Error 404

मैं कमप्यूटर विशेषज्ञ नहीं हूं और वर्ड प्रेस पर कुछ समय पहले चिठ्ठा लिखना शुरू किया है| चिठ्ठी पोस्ट करते समय मेरे चिठ्ठे का प्रिय दृश्य है – Error 404. कुछ दिन पहले, मै जब ‘चार बराबर पांच, पांच बराबर चार, चार…’ की चिठ्ठी पोस्ट कर रहा था तब दो उलझने पड़ीं:

  • Error 404 का दृश्य जो मेरा पीछा ही नहीं छोड़ रहा था; और
  • चिठ्ठी की उलझन, जो कि चिठ्ठी मे वर्णित है

मैने वर्ड प्रेस की FAQ जा कर देखा| उसमे लिखी कोई भी गलती नहीं की फिर भी आंखों के सामने का दृश्य Error 404 ही रहा| सर्वज्ञ मे देखा तो भी कोई सहायता नहीं मिली| यही चिठ्ठी बार बार प्रकाशित किये जा रहा हूं पर Error 404 जहां की तहां| लगा पाठकगण भी परेशान हो रहें होंगे और नारद जी नाराज – कितनी बार वही चिठ्ठी पोस्ट करोगे|

मैं परिचर्चा मे गया वहां भी कोई हल नहीं मिला| एक जगह जहां वर्ड प्रेस के चिठ्ठे की मुशकिलों की बात हो रही थी वहीं पर (जो मुशकिल मुझे यहां पड़ रही थी) इसको लिख कर वापस एक दूसरे वर्ड परेस के ब्लौग पर प्रयोग करना शुरू किया| कुछ कोशिशें और गलती के बाद कुछ हल निकाला| मैने चिठ्ठी प्रकाशित कि और हल को परिचर्चा पर जहां मुशकिल लिखी थी वहां लिख दिया|

कुछ देर बाद रमन जी की ईमेल आयी जिसमे दोनो उलझनो का कुछ हल था| मैने उनसे प्रार्थना की के वे उसे परिचर्चा मे वहीं लिख दें जहां मैने उसका जिक्र किया है ताकि औरों को सहायता मिल सके| उन्होने वैसा ही किया और मुझसे मेरी कोशिश और गलतियों के बाद जो और पता चला हो उसे भी वंही लिखने को कहा| मैने भी वैसा किया| यह यहां पर है|

अभी तक इस पर किसी विशेषज्ञ की नजर नहीं पड़ी थी| कुछ ही घन्टों के अन्दर निरुला जी की नजर इसमे पड़ी और उन्होने इसका एकदम ठीक विशलेषण कर के नयी लिंक मे यहां पर लिखा| यदि आप कमप्यूटर विशेषज्ञ नहीं है और वर्ड प्रेस पर चिठ्ठा लिखते हैं या लिखने की सोचते हैं तो इन दोनो लिंक को अवश्य देखें| यह आपको सहायता करेगा और मेरा सुझाव है कि सर्वज्ञ मे जहां ब्लौगर पर चिठ्ठा बनाने की बात लिखी है वहां पर इसे भी जोड़ दिया जाय क्योंकि यह मुशकिल वर्ड प्रेस के हिन्दी चिठ्ठे मे ही है अंग्रेजी के चिठ्ठे मे नहीं|

यह पूरा घटना चक्र परिचर्चा के महत्व को उजागर करता है मै पुन: इसके बनाने वालों को बधाई देता हूं|

एक बात और, यदि आप,

  • युवा फाइनमेन के बारे मे जानने के लिये उत्सुक हों; या
  • नारद जी की छड़ी पहेली के अन्य रूप जानना चाहते हों;

तो उसे मेरे उंमुक्त नाम के चिठ्ठे पर

की पोस्ट पर पढ़ सकते हैं|

मेरी चिठ्ठी पोस्ट करने की उलझन तो चली गयी| टिप्पणियों मे सबके जवाब सही हैं| पर फिर भी चिठ्ठी के विषय के बारे मे उलझन अभी भी बनी हुई है| उसके दूर होने के लिये थोड़ा और इंतज़ार कीजिये।

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

2 Responses to Error 404

  1. Shrish says:

    जी हाँ मेरी भी यही समस्या थी जो परिचर्चा वाला उपरोक्त सूत्र पढ़कर दूर हो गई।

  2. उन्मुक्त भाई, आपको कोटिश: धन्यवाद जो आपने 404 की समस्या का हल सुझाया, वरना मुझ जैसे अनाड़ी के लिए इससे पार पाना मुश्किल था। फिर भी इसके लिए आधे घंटे सिर खपाना पड़ा। परंतु आपके नाम पर क्लिक करने पर वहाँ वर्डप्रेस का संदेश ‍है कि आपने ब्लॉग बंद कर दिया है। अब आपका नया पता क्या है?

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: