विकिपीडिया के बढ़ते कदम

कुछ समय पहले मैंने अपने उन्मुक्त चिट्ठे पर कछुवा, खरगोश, और ओपेन सोर्स के बारे में लिखा था। विकिपीडिया इसका सबसे अच्छा उदाहरण है – लोग किस प्रकार से मिल कर इतना बड़ा काम कर सकते हैं।

ब्रिटानिका इनसाइक्लोपीडिया सबसे अच्छा ज्ञान का भंडार माना जाता है पर इसमें भी गलतियां हैं जो कि विकिपीडिया में ठीक कर दी गयी हैं। न्यायालय भी अब विकिपीडिया का संदर्भ देने लगे हैं – इस लेख को पढ़ने के लिये आपको न्यू यॉर्क टाईमस् में रजिस्टर कराना पड़ेगा जो कि मुफ्त है। हांलाकि कभी कभी विकिपीडिया की सत्यता पर सवाल उठ जाते हैं।

हम सब को कोशिश करनी है कि हिन्दी विकिपीडिया भी कुछ इस तरह की हो। मैं इसके लिये थोड़ा बहुत, जो भी हो सके, करता हूं। हिन्दी विकिपीडिया कैसे बढ़े, इस पर लेख कैसे डाले जांय – इस बारे में मैंने चार चिट्ठियां भी लिखी हैंः

हम सब, कुछ न कुछ, हिन्दी विकिपीडिया को दे सकते हैं। क्या आपने इसमें अपना सहयोग देना शुरू किया?

आजकल कई लोग, विवादों से तंग होकर, हिन्दी चिट्ठाकरी छोड़ने की बात करते हैं या फिर छोड़ चुके हैं। यदि आपको विवाद परेशान करते हैं तो क्यों न कुछ दिन केवल हिन्दी विकिपीडिया में सहयोग करें – मन में शान्ति आयेगी और एक अच्छा काम होगा।

देर किस बात की – बन जाइये सदस्य और शुरू हो जाइये 🙂

अन्य सांकेतिक चिन्ह

technogy, तकनीकी, सूचना, हिन्दी, विधि/कानून

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

6 Responses to विकिपीडिया के बढ़ते कदम

  1. arun says:

    ये हुआ नियोजन का शान्दार योजन.
    सही है जी उंगलिया अभ्यस्त हो चुकी है छूटता नही है लिखने का जूनून तो कुछ अच्छा ही किया जाय…

  2. prakruti says:

    Wikipedia ke baare mein mera anubhav bahut kharab raha hai. Sabase pahali baat yah hai ki , yah website Americano dwara chalayi ja rahi hai aur isliye woh ham sab par apna adhikar jatane se nahin chukate. Bharatiya logon ko woh hamesha pareshan karate hain. Maine Wikipedia english mein Ayurveda, Homoeopathy aur doosare vishayon par apna yogadan diya, par kai mahatvapoorna articles isliye delete kar diye gaye the ki wah sab bhartiyon dwara likha gaya tha. Yahan bhi GANGS hain aur GANGESTERS bhi hain, jo apni DADAGIRI chalate rahate hain. Nai Umar ke ladake 20 25 saal wale , unase dugani umra ke scientiston ko yah bata rahe hain ki research kaise karani chahiye. Wikipedia kahin bhi reference ke liye quote nahin kar sakate, kyonki isame kamiya bahut si hain. Rahi baat adalat mein reference qote karane ki, jahan tak meri jankari hai, ise kisi bhi Bharatiya adalat mein manyata nahin hai.

    ऊपर लिखे विचार टिप्पणीकर्ता (prakruti) के व्यक्तिगत विचार हैं। मैं इनसे सहमत नहीं हूं। मैंने इन्हें यहां पर जगह इसलिये दी कि इनकी बात भी आनी चाहिये। मैं इस वेबसाइट पर भी गया। मैं केवल इतना कहना चाहूंगा कि चिकित्सा की बहुत सारी पद्धतियां हैं पर सारी पद्धतियों को प्रत्येक देशों में मान्यता नहीं है। जिन पद्धितियों को सब जगह मान्यता नहीं है उसके बारे में यदि लेख हटा दिये गये तो उसमें मुझे कोई गलती नहीं लगती है। विकिपीडिया में हर तरह के लेख नहीं रखे जा सकते हैं। उम्र बहुत कुछ सिखाती है पर यह सोच लेना कि ज्यादा उम्र के लोगों कि ही बात सही है – ठीक नहीं। विकिपीडिया बहुत जगह संदर्भित की जाती है और आने वाले समय पर यह बढ़ेगा। – उन्मुक्त

  3. Anunad Singh says:

    मेरा भी यही विचार है कि विकिपेडिया पर उपयोगी हिन्दी सामग्री जोड़ना सबसे बड़ी हिन्दी-सेवा हो सकती है। सभी हिन्दी प्रेमियों को प्रति माह कम से कम एक हिन्दी विकिपेडिअया पृष्ट बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिये।

  4. सही विचार है। मैं भी इसी विचार से सहमत हूं।

  5. Shrish says:

    कभी कभार हिन्दी विकिपीडिया पर कुछ लिख लेता हूँ। लेकिन एक चीज जो मुझे हमेशा इससे दूर ले जाती है वो है वर्तनी की अशुद्धियाँ। पता नहीं विकिपीडिया पर लिखने वालों की वर्तनी इतनी खराब क्यों है।

    श्रीष जी, मेरे विचार से कुछ लिखना, न लिखने से बेहतर है – कम से कम वे लोग इस शुभ काम में समय तो देते हैं। सबकी वर्तनी ठीक नहीं होती। दूसरी भाषा के शब्दों की वर्तनी पर विवाद भी है। शायद अच्छे वर्तनी वाले लोग गलत वर्तनी को ठीक कर दें तो काम और अच्छा हो। – उन्मुक्त

  6. Thanks nice info on HIND WINKI

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