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उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

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    • The file 'वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी - कोर्टरूम' was added by unmukt
      वकीलों की सबसे बेहतरीन जीवनी - कोर्टरूम.ogg यह हिन्दी पॉडकास्ट अमेरिका के प्रसिद्ध वकील लाइबोविट्ज़ और उसकी जीवनी कोर्टरूम के बारे में है। यह ऑग फॉरमैट में है इन फाईलों को आप, Audacity, Mplayer, VLC media player, या Firefox में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This podcast in Hindi is about famou […]
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      बुलबुल मारने पर दोष लगता है.ogg यह पॉडकास्ट इसी नाम से मेरी नयी श्रंखला की भूमिका है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप, Audacity, Mplayer, एवं VLC media player में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This podcast in Hindi is introduction of my new series. It is in ogg format. […]
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      यू हैव किल्ड गॉड, सर.ogg इस पॉडकास्ट में, अमेरिका के लूज़िआना राज्य के साइंस एजूकेशन ऐक्ट, ब्रिटानी फिल्म क्रिएशन और इस श्रंखला के निष्कर्ष की चर्चा है। यह ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप, Audacity, Mplayer, एवं VLC media player में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This post is about […]
  • बकबक पर पॉडकास्ट कैसे सुने

    बकबक पर अधिकतर ऑडियो क्लिपें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,

    * Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;

    * Linux पर लगभग सभी प्रोग्रामो में; और

    * Mac-OX पर कम से कम Audacity में,

    सुन सकते हैं। ऑडियो क्लिप पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। मैंने इसे ogg फॉरमैट में क्यों रखा है यह आप मेरे उन्मुक्त चिट्ठे की पापा, क्या आप उलझन में हैं चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं। यदि इसे mp3 फॉरमैट में सुनना चाहें तो यहां चटका लगायें।
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    मेरे पॉडकास्ट बकबक की RSS फीड यह और फीड बर्नर से फीड है यह है।
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  • Archive for November, 2008

    कौन कहते हैं कि भगवान आते नहीं

    Posted by उन्मुक्त on November 7, 2008

    क्या कभी आपका मन अशान्त होता है, या मन में अस्थिरिता रहती है, या भविष्य के बारे में अनिश्चित्ता लगती है?

    मेरे साथ ऐसा होता है, अक्सर तो नहीं पर कभी कभी।

    कुछ लोग ऐसे समय में ज्योतिषों के पास चले जाते हैं तो कुछ पंडितों के पास। कुछ पूजा पाठ में लीन हो जाते हैं तो फिर कुछ स्वामियों, योगियों, साध्वियों की शरण में चले जाते हैं। कुछ नेताओं के शरण में :-)

    मैं न तो ज्योतिष, न ही हस्त रेखा या अंक विद्या पर विश्वास करता हूं। मैं मन्दिर जाता हूं – उसकी बनावट या इतिहास जानने के लिये, पर भगवान के दर्शन के लिये नहीं। मैं भगवान पर भी विश्वास नहीं करता – अज्ञेयवादी हूं।

    कुछ समय पहले मुझे पुरी जगन्नाथ जी के मन्दिर जाने का मौका मिला। मैंने उसके इतिहास के बारे में जाना, वहां शाम को झन्डे बदलने के कार्यक्रम को देखा पर मन्दिर के अन्दर दर्शन करने नहीं गया। वहां के मुख्य पुजारी, जो पूरे समय मेरे साथ रहे, उसने कई बार मुझसे खास पूजा के लिये कहा पर मेरे मना कर देन पर उसे यह समझ में नहीं आया कि मैं वहां फिर क्या करने गया था। उसे विश्वास ही नहीं हो रहा था कि कोई केवल इसके इतिहास को जानने के लिये मन्दिर में आयेगा।

    इस सब के बावजूद भी,  जब मेरा मन अशान्त होता है या अनिश्चित्ता होती तो मैं रमायण सुनता हूं या फिर कोई भजन। मैं समझ नहीं पाता कि ऐसा क्यों होता है। दिल को तर्क से नहीं समझा जा सकता है।

    ‘कौन कहते हैं कि भगवान आते नहीं’ भी ऐसा ही भजन है। इसको सुनने से जो शान्ति मिलती है वह शायद लिखी नहीं जा सकती है, केवल अनुभव की जा सकती है। आप स्वयं सुन कर देखिये।

    यदि आप इस भजन के बोल जानना चाहते हैं तो फिर यू-ट्यूब जा कर more info के बटन पर चटका लगा कर पढ़ सकते हैं।

