तरकश के द्वारा पिछले वर्ष से सर्वश्रेष्ट चिट्टाकार का चुनाव शुरू किया गया। पिछले साल पुरुस्कार मिलने पर, मैंने आभार प्रगट करते समय कहा था,
‘मुझे एक बात का दुख भी है। हमारे साथ कोई महिला चिट्ठाकार नहीं है।
मुझे मुन्ने की मां को कई बार कहना पड़ता है तब वह कोई चिट्ठी पोस्ट करती है। जब मैं उससे पूछता हूं कि वह और चिट्ठियां क्यों नहीं पोस्ट करती, तो उसका जवाब रहता है कि,
- कंप्यूटर तुम्हारा ज्यादा अच्छा मित्र है; या
- घर का काम कौन करेगा; या
- मुझे कंप्यूटर कम समझ में आता है।
कभी कभी वह कुछ मुश्किल में पड़ जाती है और मेरे पास उसे बताने का समय नहीं होता। शायद महिलाओं कि एक अलग श्रेणी भी रखी जानी चाहिये।’
उस समय मेरे सुझाव – महिलाओं की अलग श्रेणी बनायी जाय – पर कुछ चिट्टाकार बन्धुवों को आपत्ति थी। इस साल भी है पर मुझे प्रसन्नता है कि मेरे इस सुझाव को चुनाव आयोजकों ने मान लिया। मेरे विचार से यह सही कदम है।
इस साल नामांकन हो गया है, वोटिंग शुरू हो गयी है। पिछले साल न मैंने, न ही मुन्ने की मां ने ही वोट दिया था। मैंने, इसका कारण भी उसी चिट्ठी में स्पष्ट किया था,
‘यह इस कारण से नहीं कि हमें इस चुनाव में कोई दिलचस्पी नहीं, पर इसलिये कि हम इस चुनाव में निष्पक्ष रहना चाहते थे। मैं तो मुन्ने की मां के अलावा किसी और को वोट दे ही नहीं सकता था, न ही देने की हिम्मत थी
‘
इस बार तो कोई इस तरह की बन्दिश नहीं थी। मैं इसमें उम्मीदवार नहीं हूं। मैंने तो आज सुबह ही – इसके पहले कोई मेरा फर्जी वोट डाले – अपना बहुमूल्य वोट डाल दिया। आपने वोट डाला कि नहीं? क्या कहा नहीं डाला! अरे क्या मजाक करते हैं। तुरन्त डालें, कहीं कोई और न डाल दे
वोट डालने के लिये यहां जांय।
पुरुस्कारों के लिये यहां देखें। बहुत से लोग पुरुस्कार दे रहें हैं। यहां एक पुरुस्कार रचना जी की बेटी, पूर्वी की याद में है। यह क्यों है इसे आप यहां पढ़ सकते हैं।
इस चिट्ठी में प्रकाशित चित्र पर मेरा कॉपीराइट नहीं है। मैंने इसे यहां से लिया है और इन्हीं के सौजन्य से है।
The photograph published is not mine. I have taken it from here and it is courtsey them.
Hi, I am using it for non profit purpose. Pease do let me know if you have any objection. In that event, I will remove it.

