद के पात्र हैं। वे अपने विचार  के अलावा दूसरे के बारे में  भी लिख रहे हैं पर यदि  हिन्दी जगत में विविधता देखना चाहते हैं, इसे परिपक्कव करना चाहते हैं तो चिट्ठाचर्चा का स्वरूप बदलना चाहिये।

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)

यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप –

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर लें।

सांकेतिक शब्द

Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Open source software, software, software, technology, technologytechnology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

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के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

6 Responses to मुझे लिनेक्स से क्यों प्यार है

  1. maithily says:

    आपके सुझावों के कारण मैंने भी प्रायोगिक रूप से लिनक्स का प्रयोग शुरू कर दिया है. अभी तो हम इसमें बस ओपिन आफिस और गिम्प का प्रयोग कर रहे हैं.

    ओपिन आफिस हम विन्डोज बेस्ड पीसी में भी करते हैं लेकिन लिनक्स में यह विन्डोज की अपेक्षा अधिक तेजी से चलता है.

  2. ravi says:

    “…यदि हिन्दी जगत में विविधता देखना चाहते हैं, इसे परिपक्कव करना चाहते हैं तो चिट्ठाचर्चा का स्वरूप बदलना चाहिये।…”

    आपका कहना वाजिब है. बिलकुल वाजिब. पर, मुझे लगता है कि ऐसे चर्चाकारों की भी दरकार है. आप भी बहुत पढ़ते हैं, बहुत लिखते हैं. और सभी काम की. चिट्ठाचर्चा में आप एक सहयोगी के रूप में जुड़ें तो हम सभी को खुशी होगी, और चिट्ठाचर्चा परिपक्वता की ओर एक कदम और आगे बढ़ाएगा…

    रवी जी, आपकी बात ठीक है। मैंने इस बारे में सोचा भी – पर हर की कुछ न कुछ विवश्ता होती है और हर का अलग अलग महत्व भी होता है। मैं चाहूं तो भी नारद, या फिर ब्लॉगवाणी या चिट्टाजगत जैसा काम नहीं कर सकता। उनके चलाने वालों का महत्व एकदम अलग है। मैं इस समय चिट्ठकारी ही करूं या नहीं – यही मुश्किल सी बात लगती है। यह भी करूं कि नहीं अपने में एक सवाल है। मेरा भला चाहने वालों का यही कहना है कि मुझे यह छोड़ देना चाहिये। उनके मुताबिक, मेरी जरूरत कहीं और है और मेरा समय किसी अन्य काम के लिये होना चाहिये। शायद इसे इस लिये नहीं छोड़ पाता कि मुझे भी हिन्दी से बेहद प्यार है और मैं हिन्दी चिट्ठाजगत में वह सब भी देखना चाहता हूं जिससे मुझे लगाव है। यही कारण है कि मैं विवादों से दूर रहता हूं पर जब लगता है कि हिन्दी चिट्ठजगत रास्ता भटक रहा है तो ही कुछ लिखने का प्रयास करता हूं – उन्मुक्त।

  3. Amit Jha says:

    bahut acchi jaankaari…….hamne bhi Linux main kaam kiya hua hai…..

  4. पिछले पन्द्रह दिनों से उबुन्टू लिनक्स इस्तेमाल कर रहा हूँ इससे पहले इससे वाकिफ भी नही था अंकुर गुप्ता के हिन्दी ब्लॉग से पहली बार उबुन्टू लिनक्स के बारे में पता चला , उबुन्टू की फ्री सी.डी भी अनुरोध के पांचवे दिन ही घर बैठे मिल गई | जब से लिनक्स इस्तेमाल करना शुरू किया बहुत ही सुखी हूँ विण्डो में अक्सर वायरस आने दुखी ही रहता था पिछले एक साल में ६ बार विण्डो वायरस से करप्ट हो जाने के कारण दुबारा इंस्टाल करनी पड़ी ! अब उबुन्टू इस्तेमाल करने के बाद विण्डो चलने का मन ही नही करता | कोरल ड्रा व फ्लैश आदि के लिनक्स में चलने वाले कुछ सोफ्टवेयर मिलने के बाद तो विण्डो को घर से निकल दूंगा |

    लिनक्स को बढ़ावा देने के लिए आभार !

  5. vinay kumar says:

    मैं भी Linux चलाना चाहता हूँ लेकीन क्या करूँ कभी चलाया नहीं
    पता नही कैसे चलाएँ

    • उन्मुक्त says:

      लिनेक्स को चलाना बहुत आसान है। आपको लिनेक्स तथा विन्डोज़ में कोई अन्तर नहीं लगेगा। लिनेक्स पर चलने वाले सारे प्रोग्राम विन्डोज़ पर भी चलते हैं जैसे कि, फायरफॉक्स, थन्डरबर्ड, लिब्रे-ऑफिस, गिम्प। आप चाहें तो, जो काम करते हों उसको करने के लिये उन प्रोग्रामों का प्रयोग करले जो विन्डोज़ तथा लिनेकस् दोनो पर चलते हैं। फिर लिनेक्स को लोड कर उस पर काम करने लगें। कोई मुश्किल नहीं होगी।

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