गाना, विडियो अपलोड करने वालों – सावधान

मैंने कुछ समय पहले उन्मुक्त चिट्ठे पर अंतरजाल की मायानगरी में नामक एक श्रंखला लिखी थी। इस चिट्ठी में वेब के इतिहास, उसके आविष्कार, उसके भविष्य, उसके कारण उठ रही मुश्किलों, सवालों और कानूनी अड़चनों के बारे में चर्चा की गयी है। इसकी एक कड़ी ‘गोलमाल है भाई गोलमाल‘ में बताया था

‘बाज़ार में हर तरह की सीडी मिलती – कानूनी, गैर कानूनी। यदि आप कानूनी वीडियो या संगीत की सीडी खरीदते हैं तो उसे आप सुन तो सकते हैं पर उसे या उसके भाग को किसी वेबसाइट {(जैसे यूट्यूब (youtube) या ईस्निप्स् (esnips)} पर अपलोड कर, उसे सार्वजनिक कर देना, गलत है। यह कॉपीराइट का उल्लंघन है। गाने अपलोड करना कॉपीराइट का उल्लंघन है।’

यह भी सच कि कुछ परिस्थितियों में कॉपीराइट का उल्लंघन नहीं होगा। इस बारे में आप मेरी चिट्ठी, ‘मुज़रिम उन्मुक्त, हाज़िर हों‘ पर पढ़ सकते हैं।

अमेरिका में, युनिवर्सल म्यूज़िक ग्रुप ने, जैमी थॉमस रैसेट (Jammie Thomas Rasset) नामक महिला पर मुकदमा चलाया कि उसने २४ गानों को अपलोड कर दूसरों को कॉपी करने की सुविधा दी। इस मुकदमे में जैjammie thomas kidsमी का कहना था कि उसने कोई गाना अपलोड नहीं किया था।

जैमी थॉमस रैसेट अपने दो पुत्रों के साथ

जैमी के ऊपर पहले चला मुकदमा, जूरी को ठीक से न निर्देश देने के कारण रद्द कर दिया गया। उसके ऊपर फिर से मुकदमा चलाया गया। उनके पहले वकील ब्राइन टोडर (Brian Toder) ने उन्हे पैसे न मिलने के कारण मुकदमे से अपना नाम, न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद हटा दिया था। जैमी के नये वकील, २५ साल के किवि कामारा (Kiwi Camara) हैं।

कामारा ने १९ साल की उम्र में हावर्ड विश्वविद्यालय में कानून का दाख़िला लिया था। वे हावर्ड से कानून की शिक्षा लेने वाले सबसे कम उम्र के विद्यार्थी है। वे यह मुकदमा बिना कोई फ़ीस लिये कर रहे थे। उनके मुताबिक उन्होंने यह मुकkiwi camaraदमा इसलिये लिया ताकि अन्य मुक़द्दमों में यह नज़ीर बन सके।

जैमी के वकील किवी कामारा

जूरी ने, जैमी की कोई बात नहीं मानी और उस पर ८०,००० डॉलर प्रति गाना, कुल १९ लाख २० हज़ार डॉलर का जुर्माना लगाया गया। यह इस तरह का पहला मुकदमा है।

माना जैमी गलत है।  लेकिन फिर भी क्या एक गाने के लिये ८०,००० डॉलर सही है?

इस बारे में, आप विस्तार से, नीचे ज़मेन्टा के द्वारा बताये सम्बन्धित लिखों में पढ़ सकते हैं।

 

उन्मुक्त की पुस्तकों के बारे में यहां पढ़ें।

इस चिट्ठी का पहला चित्र यहां और दूसरा  यहां से लिया गया है।

अंतरजाल की मायानगरी में

टिम बरनर्स् ली।। इंटरनेट क्या होता है।। वेब क्या होता है।। वेब २.०।। सॅमेंटिक वेब क्या है और विकिपीडिया का महत्व।। लिकिंग, क्या यह गलत है।। चित्र जोड़ना – यह ठीक नहीं।। फ्रेमिंग भी ठीक नहीं।। बैंडविड्थ की चोरी – क्या यह गैर कानूनी है।। बैंडविड्थ की चोरी – कब गैरकानूनी है।। डोमेन नाम विवाद क्या होता है।। समान डोमेन नाम विवाद नीति, साइबर और टाइपो स्कवैटिंग।। की वर्ड और मॅटा टैग विवाद।। गोलमाल है भाई गोलमाल।। गाना, विडियो अपलोड करने वालों – सावधान।। अन्तरजाल पर कानून में टकराव।। समकक्ष कंप्यूटर के बीच फाइल शेयरिंग।। शॉ फैनिंग, नैपस्टर सॉफ्टवेयर, और उस पर चला मुकदमा।। कज़ा केस।। ग्रॉकस्टर केस।। ग्रॉकस्टर केस में अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय का फैसला।।

ज़ेमन्टा के द्वारा बताये गये सम्बन्धित लेख

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के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

4 Responses to गाना, विडियो अपलोड करने वालों – सावधान

  1. Girijesh Rao says:

    हम तो अपलोड करते ही नहीं। जो करें वे जानें।
    अवैधानिक कार्य नहीं करना चाहिए। एक समय सीमा के बाद किसी भी मनुष्य की कृति पूरे मानव समाज की सम्पत्ति होनी चाहिए। वह समय सीमा भी तार्किक होनी चाहिए।

  2. फैसला पढ़ चुका हूँ। पर यह कारोबार फिर भी नहीं रुक रहा है। वास्तविकता यह है कि बहुत कापीराइट स्वामी खुद चाहते हैं लोग उन की फाइलों को अपलोड करें। उन को कोई आपत्ति नहीं है। वे कोई कार्यवाही नहीं करते तो अपलोड करने वालों की हिम्मत बढ़ जाती है।

  3. विवेक says:

    लोकप्रिय उपन्यासकार पाउलो कोएलो ने खुद स्वीकार किया है की वे अपनी नवीनतम कृतियों को स्वयं ही अनाधिकृत रूप से (बिना प्रकाशक की अनुमति के) अपलोड करते रहे हैं (विकिपीडिया).

  4. पिंगबैक: इंटरनेत (अन्तरजाल) का प्रयोग – मौलिक अधिकार है « छुट-पुट

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