Archive for the 'सूचना' Category
ऐ मेरे दिल कहीं और चल,
फायरफॉक्स की सूरत से दिल भर गया,
ढ़ूंढ ले परसोना कोई नया।
चल जहां बोरियत न हो,
जहां गुस्से की आकांशा न हो,
बस शान्ति हो जहां।
मुझे यह बताने की जरूरत नहीं है कि फायरफॉक्स सबसे बेहतरीन वेब ब्रॉउसर है पर क्या इसकी एक ही सूरत देखते आपका मन नहीं भरता, क्या आप [...]
नहीं भाई, नहीं। मेरी शादी नहीं हुई थी। उसे तो तीन दशक बीत गये हैं, वह तो इतिहास है।
‘अरे तो फिर क्या हुआ था।’
नहीं मालुम। दस साल पहले, ३१ मार्च १९९८ को मॉज़िला अधिकारिक रूप से शुरू किया गया था।
मॉज़िला का लोगो
मॉज़िला इस समय तीन बेहतरीन ओपेन सोर्स प्रोग्राम चलाता है। यह [...]
‘मैं ग़ज़ल हूं। मैं २४ साल पुरुष शरीर के अन्दर, कैद रही शल्यचिकित्सा से आज़ाद हुई। बहुत समय निकल गया, बहुत कुछ रह गया, छूट गया, बहुत कुछ पाना है - कपड़े, चूड़ियां, बालियां, मेकअप पर मैंने जीवन की सबसे महत्वपूर्ण चीज़ पा ली - जो अक्सर लोगों [...]
‘उन्मुक्त जी, ओपेन सोर्स तो सुना था पर फॉस क्या होता है?’
फ्री सॉफ्टवेयर और ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर में कुछ अन्तर होता है पर मोटे तौर पर यह शब्द एक ही तरह से प्रयोग किये जाते हैं। इसलिये इन्हें Free/ Open Source Software (FOSS) या फिर Free/Libre Open Source Software (FLOSS) कहा जाता है। इसे [...]
बीसवीं शताब्दी भौतिक शास्त्रियों की थी। यदि आप में दुनिया बदलने की दम-खम थी, आप दुनिया बदलना चाहते थे तो आपका विषय था - भौतिक शास्त्र। पिछली शताब्दी के बेहतरीन मस्तिष्क वालों ने इसी विषय पर काम करना पसन्द किया पर इस शताब्दी के समाप्त होते होते ही, यह बदल गया। इक्कीसिवीं शताब्दी [...]
तरकश के द्वारा पिछले वर्ष से सर्वश्रेष्ट चिट्टाकार का चुनाव शुरू किया गया। पिछले साल पुरुस्कार मिलने पर, मैंने आभार प्रगट करते समय कहा था,
‘मुझे एक बात का दुख भी है। हमारे साथ कोई महिला चिट्ठाकार नहीं है।
मुझे मुन्ने की मां को कई बार कहना पड़ता है तब वह कोई चिट्ठी पोस्ट करती है। [...]
गुलाबी रंग तो प्रेम और रोमांस का रंग समझा जाता है। मैं भी इसे इसी तरह से लेता हूं पर बांदा की गुलाबी महिलाओं का रोमांस तो कुछ और ही है।
‘बांदा…? क्या इस नाम की कोई जगह है?’
उत्तर प्रदेश का शायद इसका सबसे पिछड़ा भाग बुन्देलखंड है। बांदा इसी का एक जिला है। यहां [...]
मैंने कुछ दिन पहले अपने उन्मुक्त चिट्ठे की चिट्ठी, ‘पापा, क्या आप उलझन में हैं‘, के द्वारा मुक्त मानक के महत्व की चर्चा की थी। क्या मुक्त मानक अमेरिकी राष्ट्रपती चुनाव के हिस्सा बन गये हैं?
बैरेक ओबामा का जन्म हवाई में, ४ अगस्त १९६१ को हुआ था। उनकी मां श्वेत और पिता अश्वेत [...]
‘विकिपीडिया की रिहाई? अरे उन्मुक्त जी विकिपीडिया तो पहले से ही मुक्त है अब इसकी रिहाई करने की क्या जरूरत है? लगता है कि आप कुछ कन्फ्यूज़िया रहें हैं’
लगता है कि पांडे जी कह रहें हैं कन्फ्यूज़िया शब्द तो वही प्रयोग कर सकते हैं अरे भाई, यह मैं थोड़ी कह रहा हूं, यह तो [...]
यह सच है कि आजकल आई-फोन (iphone) की धूम है। टाइम पत्रिका के १९ नवंबर के अंक ने इसे इस साल का आविष्कार में रखा है पर मैं आई-फोन की बात नहीं कर रहा हूं। यह ओपेन सोर्स पर आधारित नहीं है फिर कैसे क्रांति ला सकता है
भाई मैं तो बात कर [...]