खुली चुनौती – भारत की

जी हां मै उन्मुक्त ही हूं और उन्मुक्त के नाम एक दूसरा चिठ्ठा ब्लौगर पर लिखता हूं| 'खुली चुनौती – भारत की' की बात करने से पहले दो शब्द इस चिठ्ठे के बारे मे|

ब्लौगर डौट कौम कुछ परेशान कर रहा था| समीर जी ने पहले 'ब्लागर डाट काम के नखरे- कुछ शरमाता है' नाम की एक पोस्ट की| जिस पर मैने एक टिप्पणी की थी तथा एक पोस्ट 'ब्लागर डाट काम में परेशानी' लिखी| मैं अपने चिठ्ठे पर श्रेणियां भी बनाना चाहता था| कुछ ने वर्ड प्रेस पर जाने की सलाह दी| इसी बीच परिचर्चा की भी वेब-साईट खुल गयी| यह बहुत अच्छी वेब-साईट है इसकी सेवाओं का उपयोग करें| मैने भी यहां इसका उपयोग किया पर लगा कि अपनी ब्लौगर वाली पोस्ट को यहां लाने से पहले वर्ड प्रेस पर पहले हांथ साफ कर लूं| फिर लगा कि नया चिठ्ठा ही खोल लूं: 'उन्मुक्त' मे अपने विचार तथा छुट-पुट पर – अखबार, टीवी, और इन्टरनेट मे क्या हो रहा है उसके बारे मे लिखूं|

अब चलते हैं 'खुली चुनौती – भारत की' की तरफ|

मैने अपनी पोस्ट 'ओपेन सोर्स सौफ्टवेयर – बी.बी.सी. सिरीस' मे बी.बी.सी. की सिरीस 'द कोड ब्रेकरस' (The Code Breakers) के बारे मे बात की थी कि इसमे ओपेन सोर्स सौफ्टवेर के बारे मे बताया जा रहा है| बी.बी.सी. की यह रिपोर्ट भी देखिये जिसमे कुछ इस चुनौती के बारे मे कहा गया है| क्या आने वाला 'ओपेन सोर्स सौफ्टवेर का कल', भारत का होगा?

के बारे में उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

4 Responses to खुली चुनौती – भारत की

  1. Manish says:

    WordPress mein nayi shuruat ki hardik badhai !

  2. वर्ड प्रेस पर नये प्रयास की बधाई एवं शुभकामनायें.

  3. swagat!

  4. वर्डप्रेस आपको जरूर रास आयेगा. नये चिट्ठे कि बधाई.

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