केक खिलाना – क्या दोस्ती का हाथ है

लिनेक्स का प्रतीक चिन्ह

विंडोज़ का प्रतीक चिन्ह

इस चिट्ठी में अन्दाज लगाया गया है कि क्या विंडोज़ और लिनेक्स पास आ रहे हैं।

विंडोज़ और लिनेक्स दो अलग अलग ऑपरेटिंग सिस्टम हैं। इन दोनो के बीच प्रतिद्वन्दता तो होगी ही – कुछ ठन्डी सी लड़ाई। यह बात मेरी चिट्ठियां ‘तो क्या खिड़की प्रेमी ठंडे और कठोर होते हैं‘, या ‘लिनेक्स बनाम वीस्टा एवं मैकिन्टॉश‘, या ‘जाने क्यों लोग मोहब्बत किया करते हैं‘ अपने तरीके ब्यान करती हैं। लेकिन, क्या यह बदल रहा है?

लिनेक्स फॉउंडेशन एक लाभ निरपक्ष संघ (non-profit consortium) है। यह लिनेक्स को बड़ावा देने के लिये समर्पित है। इसमें, लिनेक्स से सम्बन्धित विडियो भी दाखिल किये जा सकते हैं। इन्हें  आप वहां पर या फिर यूट्यूब में देख सकते हैं। यह साल लिनक्स के बीस सालवां साल है। इस साल इसमें खास आयोजन हो रहा है। इस साल दाखिल किये गये एक विडियो में नीचे का वीडियो भी है। इसे माइक्रोसॉफ्ट जर्मनी—जैसा कि उसे दाखिल करने वाले के नाम में लिखा है —ने दाखिल किया है। इसे देखे – क्या ठंडी लड़ाई, प्यार में बदल रही है।

यदि आप मुक्त सॉफ्टवेयर के प्रोग्रामों के बारे में जानना चाहें तब ‘वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें‘,  ‘ओपेन सोर्स की पाती – बिटिया के नाम‘, और ‘जो वायदा किया, वो निभाना पड़ेगा‘ को पढ़ कर देखें। मैं मुक्त सॉफ्टवेयर तथा मुक्त मानक पसन्द करता हूं यह जानने के लिये ‘पापा, क्या आप उलझन में हैं‘ और मेरी श्रृंखला ‘मुक्त मानक और वामन की वापसी’ की कड़ियां पढ़ें या सुने। मुझे यह बताने की तो जरूरत नहीं होनी चाहिये कि ‘लिनेक्स प्रेमी पुरुष – ज्यादा कामुक और भावुक’ होते हैं:-)

‘मुक्त मानक और वामन की वापसी’ श्रृंखला की अलग अलग कड़ियों को आप नीचे दिये गये लिंक पर चटका लगा कर पढ़ सकते हैं। इसकी कुछ कड़ियों को, आप सुन भी सकते हैं। सुनने के लिये नीचे  लिंक के बगल में  ब्रैकेट ( ) के अन्दर लिखे ► चिन्ह पर चटका लगायें। यह ऑडियो फाइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप सारे ऑपरेटिंग सिस्टम में, फायरफॉक्स ३.५ या उसके आगे के संस्करण में सुन सकते हैं। इन्हें आप,

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में,
सुन सकते हैं। ब्रैकेट के अन्दर चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर लें। इन्हें डिफॉल्ट करने के तरीके या फायरफॉक्स में सुनने के लिये मैंने यहां विस्तार से बताया है।

लिनेक्स और मुक्त सॉफ्टवेयर से संबन्धित अन्य चिट्ठियां

सांकेतिक शब्द

Linux,
Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Linux, Open source software, software, software, technology, technology, technology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपेन फॉमैट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

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परिचय उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

One Response to केक खिलाना – क्या दोस्ती का हाथ है

  1. तार्किक विवेचन।

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