ओपेन सोर्स कहां पनप रहा है

कुछ दिन पहले जब मैंने यह खबर पढ़ी कि Where in the world does open source come from? तो दिल बैठ गया। इसमें अपना देश कहीं नहीं है। खैर है कि, यह खबर ओपेन सोर्स बेचने वालों की है न कि इस बात कि ओपेन सोर्स कहां बनाया जा रहा है। कुछ दिन पुनः पढ़ा Open source location update। यह पोस्ट बता रही है कि कहां,

  • ओपेन सोर्स पनप रहा है;
  • इस पर काम हो रहा है।

इसे पढ़ा, तो जान में जान आयी। इसमें अपना देश है। यह बताती है कि Open BSD को छोड़ कर और सब तरह के ओपेन सोर्स पर अपने यहां काम हो रहा है। हांलाकि यह सब दक्षिण भारत में है, उत्तर भारत में नहीं। क्या इस बारे में उत्तर भारत पिछड़ रहा है?

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

5 Responses to ओपेन सोर्स कहां पनप रहा है

  1. अनुनाद says:

    यह सुसमाचार सुनाकर आपने सबका मन खुश कर दिया। दक्षिण में ही सही, शुरुवात तो हुई। यही अच्छा है। मुक्त स्रोत के बिना हमे अपने पैरों पर खडा होने की ताकत देगा, जो कि हमारे लिये बहुत जरूरी है।

  2. Punit Pandey says:

    bhookhe pet bhajan nahin hot

  3. nitin says:

    ओपन सोर्स बढ़ेगा और जरुर बढ़ेगा जब पाइरेसी पर शिकंजा कसा जायेगा तो
    लोग स्वतः ही इस और आयेंगे. आपकी नयी वर्डप्रेस थीम तो पसंद आई लेकिन काला रंग नही!

  4. क्या हम ओपन सोर्स की तुलना समाजवादी व्यवस्था से कर सकते हैं?

  5. आशीष says:

    उनमुक्त जी,

    ये काला रंग बदल दिजीये, पढने मे तकलिफ होती है !

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