बकबक सुनना, हुआ आसान

‘उन्मुक्त जी, यह भी कोई बात हुई। बकबक कौन सुनना चाहता है?’

अरे भाई, अरे बहना, मैं उस बकबक की बात नहीं कर रहा हूं मैं तो अपने पॉडकास्ट  ‘बकबक‘ की बात कर रहा हूं। मैं अपने पॉडकास्टों को ऑग (ogg) मानक (format) में करता हूं। इसी लिये, कुछ लोगों को इसे विंडोज़ में सुनने में कठिनाई होती है।

‘अरे हांऽऽऽ। आप अपने पॉडकास्ट एमपी-३ मानक में क्यों नहीं करते हैं। ताकि हम सब आसानी से सुन सकें। हम तो आपके पॉडकास्ट सुन ही नहीं पाते हैं :-(‘

कुछ समय पहले मेरी बिटिया रानी ने भी यही सवाल पूछा था।  उसे लगता था कि मैं उलझन में हूं। मैंने उसे बताया था कि मैं अब बिलकुल उलझन में नहीं हूं और  ऑग मानक में ही पॉडकास्ट करूंगा। उसे इसका कारण यहां बताया था। इसको कारण को आप यहां एमपी-३ मानक में सुन भी सकते हैं और यदि यहीं इस चिट्ठी पर इस पॉडकास्ट को सुनना चाहें तो नीचे ► चिन्ह पर चटका लगा कर सुने।

कई लोगों को, विंडोज़ में, ऑग मानक की फाइलों को  सुनने में मुश्किल होती थी। मेरे पास अक्सर इन लोगों का ईमेल यह पूछते हुऐ आता था कि इसे कैसे सुना जाय। ऑग (ogg) मानक की फाईलों को आप विंडोज़ में, कम से कम, Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में सुन सकते हैं। लेकिन अब ये  फायरफॉक्स में भी सुनी जा सकती हैं।

‘फायरफॉक्स में भी सुनी जा सकती हैं! वह कैसे?’

यह तो आपको मालुम ही है कि अन्तरजाल पर फायरफॉक्स सबसे बेहतरीन वेब ब्रॉउज़र है। इसके सबसे नये संस्करण में ऑग मानक के लिये समर्थन है। जब आप किसी फाइल को डाउनलोड करते हैं तब यह आपसे पूछता है कि इसे सुरक्षित करें या Open with  किस प्रोग्राम में करें। इसमें आप Open with फायरफॉक्स के साथ करें। यह सुनायी पड़ने लगेगा। यहां पर यदि आप इसे किसी ऊपर लिखे प्रोग्राम के साथ Open with करेंगे तो भी सुनायी पड़ेगा।

इसका दूसरा तरीका है कि फायरफॉक्स को आप ऑग मानक की फाइलें सुनने के लिये डिफॉल्ट में कर लें। बस अगली बार जब आप इस पर चटका लगायेंगे तो आप इसे फायरफॉक्स में ही सुन सकेंगे।

‘इसे डिफॉल्ट में कैसे करें?’

यह भी बहुत आसान है। ऑग मानक की कोई फाइल डाउनलोड कर लें। उसके बाद उसका चयन कर माउस पर दहिने तरफ से चटका लगायें।

इसे Choose Program पर जायें। यहां पर फायरफॉक्स का चयन करें। इसके बाद नीचे जहां Always use the selected program to open this kind of program लिखा है वहां पर टिक कर दें। बस यह डिफॉल्ट में हो गया। यहां पर आप Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp का भी चयन कर सकते हैं तब ऑग फाइल इन प्रोग्राम में बजेगी।

है न कितना आसान, बस सुनना शुरू किजिए।

मैं तो आप सबकी आवाज सुनने को तरस रहा हूं। देरी मत कीजिए, पॉडकास्ट करना शुरू कीजिए और हां अपनी ऑडियो फाइलें,  पॉडकास्ट ऑग फॉरमैट में रखें।

क्या कहा, आप यह जानना चाहते हैं कि आप अपनी ऑडियो फाइलें,  पॉडकास्ट को ऑग फॉरमैट में क्यों रखें।

