फेडोरा-६ और यूनिकोड हिन्दी

फेडोरा-६ बारे में मैने विस्तार से यहां चर्चा की है। यह बहुत अच्छा औपरेटिंग सिस्टम है पर इसमें एक कमी थी। इसमें यूनिकोड हिन्दी में टाईप करना मुश्किल था। इसमें यूनिकोड हिन्दी केवल पाठ सम्पादक (text editor) या फिर वेब ब्रॉऊसर में ही ठीक तरह से चलती थी। यह न तो ओपेन ऑफिस में ठीक तरह से काम करती थी न ही किसी अन्य प्रोग्राम में। दो अक्षरों को टाईप करने से पहले उनके बीच में जगह छोड़नी पड़ती है। यानि कि हिन्दी कुछ ऐसे लिखनी पड़ती थी – ‘ह िन ् द ी’। इस कारण इसे हिन्दी प्रेमियों के लिये इसे स्वीकारना मुश्किल थाा।

आज जब मैंने अपना डेस्कटॉप चालू किया तो देखा कुछ अपडेट हैं। उसे डॉउनलोड किया, कंप्यूटर में स्थापित कर जब कंप्यूटर फिर से शुरु किया तो सबसे पहले ओपेन ऑफिस में हिन्दी टाईप की और मजा आ गया। मेरी खुशी का ठिकाना नहीं – ओपेन ऑफिस में यूनिकोड हिन्दी बिलकुल ठीक तरह से टाईप हो रही है। थंडरबर्ड में एक ईमेल हिन्दी में लिखी वह भी ठीक तरह से टाईप हो रही है। अब यह हिन्दी प्रेमियों के लिये भी सबसे अच्छा औपरेटिंग सिस्टम हो गया है और दाम देखें तो यह एकदम मुफ्त है। क्यों नहीं अब आप इसे अपने कंप्यूटर मे स्थापित कर, खुद ही देख लेे कि यह सबसे अच्छा औपरेटिंग सिस्टम है कि नहीं।

यह भी कतने आश्चर्य की बात है कि यह कितने तेजी से आगे बढ़ रहा है। फेडोरा-६ को आये कुछ महीने ही आये हैं कि फेडोरा-७ का रोड मैप आ गया है। इसकी टेस्टिंग  भी इसी महीने समाप्त हो रही है।

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

6 Responses to फेडोरा-६ और यूनिकोड हिन्दी

  1. रवि says:

    दरअसल, आप जो स्किम (स्मार्ट कॉमन इनपुट एडीटर) इस्तेमाल कर रहे थे, वह ओपनऑफ़िस में तथा ऐसे ही अन्यों में पंगा करता था. एक्सकेबी में कोई समस्या नहीं थी. फ़ेदोरा में हिन्दी का इस्तेमाल ओपनऑफ़िस समेत ब्राउज़रों में भी इसके शुरूआती संस्करणों से ही संभव है. परंतु समस्या यही है कि कहीं पर भी आउटऑफ द बॉक्स समर्थन नहीं है. हिन्दी के लिए आपको अलग से जुगाड़ हर लिनक्स में करना ही होता है.

  2. क्या हिन्दी राइटर या बराह फ़ेडोरा मे चलेगें ? फ़ेडोरा डाऊनलोड करने का लिंक दें , कृपया !
    प्रिय डाक्टर साहब
    मैंने कभी हिन्दी राइटर या बराह का प्रयोग नहीं किया इसलिये मैं नहीं कह सकता हूं कि वे फेडोरा में चलेगे कि नहीं। पर इनकी कोई जरूरत नहीं है। फेडोरा में हिन्दी की सहायता बहुत अच्छी है। इसमेम हर तरह के देवनागरी के की-बोर्ड हैं। आपको फेडोरा में हिन्दी राइटर या बराह की जरूरत नही पड़ेगी। फेडोरा यहां से डाउनलोड किया जा सकता है। पर अच्छा हो कि आप लिनेक्स फॉर यू पत्रिका लेना शुरू कर दें। यह सारे ओपेन सोर्स के सॉप्टवेर सीडी में भेजती है।
    उन्मुक्त

  3. Shrish says:

    उन्मुक्त जी, उदीयमान चिट्ठाकार-२००६ में विजयी होने पर हार्दिक बधाई। लिनक्स के संबंध में काफी उपयोगी जानकारी देते हैं आप।

  4. नीरज रोहिल्ला says:

    मै जान बूझकर अपनी समस्या आंग्लभाषा में लिख रहा हूं जिससे लिखने में सुगमता रहे, आशा है आप अन्यथा नहीं लेंगे |

    I installed Fedora Core 6 on my laptop (HP Pavillion Zx 5000 series) recently. Everything is fine except that I could not configure my wireless despite spending many hours on internet forums.

    My wireless is Broadcom 4306 series. I have tried the followings.

    a) Use ndiswrapper with the Windows driver (bcml5.inf)
    b) Use BCM43xx-fwcutter software on Fedora

    Now, the only prositive thing is that i can see the blicking light over wireless button but when it doesn’t connect to wireless network.

    I thought of writing to you because may be you would have faced a similar problem with Fedora. Any help would be greatly appreciated.

    Thanks,
    Neeraj Rohilla,

    रोहिला जी
    मेरे कंप्यूटर गुरु का कहना है कि यह लिंक देखें। यदि फिर भी हल नहीं निकलता है तो बतायें।
    उन्मुक्त

  5. himanshu says:

    यह तो सच है की अधिकांश प्रोग्रामर यूनीकोड सपोर्ट के लिये complex script के लिये, ले-आउट एंजिन पर ध्यान नहीं देते हैं.

    यह भी तब, जब कई अच्छे ले-आउट एंजिन फ्री के उपलब्ध हैं. ओपेन-टाइप फौन्ट एंजिन और IBM ICU दो अच्छी लाइब्रेरी हैं, जिनमें complex language के लिये ले-आउट एंजिन है.

    और जहाँ तक बात रही तमिलनाडू में सरकार के लिनक्स वाले पीसी का, मैं सौ लाइन लिख कर दे सकता हूँ की सरकारी लोग अपने अपने मशीनों को फार्मेट करा कर तुरंत windows इंस्टाल करवाएंगे.

    पीसी बेचने वालों की तो चान्दी है, क्योंकी अब windows के लाइसेंस का पैसा बच जायेगा🙂

    भइया, ओपेन सोर्स कोई जादू की छ्ङी नहीं है जिससे देश की सारी समस्याएं समाप्त हो जाएंगी.

    और लिनक्स तो अभी भी डेस्क्टौप के लिये तैयार नहीं है.अपने लिनस जी तो खुद इस बात को मानते है🙂

  6. shilpasharma says:

    उन्मुक्त जी, पिछले सप्ताह नेट प्र हिन्दी में “यूनीकोड हिन्दी” सर्च करते समय कफ़ेहिन्दी पर आपका लेख मिला और इस प्रकार आपके चिट्ठे पर आना हुआ. साथ ही चिट्ठाकर साथियों की दुनिया से परिचय हुआ. आपके सभी लेख वाकई बहुत ग्यानवर्धक हैं

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