सरकार और न्यायालय भी समझने लगे मुक्त सॉफ्टवेयर का महत्व

इटली के संवैधानिक न्यायालय की इमारत विकिमीडिया के सौजन्य से

लगता है कि न केवल सरकारें पर न्यायालय भी मुक्त सॉफ्टवेयर का महत्व समझने लगे हैं।

पिज़ मॉन्टे (Piedmont) इटली का उत्तरी पश्चमी क्षेत्र है। ट्यूरिन इसकी राजधानी है। इसने एक नया कानून बनाया कि सरकारी कामों में मुक्त सॉफ्टवेयर को  प्राथमिकता दी जायगी।  इस कानून की संवैधानिकता को चुनौती दी गयी।

इटली की संवैधानिक न्यायालय (Constitutional Court of Italy) ने इसके दो प्राविधान धारा १(३) एवं ३ को गैरकानूनी और बाकी प्राविधानों को कानूनी घोषित कर दिया गया है। यह फैसला २३ मार्च २०१० को दिया गया है और यहां पर देखा जा सकता है। लेकिन इस समय न्यायालय के वेब साईट पर काम के चलते इसे देखने में मुश्किल पड़ सकती है।

क्या अपनी सरकार कुछ इस तरह का कदम उठायेगी क्या न्यायालय ऐसे फैसला करेंगे – देखिये भविष्य में बहुत कुछ छिपा है।


मुक्त सॉफ्टवेयर से संबन्धित अन्य चिट्ठियां

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Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. his will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)
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के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

One Response to सरकार और न्यायालय भी समझने लगे मुक्त सॉफ्टवेयर का महत्व

  1. L.K says:

    aap ashawadi hain🙂

    ..achchha laga …main bhi hun …

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