यह इसलिये क्योंकि मुक्त मानक, मालिकाना मानक से ज्यादा महत्वपूर्ण हैं। क्या आपको यह नहीं मालुम है। कोई बात नहीं।आप मेरी मुक्त मानक और वामन की वापसी श्रंखला पढ़ लीजिए। इसे मैं अभी तक संकलित नहीं कर पाया हूं। लेकिन कड़ियों में इसे आप नीचे दिये गये लिंक पर चटका लगा कर पढ़ सकते हैं।

भूमिका।। मुक्त मानक क्यों महत्वपूर्ण हैं?।। मुक्त मानक क्या होते हैं?।। मुक्त मानक क्यों उचित साधन हैं।। जयंत विष्णु नार्लीकर की विज्ञान कहानी -वामन की वापसी।। ‘वामन की वापसी’ कहानी का मुक्त मानक से सम्बंध।।

जिस तरह से ऑडियो फाइलों के लिये ऑग मुक्त मानक है वैसे विडियो फाइलों के लिये थ्योरा (Theora) मुक्त मानक है। इसे ओजीवी (ogv), के द्वारा चिन्हित किया जाता है। इस मानक के लिये भी नये फायरफॉक्स में समर्थन है। इसकी फाइलों को भी आप फायरफॉक्स में आराम से देख सकेंगे। हैं न अच्छी बात।

इस बात की कोई चिन्ता मत कीजिए कि लोगों को सुनने में मुश्किल होगी। हो सकता है कि  कुछ दिन तक ऐसा हो पर फिर सब समझ जायेंगे। मेरे साथ ही देखिये – मेरे अधिकतर पॉडकास्ट ५०० से भी ज्यादा बार सुने/ देखे जा चुके हैं। निम्न पॉडकास्ट १००० से भी ज्यादा बार सुने/ देखे जा चुके हैं। हांलाकि इनमें पहले के कुछ पॉडकास्ट एमपी-३ मानक में हैं। १००० बार से ज्यादा सुने/ देखे गये निम्न पॉडकास्ट हैं

बिलकुल देरी मत कीजिए और जल्दी से शुरू हो जाइये।

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सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें:
(Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. his will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)
यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप –
  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर लें।

सांकेतिक शब्द

Free file format, Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Linux, Open Format, Open source software, software, software, technology, technology, technology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपेन फॉमैट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, मुक्त मानक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

4 Responses to बकबक सुनना, हुआ आसान

  1. बहुत खूब भाई वैसे आग फ़ार्मेट की बात ही कुछ और है

  2. रवि says:

    बढ़िया. हमने आपका ऑग पर पॉडकास्ट सीधे फ़ायरफ़ॉक्स पर ही सुना. पर यह 3.5 तथा आगे के संस्करणों पर ही सीधे सुना जा सकेगा (विंडोज, लिनक्स दोनों में ही).
    आपके पॉडकास्टों में शोर नहीं रहता. आप इन्हें किस तरह रेकॉर्ड करते हैं कृपया बताएँ तो औरों को भी कुछ सीख मिलेगी. और, आपकी किताब कहां मिलेगी?

    रवी जी, घर में पढ़ने का कमरा है। लैपटॉप वहीं रहता है। वहीं पर पॉडकास्ट रिकॉर्ड करता हूं। यह सच है कि घर में मियां बीबी के और एक कुत्ते के अतिरिक्त कोई नहीं रहता है। घर भी शान्त जगह है। मेरे बेटा कहता है कि यह भुतही जगह है वीरान रहती है।
    किताब भेजना ….. उन्मुक्त

  3. रवि says:

    किताब भेजना …..
    आपकी समस्या जायज है🙂
    या तो हम पे भरोसा करें या फिर उसका कवर फाड़ कर भेज दें – बशर्ते पन्नों में राइटर का नाम न लिखा हो🙂

  4. Lovely says:

    रवि जी की तरह मैं भी आपकी किताब पढना चाहूंगी ..पर समस्या यह है की आप शायद मुझपर विश्वाश न कर पाएं.

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