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उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

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  • RSS बकबक पर नयी प्रविष्टियां

    • The file 'क्या चश्मदीद गवाह, न चाहते हुए भी, गलत बयान दे देते हैं' was added by unmukt
      क्या चश्मदीद गवाह, न चाहते हुए भी, गलत बयान दे देते हैं.ogg इस हिन्दी पॉडकास्ट में चर्चा है कि क्या चश्मदीद गवाह, न चाहते हुए भी, गलत बयान दे देते हैं? यह ऑग फॉरमैट में है इन फाईलों को आप,Audacity, Mplayer, VLC media player, या Firefox में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This podcast in Hindi ex […]
    • The file 'सफल वकील, मुकदमा शुरू होने के पहले, सारे पहलू सोच लेते हैं' was added by unmukt
      सफल वकील, मुकदमा शुरू होने के पहले, सारे पहलू सोच लेते हैं.ogg इस हिन्दी पॉडकास्ट में चर्चा है कि अमेरिका के प्रसिद्ध वकील लाइबोविट्ज़ को पहला मुकदमा कैसे मिला और उसमें क्या हुआ। यह ऑग फॉरमैट में है इन फाईलों को आप,Audacity, Mplayer, VLC media player, या Firefox में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर ले […]
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      वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी - कोर्टरूम.ogg यह हिन्दी पॉडकास्ट अमेरिका के प्रसिद्ध वकील लाइबोविट्ज़ और उसकी जीवनी कोर्टरूम के बारे में है। यह ऑग फॉरमैट में है इन फाईलों को आप, Audacity, Mplayer, VLC media player, या Firefox में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This podcast in Hindi is about famou […]
  • RSS मुन्ने के बापू पर नयी प्रविष्टियां

    • पुराने रिश्तों में नया-पन, नये रिश्तें बनाने से बेहतर है
      यह चिट्ठी पति पत्नी के रिश्तों के एक पहलू के बारे में है।मैंने पिछली चिट्ठी 'मैं तुमसे प्यार करता हूं कहने के एक तरीका यह भी' में लिखा था कि इन्होंने (उन्मुक्त) मुझसे आज तक यह नहीं कहा कि 'मैं तुमसे प्यार करता हूँ' और मुझे इन शब्दों का इंतजार है। मैंने यह भी लिखा था,'यह मेरा जन्मदिन हमेशा याद रखते हैं पर लगभग दो दशक पहले मेरे जन्मदिन […]
    • बादलों का घर आना और गालों की लाली
      यह चिट्ठी शिलॉंग में हमारे कुछ अनुभवों को बताती है।कुछ दिन पहले अरविन्द भाईसाहब ने एक चिट्टी 'मैं शर्म से हुई लाल ....' लिख कर गालों की लाली के बारे में चर्चा की थी। इसके बाद अभिषेक भइया ने भी 'लाली देखो लाल की...!' चिट्ठी लिख कर कुछ अलग प्रकार के अनुभव के बारे में लिखा। इन चिट्ठियों पर मुझे २५ साल पहले गालों की लाली याद आयी। मैं बहुत दिन […]
    • मैं तुमसे प्यार करता हूं कहने के एक तरीका यह भी
      कुछ समय पहले शास्त्री भाईसाहब ने अपने चिट्ठे 'कच्चे धागे - Building Relations' पर एक चिट्ठी 'मैं तुमसे प्यार करता हूँ!!' नाम से लिखी। वे कहते हैं, 'आपसी स्नेह को प्रगट करना अधिकतर भारतीय पति पत्नी के लिये बहुत मुश्किल है ... इसमें एक बदलाव आना जरूरी है।' इन्होंने (उन्मुक्त) आज तक यह शब्द मुझसे नहीं कहे, मुझे इन शब्दों का इंतजार […]
    • महिला दिवस ८ मार्च को क्यों मनाया जाता है?
      अमेरिका में सोशलिस्ट पार्टी के आवाहन पर, यह दिवस सबसे पहले सबसे पहले यह २८ फरवरी १९०९ में मनाया गया। इसके बाद यह फरवरी के आखरी इतवार के दिन मनाया जाने लगा। १९१० में सोशलिस्ट इंटरनेशनल के कोपेनहेगन के सम्मेलन में इसे अन्तरराष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका प्रमुख ध्येय महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिलवाना था क्योंकि, उस समय अधिकर देशों में महिला को वोट दे […]
    • मुझे, जब विंडोज़ विस्टा की याद आयी
      मैं अध्यापिका हूं, गणित पढ़ाती हूं। मुझे काम की जगह से लैपटॉप मिला है। इस पर विंडोज़ विस्टा ऑपरेटिंग सिस्टम था। मैं इसके पहले डेस्कटॉप कंप्यूटर पर काम करती थी, जिस पर फेडोरा है। मुझे लैपटॉप पर काम करने में मुश्किल पड़ी।यह बहुत धीमा चलता था। किसी प्रोग्राम को चलाने के बाद बहुत देर तक इंतजार करना पड़ता था।लिनेक्स से विंडोज़ पर काम करना।यह लैपटॉप मेरा नहीं है, इ […]
  • मेरे पॉडकास्ट बकबक की फीड

