कुम्भ राशि की सुनहरी सुबह

इस चिट्ठी में, ब्रॉडवे के द्वारा, अमेरिकी कबायली प्रेम रॉक संगीत नाटिका ‘हेयर’ के पुनः प्रदर्शन एवं ‘ऐज ऑफ एक्वेरियस’ गाने की चर्चा है।

अमेरिकी कबायली प्रेम रॉक संगीत नाटक 'हेयर' के पुनः प्रदर्शन से एक चित्र

कुछ समय पहले मैंने ज्योतिष, ‘अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके‘ श्रृंखला लिखी थी शायद यह मेरी लिखी श्रृंखलाओं में सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली श्रृंखला है। इस पर रोज १५० से भी अधिक लोग पढ़ने आते हैं और अक्सर  क्रोधित हो जाते हैं जैसा कि इस पर की टिपप्पणियों से पता चलेगा। इसकी एक चिट्ठी हेयर संगीत नाटक – Hair Musical  है। इस में, इस संगीत नाटक की चर्चा है।

अमेरिकी कबायली प्रेम रॉक संगीत नाटिका 'हेयर' का प्रारंभिक पोस्टर

हेयर संगीत नाटक {Hair (musical)}, अमेरिकी कबायली प्रेम रॉक संगीत नाटक है। इसका मंचन, अमेरिका में, १९६० के दशक में शुरू किया गया था। इसका सबसे पहले मंचन १७ अक्टूबर १९६७ को हुआ था। इसका मंचन दुनिया के अधिकतर देशों में हुआ पर अपने देश में कभी नहीं हुआ। यह उस समय शुरू हुआ जब अमेरिका में लोग वियतनाम जंग के खिलाफ हो रहे थे, हिप्पी सभ्यता जन्म ले रही थी। बहुत से लोगों का कहना है कि हिप्पी सभ्यता, इसी संगीत नाटक से जन्मी।

इस संगीत नाटक का शीर्षक गीत ‘ऐज ऑफ एक्वेरियस’ के नाम से जाना जाता है। इसके शब्द कुछ इस प्रकार हैं,

When the moon is in the Seventh House
And Jupiter aligns with Mars
Then peace will guide the planets
And love will steer the stars

This is the dawning of the age of Aquarius
The age of Aquarius
Aquarius!
Aquarius!

Harmony and understanding
Sympathy and trust abounding
No more falsehoods or derisions
Golden living dreams of visions
Mystic crystal revelation
And the mind’s true liberation
Aquarius!
Aquarius!

When the moon is in the Seventh House
And Jupiter aligns with Mars
Then peace will guide the planets
And love will steer the stars

This is the dawning of the age of Aquarius
The age of Aquarius
Aquarius!
Aquarius!

अमेरिकी कबायली प्रेम रॉक संगीत नाटिका 'हेयर' के पुनः प्रदर्शन का पोस्टर

इस गीत में, लड़के और लड़कियां, राशि के चिन्हों को दर्शाते थे, वे कुछ दृश्यों में निर्वस्त्र होते थे और कुछ में वे अमेरिकी झण्डे को पहने होते थे। इसलिये शायद यह चर्चित तथा विवादास्पद हो गया।

इस नाटक के गीत एवं संगीत मेरे विश्वविद्यालय के जीवन के समय में लोकपप्रिय थे। यह मेरे मित्रों को अलग-अलग कारण से यह प्रिय था। ईश्वर ने मुझे सब दिया पर संगीत प्रेम नहीं। फिर भी यह गीत, मुझे भी यह एक विषेश कारण से प्रिय था।

इस गाने का भावार्थ है -

यह कुम्भ राशि की सुनहरी सुबह है, कुम्भ राशि में सब जगह शांति होगी, प्यार होगा।

मेरी मित्र मंडली इस गाने का भावार्थ तो जानती थी पर यह नहीं समझती थी कि यह क्यों कहा जा रहा कि कुम्भ राशि की सुबह हो रही है। वास्तव में यह सच है कि यह समय कुम्भ राशि की सुबह है। यह खगोल शास्त्र का विषय है, जो कि मेरा प्रिय विषय हुआ करता था। था।  यह गीत मुझे अपने मित्रों के सामने अपने ज्ञान बखारने का मौका देता था इसलिये यह मुझे प्रिय था। इस बात को, मैंने अपनी चिट्ठियां ‘पृथ्वी की गतियां‘, ‘राशियां‘, ‘विषुव अयन‘  में बताया है।

