क्या आप सांपों से चम्पी कराना चाहेंगे

स्पा (spa), एक ऐसी जगह, जहां आप स्वास्थ्य या तंदुरुस्ती बनाने के लिये जाते हैं। अधिकतर अच्छे होटलों में स्पा होते हैं पर क्या कोई ऐसी भी जगह है जहां सांपो को शरीर के उपर चला कर, उनसे चम्पी की जाय, जिससे आराम मिले?

उत्तरी इसराइल में, एडा बैरक (Ada Barrack) के पास मांसाहारी पेड़ों की बाड़ी है। उनके पेड़ कीड़ो मकड़ों से लेकर, छोटे स्तनपायी जानवर खाते हैं वे इसे लोगों को दिखा कर पैसा कमाती हैं। अपनी बाड़ी दिखाते समय पड़ों में छोटे मोटे सांप को बाहर निकालती हैं अक्सर उसे देखने वाले लोगों को दे देती हैं। कुछ ने उनसे कहा कि सांप को पकड़ कर उन्हें आराम मिलता है। बस इसी से उन्हें लगा कि क्यों न भारी सांपों को लोगो पर चला कर उन्हें आराम की अनुभूति करवायी  जाय और उन्होंने इस तरह का   स्वास्थ्य केन्द्र खोल दिया। यह चल निकला। बहुत से लोग उनके पास इसी काम के लिये आते हैं।

वे सांपों को आपके खुले शरीर के ऊपर डालती हैं और लोगों के मुताबिक, जब सांप शरीर पर चलते हैं तो उन्हें आराम, एक तरह की शान्ति मिलती है। वे, इस बात के लिये, ८० डॉलर लेती हैं।  आश्चर्य बहुत से लोगों यह अच्छा लगता है।

इसके बारे में आप विस्तार से, टाइम पत्रिका के इस लेख में पढ़ सकते हैं। यह चित्र भी वहीं से उन्हीं के सौजन्य से है। इस बारे में यदि विडियो देखना चाहें तो यहां देखिये। विडियो देखने के बात कुछ अजीब सी अनुभूति होती है। बाद में यह मता कहियेगा कि मैंने बताया नहीं।

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के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

8 Responses to क्या आप सांपों से चम्पी कराना चाहेंगे

  1. इस पोस्ट को पढने से ही अजीब सी अनुभूति होने लगी, तो न फोटू देखी न वीडियो

  2. एक नया अहसास संभवतः एक नयी ऊर्जा का प्रणेता बनता होगा.
    जानकारी के लिए आभार.

  3. मुझे तो विचार मात्र से गुदगुदी होने लगी। अपन तो कराने से रहे।

  4. mehek says:

    bahut hi ajeeb baat hai.magar aisa bhi hota hai.

  5. इस तस्वीर में दिखाए गए साँप का काटा फिर भी पानी मांग लेता है, लेकिन राजनैतिक साँपों का काटा तो पानी मांगने लायक भी नहीं रहता.

  6. Cuckoo says:

    मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए पढने के बाद | मुझे तो माफ़ ही कीजिये |

  7. प्रभु! अजब तेरी दुनिया, गजब तेरे लोग्

  8. LOVELY says:

    main kya kahun ..main to sarp premi hun🙂 ek tajurba ye bhi sahi

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