    मेरे पॉडकास्ट बकबक की RSS फीड यह और फीड बर्नर से फीड है यह है।
  • बकबक पर पॉडकास्ट कैसे सुने

    बकबक पर अधिकतर ऑडियो क्लिपें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप सारे ऑपरेटिंग सिस्टम में, फायरफॉक्स ३.५ या उसके आगे के संस्करण में सुन सकते हैं। इन्हें आप,

    * Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;

    * Linux पर लगभग सभी प्रोग्रामो में; और

    * Mac-OX पर कम से कम Audacity में,

    सुन सकते हैं। ऑडियो क्लिप पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। इन्हें डिफॉल्ट करने के तरीके या फायरफॉक्स में सुनने के लिये मैंने यहां विस्तार से बताया है। मैंने इसे ogg फॉरमैट में क्यों रखा है यह आप मेरे उन्मुक्त चिट्ठे की पापा, क्या आप उलझन में हैं चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं। यदि इसे mp3 फॉरमैट में सुनना चाहें तो यहां चटका लगायें।
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  • अंतरजाल की मायानगरी में: टिम बरनर्स् ली

    Posted by उन्मुक्त on June 25, 2007

    इस कड़ी को आप यहां सुन सकते हैं।

     

    ऑर्डर ऑफ मेरिट, इंगलैंड का सबसे महत्वपूर्ण सम्मान है। यह वहां की महारानी द्वारा कला, विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिये दिया जाता है।

    १३ जून २००७: टिम बरनर्स् ली, ऑर्डर ऑफ मेरिट से सम्मानित किये गये। इसके पहले २००१ में, उन्हें रॉयल सोसायटी का सदस्य बनाया गया। २००४ में नाईटहुड की उपाधि दी गयी थी। टाइम पत्रिका ने उन्हें, २०वीं शताब्दी के १०० महान वैज्ञानिकों और विचारकों में चुना है। क्या किया है उन्होने? क्यों दिये गये हैं,उन्हें यह सारे सम्मान?

    उन्हें यह सम्मान, उस कार्य के लिये दिया गया है जिसका हम सब से संबन्ध है – अंतरजाल से। उन्होने वेब तकनीक का अविष्कारक किया है। टिम को ऑर्डर ऑफ मेरिट का सम्मान दिये जाने के उपलक्ष में, मैं एक नयी श्रंखला ‘अंतरजाल की मायानगरी में’ के नाम से शुरू कर रहा हूं। इसे आप मेरे उन्मुक्त चिट्ठे पर पढ़ पायेंगे।

    इस श्रंखला में कई विषयों पर चर्चा रहेगी। हम बात करेंगे,

    • इंटरनेट और वेब इतिहास के बारे में;
    • इन दोनो में क्या अन्तर है;
    • इसके भविष्य के बारे में – इसी में यह भी चर्चा करेंगे कि क्या चिट्ठाकार पत्रकारों की जगह ले लेंगे या फिर रेडियो की या टीवी की। इस तरह की कुछ बात, मैंने अपनी चिट्ठी पत्रकार बनाम चिट्ठाकार में उठायी थी;
    • इंटरनेट पर उठ रहे मुद्दों के बारे में; और
    • मुद्दों के संभावित समाधानों के बारे में – आपके विचारों का हमेशा स्वागत है। खास तौर से, इन समाधानों की चर्चा के समय।

