छुट-पुट

उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

Archive for September, 2008

तुम जियो हज़ारों साल, साल के दिन हो हज़ार

Posted by उन्मुक्त on September 27, 2008

‘उन्मुक्त जी, किसका जन्मदिन है किसे बधाई दे रहे हैं, हमें भी तो बताइये। क्या अकेले ही केक खा लेंगे?’

अरे मैं अकेले थोड़े ही केक खाना चाहता हूं। इसी लिये तो आपको बता रहा हूं। २५ साल पहले २७, सितम्बर को ग्नू योजना (GNU project)  का जन्म हुआ था।


‘ग्नू योजना? अरे,  यह क्या बला है?’

ग्नू Gnu is not Linux शब्दों के प्रथम अक्षरों से बना शब्द है। ग्नू प्रोजेक्ट को २५ साल पहले रिचार्ड स्टालमेन (Richard M Stallmann) ने शुरु किया था। इसी से फ्री या कॉपीलेफ्टेड सॉफ्टवेयर का जन्म हुआ। मैंने चिट्ठाकारी २००६ के शुरू में प्रारम्भ की थी। शुरुवात के दौरान मैंने एक श्रंखला  ओपेन सोर्स सॉफ्टवेयर के नाम से की थी इसी श्रंखला की कॉपीलेफ्ट और फ्री सौफ़टवेर: इतिहास कड़ी में इनके बारे में लिखा है। इसकी एक और कड़ी में ओपेन सोर्स सौफ्टवेर – क्या है में ओपेन सोर्स से इसका अन्तर बताया है। यहां आप इसके बारे में विस्तार से जान सकते हैं। यदि आप पूरी श्रंखला को एक साथ पढ़ना चाहते हैं तो ओपेन सोर्स सौफ्टवेर पर पढ़ सकते हैं।


आइये आप भी जन्न्मदिन केक का आनन्द लीजिये।

This photograph is not mine and is courtesy this post.

जन्मदिन पर आप कोई न कोई उपहार तो देना ही चाहेंगे। मैं बताता हूं कि क्या उपहार दें। क्यों नहीं एक वह प्रोग्राम प्रयोग करना शुरू करें जो को ओपेन सोर्स का हो।

क्या कहा आपको किसी इस तरह के प्रोग्राम के बारे में नहीं मालुम! कोई मुश्किल नहीं।  क्यों नहीं ओपेन सोर्स की पाती – बिटिया के नाम या फिर वेलेंटाइन दिवस, ओपेन सोर्स के साथ मनायें चिट्ठी पढ़ लीजिये सब मालुम हो जायगा :-)

लिनेक्स वास्तव में ग्नू लिनेक्स है क्योंकि यह ग्नू योजना के प्रोग्रामों पर आधारित है। इसका प्रयोग क्यों नहीं करते हैं। यदि आप,

२५ साल पूरे होने पर इसके बारे में जानकारी के लिये, अंग्रेजीं का यह विडियो देखिये।

ग्नू से संबन्धित चित्र और रिचर्ड स्टालमेन और एब्लेन मॉगलेन ( Eblen Moglen) को इसके बारे में यहां बात करते देखिये। मॉगलेन वकील हैं और फ्री सॉफ्टवेयर इसकी सुरक्षा  के बारे में अक्सर बात करते हैं।

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(सुनने के लिये चिन्ह शीर्षक के बाद लगे चिन्ह ► पर चटका लगायें यह आपको इस फाइल के पेज पर ले जायगा। उसके बाद जहां Download और उसके बाद फाइल का नाम अंग्रेजी में लिखा है वहां चटका लगायें।: Click on the symbol ► after the heading. This will take you to the page where file is. Click where ‘Download’ and there after name of the file is written.)

यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप -

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले।

सांकेतिक शब्द

Free software, information , Information Technology, Intellectual Property Rights, information technology, Internet, Open source software, software, software, technology, technologytechnology, technology, Web, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीक, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर,

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उफ, क्या मैं कभी चैन से सो सकूंगी

Posted by उन्मुक्त on September 20, 2008

यह चिट्ठी एक महिला वकील के बचपन के अनुभवों का जिक्र करती हुई, यौन शिक्षा पर जोर देती है।

‘काश मैं एक रात भी, उन हाथों को सपनो में देखे बिना सो सकती’,

यह कहना है चेन्नाई की एक २४ वर्षीय सफल महिला वकील का।

वे किसके हाथ हैं, वे  सपनो क्यों न आयें, क्या हाथ भी सपनो में किसी को तंग कर सकते हैं?

क्या आप समझ नहीं पाये वे किसके हाथ हैं और वह वकील महिला उनसे क्यों डरती है?

वे हाथ हैं उसके बड़े भाई के, वे हाथ हैं उसके पड़ोसी के।

वे हाथ हैं उसके बड़े भाई के, वे हाथ हैं उसके पड़ोसी के, जिसके यहां वह बचपन में,  अपनी हम उम्र सहेली के यहां लुका छिपी खेलने जाया करती थी।

क्या आप अब भी नहीं समझ नहीं पाये कि वह वकील महिला उनसे क्यों डरती है?

मैं तहलका (Tehlka) पत्रिका का नियमित ग्राहक हूं। हमारे पास इसका अंग्रेजी भाषा का संस्करण आता है। इसमें एक स्तंभ है व्यक्तिगत इतिहास (Personal History) का। १३ सितम्बर के अंक के इस कॉलम के अन्तर्गत इसी महिला  ने इस बारे में

‘I pray that some day I will sleep without seeing those hands in my dreams’

नाम के शीर्षक से लिखे हैं आप इस अंक के लेख को पढ़ें या अन्तरजाल में यहां पढ़ें।

वे मुझेउस जगह छू रहे थे जहांं उन्हें नहीं छूना चाहिये था। वे मुझसे वह करवा रहे थे जो मुझे नहीं करना चाहिये था।


आपको क्या लगता है कि यह महिला झूट बोल रही है?

मुन्ने की मां के अनुसार जो भी इसके साथ हुआ वह अक्सर होता है। यह काम परिवार के लोग या फिर जान पहचान के लोग ही करते हैं।

यह महिला अपने अनुभव में कुछ हद तक अपने को भी को दोषी मानती है।  आपको क्या लगता है क्या वह दोषी है?

लड़की छोटी थी पर उसका भाई बड़ा था। उसका पड़ोसी भी उम्र में बड़ा था। क्या गलती उन दोनो की नहीं है? उन्होंने ऐसा क्यों किया? क्या उन्हें यह सब नहीं समझना चाहिये था? क्या गलती उनके माता पिता की, यह उस समाज की नहीं है जिसने,

  • न तो बड़े भाई को न उस पड़ोसी को उचित यौन शिक्षा दी
  • न ही उस महिला बच्ची को इस मुसीबत से बचाया।

मेरे विचार में शायद उन्हें  ठीक प्रकार से शिक्षा नहीं मिली। उन्हें यह ठीक प्रकार से मिली होती तो वे समझ पाते कि ६ साल की बच्ची पर उनकी हरकतों का क्या असर पड़ेगा।

आपको क्या लगता है कि क्या यौन शिक्षा नहीं होनी चाहिये?

मेरे विचार से यौन शिक्षा होनी चाहिये। मैं इसका पक्षधर हूं। अक्सर लोग इसका विरोध इसलिये करते हैं क्योंकि वे इसका अर्थ गलत समझते हैं। वे समझते हैं कि इसका सम्बन्ध केवल सम्भोग  या फिर प्रजनन से है। यह सोच ठीक नहीं है। यौन शिक्षा का अर्थ कुछ और है।  इस तरह की बातें परिवार समाज में होती हैं। मैंने पिछले साल लिखा था कि,