    आज का दिन कुछ … अलविदा  … फिर … मिलेंगे।

    Posted in दर्शन, विचार | 4 Comments »

    विकिपीडिया स्वतंत्र हुई

    Posted by उन्मुक्त on November 4, 2008

    Wikipedia

    Image via Wikipedia

    मैंने कुछ समय पहले एक चिट्ठी ‘विकिपीडिया की रिहाई?‘ नाम से पोस्ट की थी। इसमें बताया था कि विकिपीडिया जब शुरू की गयी उस  समय ग्नू मुक्त प्रलेखन लाइसेंस ही था इसलिये विकिपीडिया के जनक जिमी वेल्स ने इसे इसी लाइसेन्स के अन्दर प्रकाशित किया। हांलाकि यह लाइसेंस इस तरह के लेखों के लिये नहीं पर सॉफ्टवेयर के प्रलेखन (documentation) के बारे में था।  इसके बाद प्रोफेसर लेसिंग के द्वारा क्रिएटिव लाइसेन्स शुरू किया गया जो कि वास्तव में विकिपीडिया जैसे लेखों के लिये है।

    विकिपीडिया, विकिमीडिया का एक कार्य है। विकिमीडिया इस तरह के कई कार्य करती है। इसके सारे कार्य – विकिन्यूस् को छोड़ कर – ग्नू मुक्त प्रलेखन लाइसेंस की शर्तें के अन्दर हैं। केवल, विकिन्यूस् ही क्रिऐटिव कॉमनस् के लाइसेंस २.५ के अन्दर हैं। पिछले साल  ३०, नवम्बर २००७ को, जिमी वेल्स ने  आईकॉमनस् (icommons) की दावत में घोषणा  की,

    ‘What I’m happy to announce tonight is that just yesterday the Wikimedia Foundation board voted to approve a deal beetween the FSF and CC and Wikimedia. We’re going to change the GFDL in such a way that Wikipedia will be able to become licensed under the Creative Commons Attribution-ShareAlike license.
    So this is not as some people speculated on facebook my 58 birthday party … this is the party to celebrate the liberation of Wikipedia.’
    मुझे यह बताते हुऐ बहुत खुशी हो रही है कि हम … विकिमीडिया में प्रकाशित सामग्री का ग्नू मुक्त प्रलेखन लाइसेंस को इस प्रकार से बदल देंगे कि इसकी सामग्री क्रिऐटिव कॉमनस् के लाइसेंस के अन्दर भी प्रकाशित की जा सके।


    विकिमीडिया की प्रार्थना पर फ्री सॉफ्टवेयर फॉंडेशन ने ग्नू मुक्त प्रलेखन लाइसेंस पाठ १.३ (GNU Free Documentation License Version 1.3) ३ नवम्बर २००८ को निकाला है। इसके अनुच्छेद ११ में लिखा है कि इसके अन्दर प्रकाशित लेख अब क्रिएटिव लाइसेन्स ३.० (Creative Commons Attribution-Share Alike 3.0) के अन्दर प्रकाशित किये जा सकते हैं। अथार्त विकिपीडिया के सारे लेख आप क्रिएटिव लाइसेन्स ३.० के अन्दर प्रकाशित कर सकते हैं।

    ‘उन्मुक्त जी, आप बताये कि आपके लेख किस शर्तों में प्रकाशित हैं। क्या वे इसी शर्तों के अन्दर हैं?’


    सच बात तो यह है कि मेरे लेखों के लिये कोई शर्त नहीं है। वे इन सारे लाइसेंसों से भी ज्यादा स्वतंत्र हैं। आप उनका जैसा चाहें वैसा प्रयोग करें।

    ‘अरे, आपने ऐसा क्यों किया है?’


    इसका कारण जानने के लिये आपको मुन्ने की मां की यह चिट्ठी पढ़नी पड़ेगी।

    हां, मैं आपको एक बात बताना भूल गया। मैंने कुछ दिन पहले लिखा था कि अमेरिका में पेटेंट का कानून बदल सकता है। सच में, यह ३० अक्टूबर २००८ को बदल गया है – जरा १३२ पेज के फैसले को पढ़ लूं फिर बताउंगा पर  क्या कोई कानूनी विशेषज्ञ इसके बारे में लिखना चाहेगा।

    अन्य सांकेतिक चिन्ह

    technogy, तकनीकी, सूचना, हिन्दी, विधि/कानून,

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    Posted in IPR, कानून, दर्शन, सूचना, सॉफ्टवेयर | Tagged: , , , , , , , | 2 Comments »