चिट्ठे और पॉडकास्ट के लिये सहयोग

मैंने कुछ दिनो पहले हिन्दी चिट्ठों की प्रविष्टियों का उन्मुक्त फीड एग्रेगेटर बनाया था। यह उन्मुक्त इसलिये है क्योंकि यहां सबका स्वागत हैं। यह बिना भेदभाव करे सारी चिट्ठियों की सूचना देता है। इसका नाम देवनागरी चिट्ठे रखा था क्योंकि यह केवल चिट्ठों की नयी प्रविष्टियों को बताता था। मैंने इसमें कुछ सुधार किया है। यह पॉडकास्ट की भी प्रविष्टियों को बताता है। इसलिये, इसका नाम बदल कर अब ‘चिट्ठे और पॉडकास्ट‘ कर दिया है। इसी के लिये कुछ सहयोग की आवश्यकता है।

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खबराइये नहीं – कोई आर्थिक सहयोग नहीं चाहिये🙂 इसमें न केवल कोई धेला खर्च हुआ है, न ही तकनीक के किसी ज्ञान की जरूरत है। मैं केवल यह सहयोग चाहता हूं कि जब आप हिन्दी (देवनागरी लिपि) में लिखे या हिन्दी में पॉडकास्ट करें तो कुछ देर बाद देख लें कि क्या यह आपकी प्रवष्टि बता रहा है कि नहीं। यदि नहीं बताता है तो उस प्रविष्टि के साथ मुझे ईमेल पर सूचना दे दें या यहीं पर टिप्पणी कर दें।

मैंने यह क्यों बनाया, कैसे बनाया, यह सब कुछ आप मेरी चिट्ठी ‘अंतरजाल पर हिन्दी कैसे बढ़े‘ पर पढ़ सकते हैं।

चलते, चलते, कुछ खास खबरेंः

  • फोर्बस् पत्रिका के अनुसार एस.सी.ओ. के मुकदमें में निर्णय के बाद लिनेक्स का प्रयोग बढेगा। नॉवल के शेयरों मे २०% बढ़ोत्तरी आयी है है और एस.सी.ओ. के शेयरों और गिर कर केवल ४३ सेन्ट के ही रह गये हैं। अब देरी किस बात की है आप क्यों नही लिनेक्स स्थापित करते। क्या कहा, समझ में नहीं आता कि कैसे करें। लिनेक्स स्थापित करने का आसान विडियों यहां देखिये।
  • जापान ने इस साल जुलाई में मुक्त  फॉरमैट स्वीकार कर लिया।  संयक्त राष्ट्र भी इसे स्वीकार करने की वकालत कर रहा है। मलेशिया सरकार ने भी स्वीकार कर लिया है।

मैं पहले ogg फॉरमैट पर पॉडकास्ट कर रहा था। मैंने फिर इसे mp3 पर करना शुरू किया। यह सब पढ़ने के बाद लग रहा है कि मैंने गलती की – मुझे ogg फॉरमैट पर पॉडकास्ट करना चाहिये न कि mp3 में। आगे से अब पुनः ogg फॉरमैट पर ही पॉडकास्ट करूंगा क्योंकि यह मुक्त है mp3 तो मालिकाना है। आईपॉड, आज नहीं तो कल, ogg फॉरमैट का समर्थन करेंगे।

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

3 Responses to चिट्ठे और पॉडकास्ट के लिये सहयोग

  1. रवि says:

    आपको बधाई. सुंदर , उत्तम प्रयास है.🙂

  2. mamta says:

    अच्छा हुआ जो बता दिया🙂

  3. अति उत्‍तम,

    ठीक हम आपके कथनानुसार काम करेगें🙂

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