ऐ मेरे दिल कहीं और चल

ऐ मेरे दिल कहीं और चल,

फायरफॉक्स की सूरत से दिल भर गया,

ढ़ूंढ ले परसोना कोई नया।

चल जहां बोरियत न हो,

जहां गुस्से की आकांशा न हो,

बस शान्ति हो जहां।

मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि फायरफॉक्स सबसे बेहतरीन वेब ब्रॉउसर है पर क्या इसकी एक ही सूरत देखते आपका मन नहीं भरता, क्या आप नहीं चाहते कि यह बदल जाय। यदि आपका जवाब हां है तो समझिये आपकी मुराद पूरी हो गयी।

अब आप अपने फायरफॉक्स की सूरत (theme) बदल सकते हैं

मॉज़िला लैबस् ने फायरफॉक्स का परसोनास् नाम का नया प्रसार निकाला है। इसे फायरफॉक्स में जोड़ें और मन पसन्द सूरत (theme) पायें।

आप को तो मालुम ही है कि मुझे तो शान्ति से ही चिपकना पसन्द है। इसीलिये मैंने तो अपने फायरफॉक्स में शान्ति (tranquility) नाम की सूरत (theme) डाली है। देखिये फायरफॉक्स में मेरा पेजफ्लेक कैसा लगता है।

सबसे बायें कॉलम में है मेरा उन्मुक्त हिन्दी चिट्ठों का फीड एग्रेगेटर, दूसरे कॉलम में है आप सबके पॉडकास्ट (यदि किसी का ना हो तो कृपया बता दें ताकि मैं जोड़ दूं), तीसरे कॉलम में है मेरे और मेरी पत्नी के चिट्ठे और चौथे में है मेरे पसन्दीदा कुछ अन्य वेबसाइट।

मैं जानता हूं कि आप यहां यह शीर्षक पढ़ कर फायरफॉक्स के बारे में पढ़ने नहीं आये थे आप तो दाग फिल्म में तलत महमूद का गाना सुनने आये थे जो कि दिलीप कुमार पर फिलमाया गया था। यह गाना यदि आप अल्पना जी की आवाज में सुनना चाहें तो यहां जा कर सुन सकते हैं। मूल गाना सुनने के लिये यहां चटका लगायें और देखना चाहते हैं तो यहां देखें

हिन्दी में नवीनतम पॉडकास्ट Latest podcast in Hindi

(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)

  • विज्ञान कहानियों के जनक जुले वर्न
  • अंतरजाल की माया नगरी की नवीनतम कड़ी: ग्रॉकस्टर केस में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का फैसला

यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप –

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।

सांकेतित शब्द

Internet, technology, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर, सॉफ्टवेर, सौफ्टवेर, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीकी,

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

3 Responses to ऐ मेरे दिल कहीं और चल

  1. Atul Kumar says:

    बहुत अच्छा लगा.

  2. mehhekk says:

    bahut achha laga padhkar

  3. alpana says:

    rochak jaankari hai..

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