    इसके अतिरिक्त बहुत कुछ और भी होगा इस श्रंखला में, पर यह सब तब शुरू होगा इस समय चल रही तीन श्रंखलाओं (आज की दुर्गा, कशमीर यात्रा, और हमने जानी है जमाने में रमती खुशबू) में से किसी के भी अन्त हो जाने के बाद। जहां तक मैं समझाता हूं कि इनमें सबसे पहले हमने जानी है जमाने में रमती खुशबू ही समाप्त होगी। तब तक इंतजार कीजिये, पर आज कुछ टिम के बारे में।

    टिम का जन्म ८ जून १९५५, इंगलैंड में हुआ था। माता पिता दोनो गणितज्ञ थे। कहा जाता है कि उन्होने टिम को गणित हर जगह, यहां तक कि खाने की मेज पर भी बतायी।

    टिम ने अपनी उच्च शिक्षा क्वीनस् कॉलेज, औक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से पूरी की। विश्वविद्यालय में उन्हें अपने मित्र के साथ हैकिंग करते हुऐ पकड़ लिया गया था। इसलिये उन्हें विश्वविद्यालय कंप्यूटर का प्रयोग करने से मना कर दिया गया :-( १९७६ में, उन्होने विश्विद्यालय से भौतिक शास्त्र में डिग्री प्राप्त की।

    CERN, (सर्न) यूरोपियन देशों की नाभकीय प्रयोगशाला है। १९८४ से, टिम वहीं फेलो के रूप में काम करने लगे। वहां हर तरह के कंप्यूटर थे जिन पर अलग अलग के फॉरमैट पर सूचना रखी जाती थी। टिम का मुख्य काम था कि वे सूचनाये एक कंप्यूटर से दूसरे पर आसानी से जा सकें। उन्हे लगा कि क्या कोई ऐसा तरीका हो सकता है कि सारी सूचनायें,

    • किसी तरह से पिरोयी जा सके, और
    • एक जगह ही प्रकाशित सी लगेंं।

    बस इसी का हल सोचते, सोचते – उन्होंने वेब तकनीक का अविष्कार किया और दुनिया का पहला वेब पेज ६ अगस्त १९९१ को सर्न में बना।

    tim.gif

    लगता है टिम को नाई के पास जाना चाहिये :-)

    टिम ने इस तकनीक का जब आविष्कार किया तब वे सर्न में काम कर रहे थे। यह तकनीक सर्न की बौद्घिक संपदा थी। ३० अप्रैल १९९३ को, टिम के कहने पर सर्न ने इस तकनीक को मुक्त कर दिया। अब इसे दुनिया के लिए न केवल मुफ्त, पर मुक्त रूप से उपलब्ध है। इसके लिए किसी को, कोई भी फीस नहीं देनी पड़ती है। यह निर्णय न केवल महत्वपूर्ण था पर इंटरनेट के शुरुवाती दौर के निर्णयों के अनुरूप था जो हर तकनीक को मुफ्त व मुक्त रूप से उपलब्ध कराने के लिये कटिबद्ध थे। अब तो आप, ओपेन सोर्स दर्शन का महत्व समझ ही गये होंगे :-)

    टिम, बाद में अमेरिका चले गये। १९९४ में उन्होने, मैसाचुसेटस् इंस्टिट्युट ऑफ टेकनॉलोजी में World Wide Web Cosortium (W3C) की स्थापना की। यह वेब के मानकीकरण में कार्यरत है।

    ईंतजार कीजिये, उंमुक्त चिट्ठे पर चल रही श्रंखला के समाप्त होने काः हम तब इस श्रंखला की अगली कड़ी के अन्दर चर्चा करेंगे – इंटरनेट के बारे में, यह क्या होता है, क्या है इसका इतिहास?

    4 Responses to “अंतरजाल की मायानगरी में: टिम बरनर्स् ली”

    1. रोचक.

      अगली कडी की प्रतिक्षा रहेगी.

    2. अच्छी जानकारी ला रहे हैं. अगली कड़ी का इन्तजार करते हैं. :)

    3. वाह अच्छी जानकारी, धन्यवाद!

    4. [...] अन्तरजाल क्या है? हमें इसमें रुचि नहीं है। [...]

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