छुट-पुट

उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

ऐसा भी होता है

अमेरिका में रहने वाले मेरे मित्र, अपने बच्चों को डाक्टर बनाना चाहते हैं। कारण – वे कभी नौकरी से हाथ नहीं धोते और पैसा भी अच्छा कमाते हैं।
ऑर्नल्ड किम न्यूयॉर्क के सौजन्य से

ऑरनल्ड किम का चित्र जे पॉल ने खींचा है और न्यू यॉर्क टाइमस् से है

ऑर्नल्ड किम डाक्टर हैं और उनके पिता भी पेशे से डाक्टर हैं। ऑर्नल्ड मैकरुमरस् डाट कॉम नामक चिट्ठा चलाते हैं। वे इसमें, ऐप्पल कम्पनी के बारे में अफ़वाहें, खबरें, और तथ्य लिखते हैं।  इस महीने उन्होंने डाक्टरी छोड़ दी है। अब, वे चिट्टाकारी ही करेंगे।

‘अरे, वे पैसा कैसे कमायेंगे?’

और कैसे, चिट्ठाकारी कर के। उनकी वेब-साइट में हर महीने ४-४.५ करोड़ लोग आते हैं (मेरी वेबसाउट में तो ४ हजार भी नहीं आते)। ऑर्नल्ड का कहना है,

‘अंतरजाल में लोगों के आने का अर्थ है शक्ति और शक्ति बदलती है पैसों में।’

देखिये हिन्दी चिट्ठाकारी के दिन कब बहुरते हैं।

विस्तार से खबर यहां पढ़ें।

जॉर्ज ऑरवेल के प्रसिद्ध उपन्यास नाइनटीन ऐट्टी फोर से प्रेरित एप्पल कंप्युटत का १९८४ का विज्ञापन।

इसने विज्ञापन-दुनिया को नया आयाम दिया

July 21, 2008 - Posted by उन्मुक्त | सूचना, सॉफ्टवेयर | | 2 Comments

2 Comments »

  1. विश्वास पर आसमान टिका है. भरोसा रखिये, जल्दी ही हिन्दी चिट्ठाकारी के दिन भी बहुरेंगे. शुभकामनाऐं.

    Comment by Sameer Lal | July 21, 2008

  2. अजी हमसे पूछिए, हम डॉक्टर लोग तो अपने बेटे को सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाना चाहते हैं। ऐसा ही कुछ विचार मेरे उन दोस्तों का है, जो बाहर बस गये हैं।

    Comment by Dr Anurag | July 21, 2008


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