सोलैरिस: Solaris

आप तो यही सोच रहें हैं न कि,

‘लगता है कि उन्मुक्त जी, स्टेंस्लॉ लेम के विज्ञान-कल्पित उपन्यास सोलैरिस (Solaris) की बात करने जा रहे हैं।’

 

स्टेंस्लॉ लेम विज्ञान-कहानी लिखने वाले एक पोलिश लेखक थे। १९६१ में उन्होने सोलैरिस नामक उपन्यास लिखा। इसका अनुवाद पोलिश से पहले फ्रेंच में, फिर फ्रेंच से अंग्रेजी में किया गया। सोलैरिस ग्रह समुद्र से ढ़का है। वहां पर लोगों को उनके अवचेतन मस्तिक्ष में दबे अजीबोगरीब ख्याल उभर कर आने लगते हैं। उनकी समझ में यह नहीं आता है कि यह क्यों हो रहा है। यह कहानी एक दूसरे से सम्पर्क करने के तरीकों के बारे में है। यह विज्ञान की कल्पित कहानियों की उच्च कोटि की कृतियों में गिनी जाती है। पर आप गलत सोच रहें हैं – मैं इसके बारे में बात नहीं करना चाहता हूं।

‘अच्छा तो उन्मुक्त जी आप आईसेक ऐसिमोव के उपन्यास द नेकेड सन (The Naked Sun) के बारे में बात करना चाहते हैं। जिसके वर्णित ग्रह के लोगों की तरह आप हैं। यह तो आपने ही रचना जी के पहले और तीसरे सवाल के जवाब पर एक अनमोल तोहफ़ा चिट्ठी पर बताया है।
उन्मुक्त जी आप गलत फहमी में जी रहें हैं क्योंकि उसमें ग्रह का नाम सोलैरिआ (Solaria) है न कि सोलैरिस और रहने वाले सोलैरिएन (solarian) हैं।’

‘द नेकेड सन’ में सोलैरिआ ग्रह के लोग कुछ अजीब हैं। वे किसी से मिलना पसन्द नहीं करते। वहां २०० साल में पहली हत्या होती है। उन्हें नहीं मालुम कि इसका हल कैसे निकाला जाय। वे पृथ्वी के लोगों से सहायता मांगते हैं। पृथ्वीवासी, एक जासूस एलिज़ा बेली को इस हत्या का हल ढ़ूढ़ने के लिये भेजते हैं। इस जासूस को पृथ्वीवासियों के लिये भी जासूसी करनी है जो कि सोलैरिएन को नहीं बताया गया है और गोपनीय है। यह ऐसीमोव के रोबोट सीरीस की कहानी है। इस कहानी के रोबोटों ने फॉउंडेशन सिरीस के उपन्यासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। ऊंह हूं ऊऊऊं, मैं इसके बारे में भी बात नहीं करना चाहता।

‘आप बड़े अजीब किस्म के इन्सान हैं। आप क्या बताना चाहते हैं? मुद्दे पर आइये। इतनी देर क्यों लगाते हैं?’

मैं तो सोलैरिस ऑपरेटिंग सिस्टम के बारे में बात करना चाहता हूं। क्या करूं, आप लोग ही तरह तरह की कहानियों के बारे में बात करने लगे। चलिये मुझे उनके बारे में पता नहीं था, अब चल गया। मुद्दे की बात पर आते हैं।

आपरेटिंग सिस्टम वह सॉफ़्टवेयर होता है जो किसी कंप्यूटर को चलाता है और उसके हार्डवेयर के बीच समंव्य लाता है। यह मुख्यत: तीन तरह के होते हैंः

  1. यूनिक्स की तरह के:
  2. मैक/ औ.एक्स. की तरह के: परसनल कं‍प्यूटर की शुरूआत इन्हीं से हुई थी तथा चलाने में यह सबसे आसान हैं। अपने देश में तो नहीं, पर बाहर के देशों में ज्यादा लोकप्रिय है। बरक्ले यूनिक्स, यूनिक्स का ही रूप है। मैक सिस्टम में बरक्ले यूनिक्स का काफी योगदान है।
  3. विन्डोज़ की तरह के: यह दुनिया में सबसे ज्यादा लोकप्रिय है।

