विचारों की स्वतंत्रता तो होनी चाहिये।
करीम विचारों के लिये जेल में है । यह ठीक नहीं।
अंग्रेजी बोलने वाले देशों में, सबसे जाने माने न्यायमूर्ति अमेरिका के न्यायधीश होल्मस् (Justice Oliver Wendell Holmes, Jr.
) हैं। वे US vs. Schwimmer, 279 US 644, 654, 655 नामक मुकदमे में अपने विचार इस तरह से रखते हैं,
‘If there is any principle of the constitution that more imperatively calls for attachment than any other it is principle of free thought, not free thought for those who agree with us but freedom for the thought that we hate.’
न्यायमूर्ति होल्मस् का चित्र विकिपीडिया से है और उसी की शर्तों के अन्दर है।
जॉर्ज ऑर्वल (George Orwell) की एक प्रसिद्ध पुस्तक Animal Farm है। इसके बारे में, मैंने किसी अन्य संदर्भ में, यहां लिखा है। जेफरी रॉबर्टसन् (Geoffrey Robertson) ने भी Freedom, the Individual and the Law नामक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक की भूमिका में जेफरी रॉबर्टसन्, जॉर्ज ऑर्वल के शब्द जो कि इन्होने अपनी पुस्तक Animal Farm के बारे में कहे हैं लिखा है। यह कुछ इस प्रकार हैं।
‘If liberty means anything at all, it means the right to tell people what they do not want to hear.’
उनकी रिहाई के बारे अपील यहां है। इसके बारे में मुझ यहां से पता चला और यह इस चिट्ठी के अनुरोध पर है।
पहले वे आए यहूदियों के लिए और मैं कुछ नहीं बोला, क्योंकि मैं यहूदी नहीं था। फिर वे आए कम्युनिस्टों के लिए और मैं कुछ नहीं बोला, क्योंकि मैं कम्युनिस्ट नहीं था। फिर वे आए मजदूरों के लिए और मैं कुछ नहीं बोला, क्योंकि मैं मज़दूर नहीं था। फिर वे आए मेरे लिए और कोई नहीं बचा था जो मेरे लिए बोलता।
अभी नहीं तो शायद बहुत देर हो जाय।
November 9, 2007 - Posted by उन्मुक्त | कानून, सूचना | | 3 Comments
3 Comments »
Leave a comment
मैं और यह चिठ्ठा
मै हूं उन्मुक्त – हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं उन्मुक्त नाम से एक और चिठ्ठा लिखता हूं। जिसमे आप सब को अपने विचारों से बोर करता हूं। यह अक्सर कड़ियों में करता हूं फिर उन्हें संकलित कर लेख में रखता हूं। टीवी, अखबार, तथा इन्टरनेट पर बहुत कुछ आता रहता है। इस चिठ्ठे पर, उनमे से कुछ के बारे मे जिक्र करके आपको बोर करूंगा – यदि आप पहले से पढ़ कर बोर नहीं हुए होंगे तो।
मेरे एक मित्र के पुत्र की आखें कमजोर हैं वह अक्सर ऐसे प्रोग्राम के बारे में पूछता रहता है जिसमें पढ़ना न पड़े और वह सुन सके। इसलिये एक पॉडकास्ट ‘बकबक‘ नाम से शुरू की। पॉडकास्ट की अधिकतर फाईलें ogg, ओपेन सोर्स फॉरमैट, मे हैं। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,
- Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;
- Linux पर लगभग सभी प्रोग्रामो में; और
- Mac-OX पर कम से कम Audacity में,
सुन सकते हैं। यह ogg फॉरमैट में क्यों है इसके बारे में आप मेरी चिट्ठी ‘पापा, क्या आप इलझन में हैं‘ पर पढ़ सकते हैं। यदि इसे एमपी-३ मानक में सुनना चाहें तो यहां चटका लगा कर सुन सकते हैं।
मेरे तीनो चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सारी पोस्टें, कौपी-लेफ्टेड हैं। आपको इनका प्रयोग व संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या इस पॉडकास्ट को दें और अच्छा हो कि उस पोस्ट से लिंक दे दें। मुझे और भी प्रसन्नता होगी यदि इनका उपयोग ऐसे लोगों के लिये किया जा सके जिनकी आखें कमज़ोर हैं। यह सारी सामग्री क्रिएटिव कॉमन शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। यह इनके द्वारा निकाला नया लाइसेन्स है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। इसकी शर्तें नायाब हैं इनको यहां देखें।
इस चिट्ठे की सामग्री क्रिएटिव कॉमन शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। यह इनके द्वारा निकाला नया लाइसेन्स है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। इसकी शर्तें नायाब हैं इनको यहां देखें।
