क्या आप जानते हैं कि दस साल पहले क्या हुआ था
Posted by उन्मुक्त on March 31, 2008
नहीं भाई, नहीं। मेरी शादी नहीं हुई थी। उसे तो तीन दशक बीत गये हैं, वह तो इतिहास है।
‘अरे तो फिर क्या हुआ था।’
नहीं मालुम। दस साल पहले, ३१ मार्च १९९८ को मॉज़िला अधिकारिक रूप से शुरू किया गया था।
मॉज़िला का लोगो
मॉज़िला इस समय तीन बेहतरीन ओपेन सोर्स प्रोग्राम चलाता है। यह तीनो मॉज़िला पब्लिक लाइसेन्स के अन्दर प्रकाशित हैं, जो कि एक ओपेन सोर्स लाइसेन्स है।
फायरफॉक्स – यह वेब ब्रॉउज़र है,
थंडरबर्ड – यह ई-मेल भेजने और प्राप्त करने के सॉफ्टवेर है।
सनबर्ड – यह ई-मैनेजर है। आपको यह प्रिय जनों का जन्मदिन, शादी की सालगिरह की याद दिलाता है।
‘उन्मुक्त जी, आप कह रहे हैं तो अवश्य यह केवल लिनेक्स पर ही चलते होंगे। हम तो विंडोज़ वाले हैं। हमको इन प्रोग्रामों से क्या मतलब। तंग मत किया करिये।’
नहीं नहीं यह सच नहीं है। इनकी खासियत यही है कि यह सब ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। विंडोज़ पर तो बहुत बढ़िया चलते हैं। जो मुझसे लिनेक्स पर काम करने की सलाह पूछता है मैं उनसे कहता हूं कि पहले विंडोज़ में इन प्रोग्रामों में काम करो। उसके बाद लिनेक्स में काम करने में कोई मुश्किल ही नहीं होगी।
थंडरबर्ड में फीड स्थापित की जा सकती है। अपने प्रिय फीड एग्रेगेटर की या फिर अपने प्रिय चिट्ठों की। देर किस बात की – यहां से डाउनलोड करें।
सनबर्ड में अपनी पत्नी का जन्मदिन जरूर डाल लें ताकि वह हमेशा याद रहे। क्या कहा शादी नहीं हुई है तो महिला मित्र का ही जन्म दिन डाल लें। सनबर्ड आपके थंडरबर्ड के साथ भी स्थापित हो सकता है। मैंने इसे ऐसे ही स्थापित कर रखा है। इसको डाउनलोड करने के लिये यहां जाईये।
फायरफॉक्स के बारे में भी क्या बताने की जरूरत है। चलिये बाकी के बारे में बता रहा हूं तो इसके बारे में बता देता हूं। यह हिन्दी चिट्टाकारों के लिये कुछ खास है और यहां से डाउनलोड कीया जा सकता है।
देरी मत कीजिये – आपको मालुम नहीं कि आप क्या मिस कर रहें हैं।
सांकेतित शब्द
Internet, technology, सूचना प्रद्योगिकी, सॉफ्टवेयर, सॉफ्टवेर, सॉफ्टवेर, सौफ्टवेर, आईटी, अन्तर्जाल, इंटरनेट, इंटरनेट, टेक्नॉलोजी, टैक्नोलोजी, तकनीक, तकनीक, तकनीकी,

mamta said
शुक्रिया इस जानकारी का।
मॉज़िला तो हम इस्तेमाल करते है पर ये जानकारी नही थी।
pramendra pratap singh said
धन्यवाद
अनूप शुक्ल said
शुक्रिया! हम भी फ़ायरफ़ाक्स ही प्रयोग करते हैं।
संजय बेंगाणी said
फायर फोक्स तो अनिवार्य सा है हमारे लिए
सागर नाहर said
अपन भी फाफा के ही दीवाने हैं.. बाकी की सुविधाओं को ज्यादा उपयोग नहीं किया कभी।
अब सोचता हूँ कि सनबर्ड को एक बार आजमा कर देखना चाहिये।
छुट-पुट said
[...] फायरफॉक्स की सूरत से दिल भर गया। [...]
Prashant Priyadarshi said
bahut badhiya jaankari aur vo bhi interesting way me..
आज का दिन महत्वपूर्ण है « छुट-पुट said
[...] क्या आप जानते हैं कि दस साल पहले क्या ह… [...]