  • मेरी मां ने किस प्रकार से मुझे किस तरह से इससे दूर रखा
  • किस तरह से इस सच्चाई से अवगत कराया,
  • मुझे किस तरह यौन शिक्षा मिली, और
  • मैंने अपनी अगली पीढ़ी को इसके बारे में बताया।

मेरे विचार में यौन शिक्षा जरूरी है और यह किस तरह से हो उसके बारे में विचार जरूरी है।

क्या वह लड़की कभी ठीक से सो सकेगी? आशा करता हूं कि उसका वैवाहिक जीवन सुखी रहेगा।

तहलका में लिखे लेख को पढ़ने के लिये इस चित्र पर चटका लगायें।

इस चिट्ठी पर सारे चित्र तहलका के सौजन्य से हैं।

यौन शिक्षा क्या है और वह क्यों जरूरी है – कुछ लेख

यौन शिक्षा।। यहां सेक्स पर बात करना वर्जित है: हमने जानी है जमाने में रमती खुशबू।। यौन शिक्षा जरूरी है।। Trans-gendered – सेक्स परिवर्तित पुरुष या स्त्री।। मैं लड़के के शरीर में कैद थी।। मां को दिल की बात कैसे बतायें।।  क्या, अंतरजाल तकनीक पर काम करने वालों पर, वाई क्रोमोसोम हावी है?।।

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  • नानी पालकीवाला – एक जीवनी
  • वह तारा 

यह ऑडियो फइलें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप -

  • Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;
  • Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; और
  • Linux पर सभी प्रोग्रामो में – सुन सकते हैं।

बताये गये चिन्ह पर चटका लगायें या फिर डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्रामों मे से किसी एक को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर लें।

सांकेतिक शब्द

culture, life, Sex education, जीवन शैली, समाज, कैसे जियें, जीवन दर्शन, जी भर कर जियो, दर्शन, यौन शिक्षा,

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अरे …

Posted by उन्मुक्त on September 5, 2008

कुछ समय पहले मैं साउथ अफ्रीका के इंडिपेंडेंट एलक्टोरल कमीशन (Independent Electoral Commission, Head Office, Election House, 260 Walker Street, Sunnyside, Pretoria) की वेबसाइट गया पर मैं उसे न देख सका।

इसका कारण यह था कि आप उसे केवल इंटरनेट एक्सप्लोरर वेब ब्राउज़र से ही देख सकते हैं :-(

यह सच है कि आप लिनेक्स में वाइन की सहायता से इंटरनेट एक्सप्लोरर चला सकते हैं पर मुझे शक है कि यह कानूनी है कि नहीं। क्योंकि, विंडोज़ के अधिकतर सॉफ्टवेयर में शर्त होती है कि उनके सॉफ्टवेयर को, जब तक अनुमति न हो तब तक, विंडोज़ के अलावा किसी और ऑपरेटिंग सिस्टम में नहीं चलाया जा सकता है। यह अलग बात है कि इस तरह की शर्त वैध है अथवा नहीं।

मुझे जानकारी नहीं है कि मैक कंप्यूटर में इंटरनेट एक्सप्लोरर चलता है कि नहीं।

यह भी गौर करने की बात है कि लिनेक्स या मैक कंप्यूटर का प्रयोग करने वाले क्यों इंटरनेट एक्सप्लोरर का प्रयोग करेगें।  उनके पास प्रयोग करने के लिये इससे बढ़िया वेब ब्राउज़र  हैं।

मुझे आश्चर्य है कि साउथ अफ्रीका जैसे देश में, जहां लिनेक्स का बेहतरीन डिस्ट्रीब्यूशन बनता हो वहां भी इस तरह की कोई वेब साइट है।

यह तो एक तरह का भेदभाव हुआ न।

साउथ अप्रीका के लोग भी पीछे नहीं है। उन्होंने भी वहां के मानवाधिकार आयोग में भेदभाव का दावा ठोक दिया है।

हो सकता है कि कुछ दिनो बाद मैं आपको साउथ अफ्रीका घुमाने ले चलूं  :-)

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