मैंने एक फीड एक्रेगेटर चिट्ठे और पॉडकास्ट नाम से बनाया है। इसमें देवनागरी में लिखे सारे चिट्ठों की प्रविष्टियों की सूचना आती है। इसका भी आप जैसा चाहे वैसा प्रयोग कर सकते हैं।
मेरी पत्नी भी एक चिट्ठा ‘मुन्ने के बापू‘ के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। हमारे में बारे में आप ‘भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर‘ चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं। मुझसे सम्पर्क का पता यह है।
Pages
बकबक पर नयी प्रविष्टियां-
बकबक पर पॉडकास्ट कैसे सुने
बकबक पर अधिकतर ऑडियो क्लिपें ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,* Windows पर कम से कम Audacity एवं Winamp में;
* Linux पर लगभग सभी प्रोग्रामो में; और
* Mac-OX पर कम से कम Audacity में,
सुन सकते हैं। ऑडियो क्लिप पर चटका लगायें फिर या तो डाउनलोड कर ऊपर बताये प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को अपने कंप्यूटर में डिफॉल्ट में कर ले। मैंने इसे ogg फॉरमैट में क्यों रखा है यह आप मेरे उन्मुक्त चिट्ठे की पापा, क्या आप उलझन में हैं चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं। यदि इसे mp3 फॉरमैट में सुनना चाहें तो यहां चटका लगायें। -
मेरे पॉडकास्ट बकबक की फीड
लेख पर नयी प्रविष्टियां
मुन्ने के बापू पर नयी प्रविष्टियां
उन्मुक्त पर नयी प्रविष्टियांश्रेणियां
पुराने लेख
- July 2009
- June 2009
- May 2009
- April 2009
- March 2009
- February 2009
- January 2009
- December 2008
- November 2008
- September 2008
- August 2008
- July 2008
- June 2008
- May 2008
- April 2008
- March 2008
- February 2008
- January 2008
- December 2007
- November 2007
- October 2007
- September 2007
- August 2007
- July 2007
- June 2007
- May 2007
- April 2007
- March 2007
- February 2007
- January 2007
- December 2006
- November 2006
- October 2006
- September 2006
- August 2006
- July 2006
- June 2006
- May 2006
-
मैं और यह चिठ्ठा
मै हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं ' उन्मुक्त' नाम से एक और चिठ्ठा लिखता हूं। जिसमे आप सब को अपने विचारों से बोर करता हूं। यह अक्सर कड़ियों में करता हूं फिर उन्हें संकलित कर ' लेख' में रखता हूं। टीवी, अखबार, तथा इन्टरनेट पर बहुत कुछ आता रहता है। इस चिठ्ठे पर, उनमे से कुछ के बारे मे जिक्र करके आपको बोर करूंगा - यदि आप पहले से पढ़ कर बोर नहीं हुए होंगे तो। मेरे एक मित्र के पुत्र की आखें कमजोर हैं वह अक्सर ऐसे प्रोग्राम के बारे में पूछता रहता है जिसमें पढ़ना न पड़े और वह सुन सके। इसलिये एक पॉडकास्ट ' बकबक' नाम से शुरू की। मेरे तीनो चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सारी पोस्टें, कौपी-लेफ्टेड हैं। आपको इनका प्रयोग व संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या इस पॉडकास्ट को दें और अच्छा हो कि उस पोस्ट से लिंक दे दें। मुझे और भी प्रसन्नता होगी यदि इनका उपयोग ऐसे लोगों के लिये किया जा सके जिनकी आखें कमज़ोर हैं। मैंने एक फीड एक्रेगेटर उन्मुक्त नाम से बनाया है। इसमें देवनागरी में लिखे सारे चिट्ठों की प्रविष्टियों की सूचना आती है। इसका भी आप जैसा चाहे वैसा प्रयोग कर सकते हैं। मेरी पत्नी भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। हमारे में बारे में आप 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' चिट्ठी पर पढ़ सकते हैं। मुझसे समपर्क का पता यह है -
कितनी बार देखा गया
- 21,528 बार
Meta
a
मैंने इन्हें भी देखा – मेरे देवनागरी चिट्ठे एवं पॉडकास्ट सेकुछ कड़ियां
-
Can Not See Hindi or Want to read this Blog/ Post in another Script
If you can not see Hindi the set your view or character encoding to Unicode UTF-8.
