फेडोरा-६: Fedora-6

मैने फेडोरा-६ अपने डेस्कटौप पर लोड किया, ज्यादा मुश्किल नहीं आयी। देखने में फेडोरा-५ से ज्यादा सुन्दर लगा। लेकिन इसमें केवल वही सॉफ्टवेर हैं, जो मुक्त हैं और जिनके लाइसेन्स, जी.पी.एल. के साथ चल सकते हैं। इसमें हिन्दी के, रेमिंगटन के साथ अन्य सारे कीबोर्ड हैं। यह कीबोर्ड SCIM सॉफ्टवेर के अन्दर चलते हैं जैसा कि फेडोरा-५ में था। रेड हैट एन्टरप्राइस-४ में यह IIMF के द्वारा चलते हैं। शायद SCIM बेहतर तकनीक है। यह इस बात का भी द्योतक है कि रेड हैट एन्टरप्राइस-५ में हिन्दी की टाईपिंग SCIM तकनीक के अन्दर ही होगी।

हिन्दी लिखने के लिये शुरु में भाषा को हिन्दी नहीं लेना पड़ता है जैसा कि फेडोरा-५ या रेड हैट एन्टरप्राइस-४ में करना पड़ता था आप डेस्कटौप की भाषा अंग्रेजी लेकर, हिन्दी में लिख सकते हैं बशर्ते फेडोरा-६ स्थापित करते समय आपने हिन्दी का पैक भी स्थापित किया हो। यू.एस.बी. पोर्ट का भी ज्यादा अच्छा समर्थन है पर एक बात गड़बड़ है।

हिन्दी सब जगह अच्छी चलती है चाहे वह पाठ सम्पादक हो, या डेस्कटौप हो, या इंटरनेट हो, पर ओपेन औफिस में ठीक तरह से नहीं चलती। दो अक्षरों को टाईप करने से पहले उनके बीच में जगह छोड़नी पड़ती है। यानि कि हिन्दी कुछ ऐसे लिखनी पड़ रही है – ‘ह िन ् द ी’। फेडोरा-५ में हिन्दी ओपेन औफिस में ठीक चलती थी पर उसमें रेमिंगटन कीबोर्ड नहीं था। मैं, फेडोरा-६ के ओपेन औफिस में हिन्दी न अच्छी तरह से चल पाने का कारण, नहीं समझ पा रहा हूं। क्या यह इस लिये हो रहा है कि,

  • फेडोरा-६ स्थापित करने में कोई चूक हो गयी; या
  • कोई सेटिंग करना भूल गया; या
  • ओपेन औफिस में कोई बग है।

आप में से कोई क्या इस बारे में प्रकाश डालना चाहेगा?

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

5 Responses to फेडोरा-६: Fedora-6

  1. जीतू says:

    अरे कहाँ पड़ गये फेदोरा के चक्कर में। इसके केरनेल में रेडहैट वालो ने कोर बग जोड़ रखा है। एक सीक्रेट थ्रेड बारबार नेशनलइनफारमेटिक के सर्वर पर एक्सेस करता है, इस से। एनआईसी वाले इसे बैन करने की सोच रहे हैं और जैसा आप जानते है हिंदुस्तानी बाबूगिरी , ये लोग बजाये अधिसूचना निकालने के सीधे फेदोरा के यूजर्स कि धरपकड़ शुरू कर देंगे। अभी के अभी इसको बाहर का रास्ता दिखाओ दद्दू!

  2. इन सब मामलो में अपन मौन है.

  3. रवि says:

    यह ओपनऑफ़िस का ज्ञात बग है. और शायद इसके अगले संस्करण में इस समस्या का समाधान निकल आए. यह स्किम के साथ समस्या उत्पन्न करता है. यदि आप स्किम के बजाए पुराना एक्सकेबी इनपुट औजार उपयोग करेंगे तो इसमें समस्या नहीं आती है. ओपनऑफ़िस का यह संस्करण अ-संस्थापित करें तथा पुराना संस्करण जो सही चलता था वह संस्थापित कर देखें. वैसे, भारतीयओओ.कॉम साइट पर उपलब्ध हिन्दी का विशेष ओपनऑफ़िस भी इस्तेमाल कर सकते हैं. ये पुराने संस्करण हैं, कुछ फ़ीचर्स कम हैं, परंतु इनमें हिन्दी अच्छी चलती है.

  4. Shrish says:

    इसमें हिन्दी के, रेमिंगटन के साथ अन्य सारे कीबोर्ड हैं। यह कीबोर्ड SCIM सॉफ्टवेर के अन्दर चलते हैं जैसा कि फेडोरा-५ में था।

    क्या हिन्दी का कोई IME भी इन-बिल्ट होता है या सिर्फ रेमिंग्टन ही होता है।

  5. SCIM हमे inline type करने में मदद करता है। हमे कोई आैर Software, HTML page नही लगता है.

    http://www.baraha.com, का Client Windows पे वही काम करताा है जो SCIM Fedora मैं करता है

    SCIM का Hindi Phonetic setting बहुत अच्छा है।

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