मैंने इनके बारे में यहां विस्तार से लिखा है।

लिनेक्स, सोलैरिस दोनो यूनिक्स से निकले हैं और ये इसी के रूप हैं। सोलरिस सन माईक्रो-सिस्टम की देन है। सन माईक्रो-सिस्टम कंप्यूटर की जानी मानी कंपनी है। सोलरिस के अलावा स्टार ऑफिस और जावा इसी की देन हैं। अगस्त २००६ बैंगलोर में, सन माईक्रो-सिस्टम की एक अन्तरराष्ट्रीय बैठक हुई थी। यह मुख्यतः इस लिये थी की भारत के लोगों की सहायता से इसके काम को आगे बढ़ाया जाय। इसमें काफी कुछ प्रगति हुई है। इस कंपनी का ओपेन सोर्स से काफी पहले से संबन्ध है। ओपेन ऑफिस डाट ऑर्ग मुख्यतः स्टार ऑफिस के सोर्स कोड से बना है। पिछले साल अगस्त में बैंगलोर में हुऐ सम्मेलन के समय यह कंपनी जावा को औपेन सोर्स करने के लिये कुछ ढ़ुलमुल थी पर वहां हुऐ सम्मेलन में हुई बहस के बात यह संशय समाप्त हो गयी। इस समय जावा भी ओपेन सोर्स है।

सोलैरिस पहले मालिकाना थी पर अब ओपेन सोर्स हो गयी है। आप ओपेन सोर्स सोलैरिस-१० यहां से डाउनलोड कर सकते हैं। यह पहले स्पार्क (SPARC ) आधरित प्रोसेसर पर चलती थी जिसे केवल सन माईक्रो-सिस्टम ही बनाता था। इस पर और ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं चल पाते थे। सोलरिस, अब x64/x86 प्रोसेसर पर भी चलती है यानि कि यह इंटेल या फिर ए.एम.डी. के बनाये चिप पर भी चलेगी। दूसरे अर्थों में यह उन कंप्यूटर पर भी चल सकेगी, जिस पर विंडोज़ चलती है🙂

मैं तकनीक से जुड़ा व्यक्ति नहीं हूं पर तकनीक से जुड़े लोगों का कहना है कि यह लिनेक्स से भी अच्छा और स्थायी ऑपरेटिंग सिस्टम है। यहां पर यह बताने की जरूरत नहीं कि यह तकनीक से जुड़े सारे लोग मानते हैं कि लिनेक्स विंडोज़ से ज्यादा स्थायी ऑपरेटिंग सिस्टम है।

सोलैरिस पर ओपेन ऑफिस डॉट ऑर्ग के सारे प्रोग्राम, थंडरबर्ड, फायरफॉक्स के प्रोग्राम उसी तरह से चलते हैं जैसे कि वे लिनेक्स या फिर विंडोज़ पर चलते हैं। इसके अतिरिक्त, चूंकि सोलैरिस भी यूनिक्स पर आधारित है इसलिये, इस पर वे सब प्रोग्राम चल सकते हैं जो कि लिनेक्स पर चलते हैं।
यदी आप सोलैरिस को अपने कंप्यूटर में स्थापित करने की बात सोचते हों तो इस ट्यूटोरियल को भी देखें पर तभी यदि आप तकनीक में रुचि रखते हों।

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

2 Responses to सोलैरिस: Solaris

  1. ज़ी हाँ, मेरे अनुभव से भी Solaris एक अच्छा ऑपरेटिंग सिस्टम है, मैंने इसका प्रयोग कुछ 2-3 वर्षों पहले तक बहुत किया था, शायद Solaris 7/8 तक। मूलत: तो यह यूनिक्स ही है, पर प्रारम्भ से ही Sun के द्वारा समर्थित होने से शायद इसमें अपेक्षाकृत उत्तरदायित्व पूर्ण समर्थन अधिक हो (यह मेरा अनुमान ही है) और लोकप्रियता अभी कम ही है, शायद देर से मुक्त-स्रोत में आने के कारण।

    सन माइक्रो के स्पार्क प्रोसेसर के बारे में सही वर्तनी SPARC है, जिसे Scalable Processor ARChitecture क लघु नाम से जाना जा सकता है, यह एक विशेष श्रेणी के CPU होते है। कुछ लोग यह भी मानते हैं कि SPARC का नामकरण Sun कम्पनी के अंसंधान केन्द्र – Sun’s Palo Alto Research Center पर आधारित है। वास्तविकता तो Sun ही जाने।

    मैं भी कभी इसके Workstations और SPARC आधारित सर्वरों को ड्रीम-कम्प्यूटर्स में मानता था।

  2. आशीष says:

    सोलारीस से बेहतर और सुरक्षित आपरेटींग सीस्टम आज तक नही बना है।
    मै इसी क्षेत्र मे काम करता हूं, (Technical/Application Architect), जहां भी High Performance, Stable Application, High Security की जरूरत होती है, हम आंख मूंदकर सोलारीस का सुझाव देते है।

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