Archive for the 'सौफ्टवेर' Category

नहीं भाई, नहीं। मेरी शादी नहीं हुई थी। उसे तो तीन दशक बीत गये हैं, वह तो इतिहास है।
‘अरे तो फिर क्या हुआ था।’
नहीं मालुम। दस साल पहले, ३१ मार्च १९९८ को मॉज़िला अधिकारिक रूप से शुरू किया गया था।

मॉज़िला का लोगो
मॉज़िला इस समय तीन बेहतरीन ओपेन सोर्स प्रोग्राम चलाता है। यह [...]

‘वाह जी वाह, क्या बात है। मुफ्त बांटा जाय और पैसा कमाया जाय। लगता है कि उन्मुक्त जी पर होली का नशा नहीं उतरा है।’
चलिये मैं आपको कुछ दिन पहले अफ्रीका के एक वित्तीय संस्थान के अफसर की बात बताता हूं। उसने कहा कि, आजकल उनके वित्तीय संस्थान का काम बहुत अच्छा चल रहा है। [...]

‘उन्मुक्त जी, ओपेन सोर्स तो सुना था पर फॉस क्या होता है?’
फ्री सॉफ्टवेयर और ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर में कुछ अन्तर होता है पर मोटे तौर पर यह शब्द एक ही तरह से प्रयोग किये जाते हैं। इसलिये इन्हें Free/ Open Source Software (FOSS) या फिर Free/Libre Open Source Software (FLOSS) कहा जाता है। इसे [...]

मैंने कुछ दिन पहले अपने उन्मुक्त चिट्ठे की चिट्ठी, ‘पापा, क्या आप उलझन में हैं‘, के द्वारा मुक्त मानक के महत्व की चर्चा की थी। क्या मुक्त मानक अमेरिकी राष्ट्रपती चुनाव के हिस्सा बन गये हैं?
बैरेक ओबामा का जन्म हवाई में, ४ अगस्त १९६१ को हुआ था। उनकी मां श्वेत और पिता अश्वेत [...]

‘विकिपीडिया की रिहाई? अरे उन्मुक्त जी विकिपीडिया तो पहले से ही मुक्त है अब इसकी रिहाई करने की क्या जरूरत है? लगता है कि आप कुछ कन्फ्यूज़िया रहें हैं’
लगता है कि पांडे जी कह रहें हैं कन्फ्यूज़िया शब्द तो वही प्रयोग कर सकते हैं अरे भाई, यह मैं थोड़ी कह रहा हूं, यह तो [...]

यह सच है कि आजकल आई-फोन (iphone) की धूम है। टाइम पत्रिका के १९ नवंबर के अंक ने इसे इस साल का आविष्कार में रखा है पर मैं आई-फोन की बात नहीं कर रहा हूं। यह ओपेन सोर्स पर आधारित नहीं है फिर कैसे क्रांति ला सकता है
भाई मैं तो बात कर [...]

किम ब्रेबाक (Kim Brebach) अस्ट्रेलियन तकनीकी बाजार सलाहकार (Australian technology marketing consultant)  हैं। कुछ दिन पहले उन्होने १३ कारण बताये कि क्यों लिनेक्स (Linux) आपके बगल के डेस्कटॉप पर नहीं होगा। इसका मुख्य कारण वे यह देते हैं कि लिनेक्स न तो दुकानों में मिलता है न ही इसका विज्ञापन होता है।

कुछ दिन [...]

कुछ समय पहले, मैंने ‘क्या सूरज पश्चिम से उगा है‘ चिट्ठी में बताया था कि माईक्रोसॉफ्ट ने अपने शेएर्ड लाइसेंसेस् को को ओपेन सोर्स इनिशिएटिव के समक्ष रख रहा है ताकि उस लाइसेंस के अन्दर प्रकाशित सॉफ्टवेर को ओपेन सोर्स सॉफ्टवेर माना जा सके।
वीनस सुन्दरता की देवी है। इसीलिये, आकाश में, सूरज डूबने के [...]

ओपेन सोर्स बिना पैसे के है हांलाकि सर्विस के लिये पैसा देना पड़ता है पर यह मालिकाना सॉफ्टवेर से कम है। इसको बढ़ावा देने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे स्कूल में अनिवार्य कर दिया जाय। आजकल सारे स्कूलों में मालिकाना सॉफ्टवेर चलता है। जिससे बच्चे उसी पर सीखते हैं और उन्हें आगे चल [...]

यदि आप यह सोच रहे हैं कि मैं आपको लक्स साबुन के विज्ञापन के बारे में बताने जा रहा हूं तो आप गलतफहमी में हैं।

मैं तो आपको फिडोरा-७ के बारे में बताना चाहता हूं। मैंने इसे अपने डेस्कटॉप में स्थापित किया है। यह इसका नया डेस्कटॉप चित्र है

फिडोरा-७ इसी साल मई में [...]




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