ब्रॉडवे के द्वारा, इस संगीत नाटक का पुनः मंचन २००९ में शुरू किया गया। आजकल इसका प्रदर्शन बॉडवे पर ७.५.११ से हो रहा है और १० हफ्ते ९.१०.११ तक चलेगा। इस नये संगीत नाटक की वेबसाइट यहां है जहां इसके बारे में आप अधिक जानकारी पढ़ सकते हैं और इसके गाने सुन सकते हैं।

मेरे लेख चिट्ठे पर संकलित की गयी चिट्ठी  ‘अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके‘ पर अधिकतर कठु टिप्पणियां आती हैं। इस तरह की टिप्पणियां से, न तो यह लेख गलत साबित होता है न ही यह साबित होता कि ज्योतिष अन्धविश्वास नहीं है। मुझे यह टिप्पणियां दुखी करती हैं। इसीलिये मैंने आप सही हैं … मैं बदलाव कर रहा हूं नामक चिट्ठी अपने चिट्ठे ‘उन्मुक्त‘ पर लिखी।

मेरे चिट्ठे उन्मुक्त पर इस श्रृंखला की कड़ियों पर टिप्पणियां नहीं आती पर   लेख चिट्ठे की इस चिट्ठी पर कठु टिप्पणियों का आना बन्द नहीं हुआ। शायद लेख चिट्ठे पर लिखी, इस चिट्ठी से, इस श्रृंखला के लिखने का मकसद स्पष्ट नहीं होता है। इसलिये इस छुटपुट चिट्ठे पर मैंने दो अन्य चिट्ठियां इसे बताने के लिये ‘ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके’ श्रृंखला किसी को दुख देने के लिये नहीं लिखी गयी थी और ‘ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके’ श्रृंखला अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिये लिखीं नाम से लिखीं। लेकिन कठु टिप्पणियां जारी हैं। आइये लोगों की सोच और टिप्पणियों की चिन्ता छोड़े और इस पुनः प्रसारण में दो गीत ‘ऐज ऑफ एक्वेरियस’ और ‘लॅट द सनशाइन इन’ का आनन्द लें।

श्रृंखला ‘ज्योतिष, अंक विद्या, हस्तरेखा विद्या, और टोने-टुटके’ पहले मेरे उन्मुक्त चिठ्ठे पर कड़ियों में प्रकाशित की गयी थी। आप चाहें तो उन्हें निम्न कड़ियों पर चटका लगा कर पढ़ सकते हैं।

भूमिका।। तारे और ग्रह।। प्राचीन भारत में खगोल शास्त्र।। यूरोप में खगोल शास्त्र।। हेर संगीत नाटक (Hair Musical)।। पृथ्वी की गतियां।। राशियां (Signs of Zodiac)।। विषुव अयन (precession of equinoxes): हेयर संगीत नाटक के शीर्ष गीत का अर्थ।। ज्योतिष या अन्धविश्वास।। अंक विद्या, डैमियन – शैतान का बच्चा।। अंक लिखने का इतिहास।। हस्तरेखा विद्या और निष्कर्ष।।

सांकेतिक शब्द

Hair musical, Hair musical revivalBroadway, The Broadway theatre,
। Astronomy, Astronomyculture, Family, fiction, life, Life, Religion, खगोलशास्त्र, विज्ञानजीवन शैली, दर्शनधर्म, धर्म- अध्यात्म, विज्ञान, समाज, ज्ञान विज्ञान,

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परिचय उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

2 Responses to कुम्भ राशि की सुनहरी सुबह

  1. Ravi says:

    “…मुझे यह टिप्पणियां दुखी करती हैं। …

    आप इन पुराने पोस्टों पर टिप्पणियाँ डिसेबल कर सकते हैं जो शायद बेहतर विकल्प होगा.
    दरअसल, यह भी कटु सत्य है कि लोग टिप्पणियाँ भी अपनी समझ अनुसार { बोले तो फुरसतिया स्टाइल में – जिसकी जितनी समझ है वो उतनी और वैसी ही बात करता है -} करते हैं.

  2. नकारात्‍मक टिप्‍पणियों को डिसेबल भी किया जा सकता है। या फिर हर टिप्‍पणी के बार एक प्रति टिप्‍पणी भी दी जासकती है।

    ——
    ब्‍लॉगसमीक्षा की 23वीं कड़ी।
    अल्‍पना वर्मा सुना रही हैं समाचार..।

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