सुन्दरता का पैमाना

मिस कैलिफोर्निया - एलिस्सा कैम्पैनेल्ला

इस चिट्ठी में, मिस यूएसऐ २०११ की प्रतियोगिता में प्रतियोगियों के विकासवाद के विचारों के बारे में चर्चा है।

चार्लस् डार्विन के जन्म के २००वें साल पर,मैंने विकासवाद पर एक श्रृंखला, ‘डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े’ नाम से लिखी थी। इस श्रृंखला में, डार्विन की जीवनी, विकासवाद और उस पर उठ रहे विवाद की चर्चा है। इसकी अन्तिम कड़ी ‘हम न मानेंगे, हमारे मूरिसान लंगूर थे‘ है। इसमें इसके पहले कड़ियों के लिंक हैं।

‘उन्मुक्त जी यह सब तो ठीक है। लेकिन इस चिट्ठी के शीर्षक और इस सुन्दर युवती के चित्र का डार्विन के विकासवाद से क्या संबंद्ध है?’

अरे, ऐसी भी क्या बेसब्री – कुछ तो इंतजार करिये।

इस श्रृंखला की कड़ियों ‘डार्विन का विश्वास, बाईबिल से, क्यों डगमगाया‘, ‘सेब, गेहूं खाने की सजा‘, ‘भगवान, हमारे सपने हैं‘, ‘ब्रह्मा के दो भाग: आधे से पुरूष और आधे से स्त्री‘ और ‘सृष्टि के कर्ता-धर्ता को भी नहीं मालुम इसकी शुरुवात का रहस्य‘ में अलग अलग धर्मों पर सृष्टि के निर्माण की चर्चा है। विकासवाद का मुद्दे पर सबसे ज्यादा विवाद इसाई देशों और खासकर अमेरिका में है।  इसका कारण है यह है कि यह बाइबिल में दिये सृष्टि के निर्माण से मेल नहीं करता ब्लकि उसे नकारता है।

अमेरिका में मिस यूएसए प्रतियोगिता होती है। इस साल इसकी ६०वीं वर्षगांठ है। इसमें अमेरिका के राज्यों से चुनी सुन्दरियां भाग लेती हैं। इस तरह की प्रतियोगिताओं में, प्रतिस्पर्द्धियों से सवाल पूछे जाते हैं। इन साल इन सब से एक सवाल यह भी पूछा गया कि,

‘Should evolution be taught in schools?’
क्या विकासवाद स्कूलों में पढ़ाया जाना चाहिये?

एलिस्सा कैम्पैनेल्ला (Alyssa Campanella) मिस कैलिफोर्निया हैं। उनका जवाब था,

‘I was taught evolution in my High School growing up and I do believe in it. I am huge science geek. I like to believe in big bang theory … evolution of human … through time.’
मैंने हाई स्कूल में विकासवाद पढा था और मैं इस पर विश्वास करती हूं। मुझे विज्ञान में दिलचस्पी है। मुझे बिग बैंग सिद्धांत,समय के साथ मानव के विकास पर विश्वास है।

वे न केवल बेहद सुन्दर हैं पर एक स्वस्थ मस्तिष्क की मल्लिका भी हैं। मुझे प्रसन्नता है कि वे मिस यूएसऐ चुनी गयीं। इस बार सितम्बर २०११ में मिस युनिवर्स ब्राज़ील में चुनी जानी है। इसमें वे भाग लेंगी

मिस वरमॉन्ट - लॉरेन कार्टर

लेकिन सबसे अच्छा जवाब मिस वरमॉन्ट लॉरेन कार्टर (Lauren Carter Miss Vermont) ने दिया। उनका जवाब था,

‘I evolution should be taught in schools because not everybody necessarily has the same religious background and it’s important to have scientific facts about the world. And we do know that evolution exists, even on a small scale, like with people and with bacteria that are becoming resistant to drugs and what not—so might as well learn about it.’
मेरे विचार में, विकासवाद को स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिये कयोंकि हर कोई एक ही मज़हबी पृष्टभूमि से नहीं आता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम संसार के  वैज्ञानिक तथ्यों के बारे में  जाने। हमें मालुम विकासवाद है … औषधियां भी इसी कारण बैक्टीरियों के विरुद्ध प्रभावहीन होती जा रही हैं।

इस सवाल के, सारे प्रतियोगियों के जवाबों आप यहां एक साथ सुन सकते हैं। यह राज्यों के नाम की वर्णमाल के अनुसार हैं

अधिकतर प्रतियोगियों ने व्यवहारकुशल जवाब दिया। कुछ के जवाब तो वास्तव में निराशाजनक हैं। मुझे आश्चर्य होता कि क्या कोई ऐसे भी जवाब दे सकता है।  लेकिन कुछ के वास्तव में बेहतरीन – विकासवाद के पक्ष में। मेरे विचार से तो  लॉरेन कार्टर ही सबसे सुन्दर हैं। आप स्वयं सुन्दर महिला का चुनाव कर सकते हैं।

‘डार्विन, विकासवाद, और मज़हबी रोड़े’  की सारी कड़ियां निम्न हैंं और चटका लगा कर पढ़ी जा सकती हैंं। इसकी अधिकतर कड़ियों को, आप सुन भी सकते हैं। सुनने के लिये नीचे  लिंक के बगल में  ब्रैकेट ( ) के अन्दर लिखे लिंक पर चटका लगायें। अधिकतरऑडियो फाइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप –

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ब्रैकेट के अन्दर चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर लें।

भूमिका ()। डार्विन की समुद्र यात्रा ()। डार्विन का विश्वास, बाईबिल से, क्यों डगमगाया ()। सेब, गेहूं खाने की सजा ()। भगवान, हमारे सपने हैं ()। ब्रह्मा के दो भाग: आधे से पुरूष और आधे से स्त्री ()। सृष्टि के कर्ता-धर्ता को भी नहीं मालुम इसकी शुरुवात का रहस्य ()। मुझे फिर कभी ग़ुलाम देश में न जाना पड़े ()। ऐसे व्यक्ति की जगह, बन्दरों से रिश्ता बेहतर है ()। विकासवाद उष्मागति के दूसरे नियम का उल्लंघन करता है ()। समय की चाल – व्यवस्था से, अव्यवस्था की ओरमैंने उसे थूकते हुऐ देखा है ()। यदि विकासवाद जीतता है तो इसाइयत बाहर हो जायगी ()। विकासवाद पढ़ाना मना करना, मज़हबी निष्पक्षता का प्रतीक नहीं ()। सृजनवाद धार्मिक मत है विज्ञान नहीं है ()। ‘इंटेलिजेन्ट डिज़ाईन’ – सृजनवादियों का नया पैंतरा ()। यू हैव किल्ड गॉड, सर ()। हम न मानेंगे, हमारे मूरिसान लंगूर थे ()।

इस चिट्ठी में, सुन्दर महिलाओं के चित्र ‘All About Pagents‘ चिट्ठे के सौजन्य से हैं।

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: