तुम जियो हज़ारों साल, साल के दिन हो हज़ार

‘उन्मुक्त जी, किसका जन्मदिन है किसे बधाई दे रहे हैं, हमें भी तो बताइये। क्या अकेले ही केक खा लेंगे?’

अरे मैं अकेले थोड़े ही केक खाना चाहता हूं। इसी लिये तो आपको बता रहा हूं। २५ साल पहले २७, सितम्बर को ग्नू योजना (GNU project)  का जन्म हुआ था।


‘ग्नू योजना? अरे,  यह क्या बला है?’

ग्नू Gnu is not Linux शब्दों के प्रथम अक्षरों से बना शब्द है। ग्नू प्रोजेक्ट को २५ साल पहले रिचार्ड स्टालमेन (Richard M Stallmann) ने शुरु किया था। इसी से फ्री या कॉपीलेफ्टेड सॉफ्टवेयर का जन्म हुआ। मैंने चिट्ठाकारी २००६ के शुरू में प्रारम्भ की थी। शुरुवात के दौरान मैंने एक श्रंखला  ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर के नाम से की थी इसी श्रंखला की कॉपीलेफ्ट और फ्री सौफ़टवेर: इतिहास कड़ी में इनके बारे में लिखा है। इसकी एक और कड़ी में ओपेन सोर्स सौफ्टवेर – क्या है में ओपेन सोर्स से इसका अन्तर बताया है। यहां आप इसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। यदि आप पूरी श्रंखला को एक साथ पढ़ना चाहते हैं तो ओपेन सोर्स सौफ्टवेर पर पढ़ सकते हैं।


आइये आप भी जन्न्मदिन केक का आनन्द लीजिये।

This photograph is not mine and is courtesy this post.

जन्मदिन पर आप कोई न कोई उपहार तो देना ही चाहेंगे। मैं बताता हूं कि क्या उपहार दें। क्यों नहीं एक वह प्रोग्राम प्रयोग करना शुरू करें जो को ओपेन सोर्स का हो।

क्या कहा आपको किसी इस तरह के प्रोग्राम के बारे में नहीं मालुम! कोई मुश्किल नहीं।  क्यों नहीं ओपेन सोर्स की पाती – बिटिया के नाम या फिर वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें चिट्ठी पढ़ लीजिये सब मालुम हो जायगा 🙂

लिनेक्स वास्तव में ग्नू लिनेक्स है क्योंकि यह ग्नू योजना के प्रोग्रामों पर आधारित है। इसका प्रयोग क्यों नहीं करते हैं। यदि आप,

 

२५ साल पूरे होने पर इसके बारे में जानकारी के लिये, अंग्रेजीं का यह विडियो देखिये।

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi
(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)

 

यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप –

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।

सांकेतिक शब्द

Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Open source software, software, software, technology, technologytechnology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

7 Responses to तुम जियो हज़ारों साल, साल के दिन हो हज़ार

  1. अच्छी जानकारी दी है। आभार

  2. जन्म दिन की बधाई ग्नू के जन्म दिवस पर और इसपर प्रुस्तुती के लिए उन्मुक्त जी आपको भी !

  3. GNU के जन्मदिन पर आप के साथ सारी दुनियाँ को बधाई। हमारी शुभकामना है कि सब उन की रुचि और क्षमता के अनुसार काम करें और सारी दुनियाँ में आवश्यकता की वस्तुएँ GNU हो जाएँ।

  4. रवि says:

    बढ़िया जन्मदिन बधाई व्याख्यान. धन्यवाद. इससे निश्चित ही और लोग ग्नू से जुड़ेंगे.

  5. नीरज says:

    उन्मुक्त जी,

    आपका ओपन सोर्स सॉफ्टवेर के प्रति इतना सच्चा लगाव देख के बहुत ही अच्छा लगता है. जरूर इसी तरह परिवर्तन आता है.

    धन्यवाद.
    नीरज

  6. Manika says:

    Were? Were is the that song i want this is the baddest website i have seen in the internet

    • उन्मुक्त says:

      मानिका जी, आप किस गीत के बारे में बात कर रहे हैं। ऐसी क्या गुस्ताखी हो गयी कि आपने इसे सबसे खराब वेबसाइट बना दिया।

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