Archive for the 'हिन्दी' Category
ऐ मेरे दिल कहीं और चल,
फायरफॉक्स की सूरत से दिल भर गया,
ढ़ूंढ ले परसोना कोई नया।
चल जहां बोरियत न हो,
जहां गुस्से की आकांशा न हो,
बस शान्ति हो जहां।
मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि फायरफॉक्स सबसे बेहतरीन वेब ब्रॉउसर है पर क्या इसकी एक ही सूरत देखते आपका मन नहीं भरता, क्या आप [...]
नहीं भाई, नहीं। मेरी शादी नहीं हुई थी। उसे तो तीन दशक बीत गये हैं, वह तो इतिहास है।
‘अरे तो फिर क्या हुआ था।’
नहीं मालुम। दस साल पहले, ३१ मार्च १९९८ को मॉज़िला अधिकारिक रूप से शुरू किया गया था।
मॉज़िला का लोगो
मॉज़िला इस समय तीन बेहतरीन ओपेन सोर्स प्रोग्राम चलाता है। यह [...]
‘वाह जी वाह, क्या बात है। मुफ्त बांटा जाय और पैसा कमाया जाय। लगता है कि उन्मुक्त जी पर होली का नशा नहीं उतरा है।’
चलिये मैं आपको कुछ दिन पहले अफ्रीका के एक वित्तीय संस्थान के अफसर की बात बताता हूं। उसने कहा कि, आजकल उनके वित्तीय संस्थान का काम बहुत अच्छा चल रहा है। [...]
‘उन्मुक्त जी, ओपेन सोर्स तो सुना था पर फॉस क्या होता है?’
फ्री सॉफ्टवेयर और ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर में कुछ अन्तर होता है पर मोटे तौर पर यह शब्द एक ही तरह से प्रयोग किये जाते हैं। इसलिये इन्हें Free/ Open Source Software (FOSS) या फिर Free/Libre Open Source Software (FLOSS) कहा जाता है। इसे [...]
सबसे पहले आप सबको क्रिस्मस की बधाई।
सहायता की आपेक्षा
कुछ दिन पहले मैंने अपने उन्मुक चिट्ठे पर एक चिट्ठी कॉनटिकी अभियान और दूसरी उसके नायक Thor Heyerdahl के बारे में लिखी थी। मुझे Thor Heyerdahl का सही उच्चारण नहीं मालुम है इसलिये इसे हिन्दी विकीपीडिया पर नहीं डाल पाया हूं। यदि कोई चिट्ठाकार [...]
यह सच है कि आजकल आई-फोन (iphone) की धूम है। टाइम पत्रिका के १९ नवंबर के अंक ने इसे इस साल का आविष्कार में रखा है पर मैं आई-फोन की बात नहीं कर रहा हूं। यह ओपेन सोर्स पर आधारित नहीं है फिर कैसे क्रांति ला सकता है
भाई मैं तो बात कर [...]
कुछ समय पहले मैंने जूले वर्न के बारे में चिट्ठी पोस्ट की थी। इस चिट्ठी में उनकी कई और पुस्तकों का जिक्र किया था। यह सारी पुस्तकें तथा अंग्रेजी साहित्य एवं अन्य भाषाओं में लिखे प्रसिद्ध उपन्यास, मैंने अपने बचपन में पढ़े थे। इसमें अधिकतर हिन्दी में ही थे।
जुले वर्न की पुस्तक अस्सी दिन में [...]
सलाह और सिखाने वाली कई वेबसाइट हैं। जो वेबसाइटें हिन्दी में जो यह काम करती हैं उनकी सूची यहां है। इनमें से कई हिन्दी भी सिखाती हैं पर हिन्दी सिखाने वाली यह वेबसाइट तो मुझे अनूठी लगती है।
हांलाकि मैं यह नहीं समझ पाया कि यह किस भाषा वालों को हिन्दी सिखा रही है।
मैंने इस [...]
कमर कसने का समय आ गया है। कंपनियां पेशेवर चिट्ठाकारों की तलाश में हैं जो कि उनके उत्पाद पर लिख सकें। १८ अगस्त का इकोनॉमिक्स टाईमस् की खबर तो यही कह रही है। मालुम नहीं अंग्रेजी चिट्ठाकारों के लिये है या फिर हिन्दी चिट्ठाकारों के दिन भी फिरेंगे।
जहां तक मुझे मालुम है कि निरमा पहली [...]
५ अगस्त की रात को बैठ कर अनुगूंज का लेख पूरा किया। सोचा था ६ की सुबह पोस्ट कर दूंगा क्योंकि दुनिया में अभी भी बहुत जगह ५ अगस्त ही है। अनुगूंज का समय बढ़ गया है पर लेख तो लिख गया है, पोस्ट कर देता हूं।
अपनी सभ्यता और बोली का महत्व नहीं समझ [...]