If you wish read the post in any other Indian or Roman script then please go here.- Fill up the post address;
- Tick the script in which you wish to read; and
- Click on the button 'Transliterate (I have read the disclaimer)'.
-
Recent Posts
-
Top Posts
- क्या आप अपनी पत्नी के लिये उपहार खरीद रहे हैं
- राशिफल का मेष राशि से शुरु और ज्योतिष का अपने तर्क पर गलत होना
- इंटरनेट (अन्तरजाल) का प्रयोग - मौलिक अधिकार है
- यौन शिक्षा जरूरी है
- कौन कहते हैं कि भगवान आते नहीं
- महिलाओं की स्कर्ट छोटी नहीं हो सकती
- साधू, फुटबाल, और संगम
- हमारी शिक्षा प्रणाली
- You're Too Kind – A Brief History of Flattery
- अंतरजाल पर हिन्दी कैसे बढ़े
-
नयी टिप्पणियां
हिन्दी चिट्ठाकार उन्मुक्त – Unmukt की चिट्ठियाँ- मुझे फिर कभी ग़ुलामों के देश में न जाना पड़े July 9, 2009इस चिट्ठी में चर्चा का विषय है डार्विन का व्यक्तित्व और उसे १८ जून १८५८ को मिला पत्र। इस चिट्ठी और इसकी अगली चिट्ठी को आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;Mac-OX पर कम से कम Audacity, Mplayer एवं VLC में; औरLinux […]उन्मुक्त
- साइकलें, ठहरने वाले मेहमानो के लिये हैं July 4, 2009केरल यात्रा के दौरान हम कुमाराकॉम गये थे। यहां हम लोग ताज गार्डेन रिट्रीट में ठहरे थे। यह चिट्टी इसी के बारे में है।हम लोग दोपहर के भोजन के समय कुमाराकॉम पहुंचे। यहां हमें ताज गार्डन रिट्रीट (Taj Garden Retreat) होटल में एक रात रूकना था। सुबह, झील से, होटेल का दृश्य ताज गार्डन रिट्रीट होटल मुझे बहुत सुन्दर और शान्त लगा। यहां पहले बेकर परिवार रहा करता था इसल […]उन्मुक्त
- इंटरनेट (अन्तरजाल) का प्रयोग – मौलिक अधिकार है July 2, 2009yeh chitthi French Constitutional council ke dvaara three strike kanoon ke khilaaf diye gaye phasle ke baare mein hai. This post is about the decision of French Constitutional council holding three strike law as illegal. यह चिट्ठी फ्रांस के कॉन्स्टिट्यूशनल काउंसिल के द्वारा थ्री स्ट्राइक कानून के खिलाफ दिये गये फैसले के बारे में है। […]उन्मुक्त
- The file ‘डार्विन को लिखा पत्र और उसका व्यक्तित्व’ was added by unmukt July 1, 2009डार्विन को लिखा पत्र और उसका व्यक्तित्व.ogg इस पॉडकास्ट में डार्विन को मिले पत्र और उसके व्यक्तित्व की चर्चा है। यह ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप, Windows वा Mac-OX पर, कम से कम Audacity, Mplayer, एवं VLC media player में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This pod […]unmukt
- The file ‘डार्विन को लिखा पत्र और उसका व्यक्तित्व’ was added by unmukt July 1, 2009डार्विन को लिखा पत्र और उसका व्यक्तित्व.ogg इस पॉडकास्ट में डार्विन को मिले पत्र और उसके व्यक्तित्व की चर्चा है। यह ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप, Windows वा Mac-OX पर, कम से कम Audacity, Mplayer, एवं VLC media player में सुन सकते हैं। फाईल को डाउनलोड कर उक्त प्रोग्राम में सुने या इन प्रोग्राम को डिफॉल्ट में कर लें। This pod […]unmukt
- सृष्टि के कर्ता-धर्ता को भी नहीं मालुम इसकी शुरुवात का रहस्य June 28, 2009हिन्दू मज़हब की एक धारणा के अनुसार, किसी को नहीं मालुम कि सृष्टि की रचना कैसे हुई - शायद यह उसके कर्ता-धर्ता को भी नहीं मालुम है। इस चिट्ठी में, इसी की चर्चा है।इसे आप सुन भी सकते है। सुनने के लिये यहां चटका लगायें। यह ऑडियो फाइल ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप,Windows पर कम से कम Audacity, MPlayer, VLC media player, एवं Winamp में;Mac-OX पर कम […]उन्मुक्त
- गाना, विडियो अपलोड करने वालों – सावधान June 27, 2009This post is about damages of 1.92 million dollar damages awarded against Jammie Thomas Rasset for uploading songs for download. yeh chitthi jemmey thomas pr gaane upload karne ke liye gaye jurmaane ke baare mein hai. यह चिट्ठी जैमी थॉमस रैसेट पर गाने अपलोड करने पर लगाये गये जुर्माने के बारे में है। […]उन्मुक्त
