पहेली – बताइये, आज कौन सा दिवस है?

क्या आप जानते हैं कि आज कौन सा दिवस है

उन्मुक्त जी, क्या मालुम आज कौन सा दिवस है, कहां तक याद रखें। रोज ही कोई न कोई दिवस आ जाता है। अब यह कौन सा नया दिवस है?’

यह सच है। जिस दिन देखो उस दिन एक दिवस है।बस इसी लिये मैं भी इसके बारे में बात करना भूल गया। आज मुक्त प्रलेख दिवस (Document Freedom Day) है। यह इसका दूसरा साल है। इस साल इसे, मार्च महीने के आखरी बुद्धवार यानि कि २५ मार्च को, आज, मनाया जाना है। इसके बारे में विस्तार से आप इसकी वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं। भारत में भी यह कई जगह मनाया जा रहा है। इसकी सूची यहां है।

‘उन्मुक्त जी, इसे मनाने का क्या कारण है?’

कुछ समय पहले मैंने अपने उन्मुक्त चिट्ठ पर मुक्त मानक और वामन की वापसी श्रंखला लिखी थी। इसकी कड़ियों के लिंक नीचे दिये हैं। आप उसमें जा कर मुक्त मानक के महत्व को समझ सकते हैं। लोगों को, इसी महत्व के बारे में बताने और इसे उजागर करने के लिये, इसे मनाया जा रहा है।

‘उन्मुक्त जी, हम इसके लिये  क्या कर सकते हैं?’

Computer rigeneriamoci
Image by rigeneriamoci via Flickr

इसमें भाग लेने के लिये तो देर हो गयी है पर आप इसके लिये बहुत कुछ कर सकते हैं और यह करना बहुत आसान है। बस आप ओपेन ऑफिस डाट ऑर्ग का ऑफिस स्वीट प्रयोग करने लगें। यह न केवल मुक्त है पर मुफ्त भी। इसे डाउनलोड करें और प्रयोग करने लगें।  आपके सारे प्रलेख अपने आप ही मुक्त मानक में हो जायेंगे।

‘उन्मुक्त जी, आप कह रहें तो जरूर यह केवल लिनेक्स में चलता होगा?’

नहीं, नहीं इसके लिये आपको लिनेक्स पर काम करने की जरूरत नहीं है। यदि आप विंडोज़ या मैक पर भी काम करते हों तो भी ओपेन ऑफिस डाट ऑर्ग में काम कर सकते हैं। यह सारे ऑपरेटिंग सिस्टम पर बहुत अच्छा काम करता है।  है न कितना आसान। तो कब शुरू कर रहे हैं  इसका प्रयोग करना।

यदि आप माइक्रोसॉफ्ट का एम एस वर्ड (MS Word)  प्रयोग करते हैं तो भी आप मुक्त मानक पर काम कर सकते हैं। इसके लिये आप सन माइक्रोसिस्टम के द्वारा निकला हुआ प्लगइन अपने कंप्यूटर में स्थापित कर लें। इसे आप यहां से मुफ्त में डाउनलोड कर सकते हैं।

मुक्त प्रलेख दिवस की शुभकामनाओं के सहित और इस आशा के साथ, कि आप बहुत जल्दी ही ओपेन ऑफिस ऑर्ग और मुक्त मानक का प्रयोग करना शुरू करेंगे।

मुक्त मानक और वामन की वापसी श्रंखला की कड़ियां

सांकेतिक शब्द
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के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

6 Responses to पहेली – बताइये, आज कौन सा दिवस है?

  1. ओपन ऑफिस प्रयोग कर चुका हूँ। पर इस के प्रलेख अन्यत्र खोलने में परेशानी आती है। लेकिन इस का सार्वत्रिक उपयोग ही इस का उपाय है।

    द्विवेदी जी, ओपेन ऑफिस आपको सारे मानक में प्रलेख सुरक्षित करने की सुविदा देता है। आप जिस में चाहें (doc मानक में भी) उसमें प्रलेख को सुरक्षित कर सकते हैं। उसके बाद आपको कहीं भी मुश्किल नहीं होगी।
    एमएस वर्ड में इस मानक को बहुत अच्छी तरह से खोला जा सकता है। इसके लिये यहां से मुफ्त में प्लगइन डाउनलोड कर कंप्यूटर में स्थापित कर लें। मैंने यह बात अपने लेख में भी बढ़ा दी है – उन्मुक्त।

  2. हम तो करते ही हैं इसका प्रयोग व कई अन्य मुक्त स्रोत उत्पादों का भी। पहले की अपेक्षा अब तो यह काफ़ी उन्नत हो गया है। यद्यपि माईक्रोसॉफ़्ट का हमेशा यही प्रयास रहता है और रहेगा कि अपने “ऑफिस” उत्पादों में नवीन सुविधाओं को जोड़ने का, और इसी के चलते यदा-कदा कुछ प्रलेखों में यह अनुकूलता (compatibility) की समस्या आती है – फिर भी यदि अधिकाधिक लोग इसका प्रयोग करें तो यह और भी कम होगी।

  3. सचमुच अब तो दिवस की बात एक पहेली ही है -मगर यह मानव उपलब्धियों का नजारा भी पेश कर रही है -अब मुक्त अभिलेख दिवस भी क्या कोई कम बड़ा आन्दोलन है ? शुक्रिया !

  4. maithily says:

    मैं पिछले कई सालों से ओपन आफिस का प्रयोग कर रहा हूं और यह बहुत अच्छा काम कर रहा है.

  5. मुक्त स्त्रोत का प्रशंसक हूँ जी. ज्यादा क्या लिखें. बताने के लिए आभार.

  6. Sahana says:

    Bahut Khoob..mein isko prayog karke, aapko bataungi ki mujhe kaise laga:)

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