- आप जितनी सुन्दर हैं उतनी ही सुन्दर आपके पैरों में लगी मेंहदी June 25, 2009इस चिट्ठी में, कोची (कोचीन) में घूमने की जगहों की चर्चा है।सबसे पहले हम लोग वहाँ सिनागॉग, यानी की यहूदियों के पूजा स्थल, देखने गये। इसे १५६८ में स्पैनिश एवं डच यहूदियों ने बनावाया था। इसके उपर घड़ी की टावर १७६० में बनी। इसकी देखरेख करने वाले वाले ने बताया, डच पैलेस से सियनगॉग के पीछे से दृश्य'इस समय यहाँ पर यहूदियों के केवल पाँच परिवार रह गये है और […]उन्मुक्त
- बच्चे व्यवहार से सीखते हैं, न कि उपदेश से June 21, 2009यह चिट्ठी ई-पाती श्रंखला की कड़ी है। यह श्रंखला, नयी पीढ़ी की जीवन शैली समझने, उनके साथ दूरी कम करने, और उन्हें जीवन मूल्यों को समझाने का प्रयत्न है। हमें घर में वह व्यवहार करना चाहिये जो हम अपने बच्चों में देखना चाहते हैं।२०वीं शताब्दी की शुरूवात में, पिता -दिवस मां-दिवस के पूरक रूप शुरू किया गया। यह देशों में अलग अलग दिन मनाया जाता है पर अधिकतर देशों में […]उन्मुक्त
- The file ‘हिन्दू मज़हब - किसी को नहीं मालुम कि सृष्टि की रचना कैसे हुई ‘ was added by unmukt June 21, 2009हिन्दू मज़हब - किसी को नहीं मालुम कि सृष्टि की रचना कैसे हुई .ogg हिन्दू मज़हब की एक धारणा के अनुसार यह नहीं मालुम की सृष्टि और प्राणिजगत की कैसे शुरुवात हुई। इसी की चर्चा इस पॉडकास्ट में है। यह ogg फॉरमैट में है। इस फॉरमैट की फाईलों को आप, Windows वा Mac-OX पर, कम से कम Audacity, Mplayer, एवं VLC media player में सुन सकते हैं। फाईल को डाउ […]unmukt
- मुझे फिर कभी ग़ुलामों के देश में न जाना पड़े July 9, 2009



धन्यवाद उन्मुक्त, उम्मीद है और साथी भी इस बारे में एक पोस्ट लिखेंगे।
Unmukt sir,
I appreciate your effort in writing this article.
I read karim’s views also. Though I may not agree with his views in totality, but I do agree that imprisonment is draconian.
However, it seems like the plan/ news to make a syncronised posting did not reach too many bloggers.
I hv a feeling that to really make it into a COMMUNITY posting, may be it would be a good idea if all aggregators give a small amount of screen space on top of their front page, to publicise this issue and elicit support for a synchronised posting, on a date about a week later.
Further, to gather even more momentum, each blogger who plans to support this synchronised posting may fix that same banner graphic on top of their own blog, so that their regular readers get to know of the plan ..
May be even english bloggers can pitch in.. if some effort is made to reach out to them…
If possible, the press or other media could also be informed about this symbolic protest by all bloggers(i do hope all hindi bloggers will join in) and that would definitely make “news” and help spread the message even further.. or so I hope.. and this should not be too difficult cos many media ppl are also bloggers..
I dont know much about the blog world, so may be my analysis and hopes are quite far from reality, but I am sure that you can make a very good analysis on whether this is possible or not and how this might be done..
Do you think such a plan can make an impact?
Regardless of the above suggestion’s fate, I do appreciate all your articles and thank you for them.
Yesterday I couldnt post bcos of tech reasons but (a belated) Happy Diwali to you and your family members.
Rgds!
आपकी बात ठीक है। हिन्दी चिट्टाकारों में ज्यादा उत्साह रहता यदि वह भारत के किसी व्यक्ति से संबन्धित रहती। दीपावली आपको भी शुभ हो। – उन्मुक्त
[...] Post featured in the blog ‘Unmukts’ – Post featured in the blog ‘Shabdonkiduniya’ – Post featured in the blog [...]
Pingback by Free Kareem! » Blog Archive » Free Kareem blog day in India | November 11, 2007