छुट-पुट

उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

Archive for November, 2007

मोबाईल फोन में क्रांति और पैसा कमाने का जरिया

Posted by उन्मुक्त on November 15, 2007

यह सच है कि आजकल आई-फोन (iphone) की धूम है। टाइम पत्रिका के १९ नवंबर के अंक ने इसे इस साल का आविष्कार में रखा है पर मैं आई-फोन की बात नहीं कर रहा हूं। यह ओपेन सोर्स पर आधारित नहीं है फिर कैसे क्रांति ला सकता है :-)

भाई मैं तो बात कर रहा हूं गूगल (google) के द्वारा बनाये गये नये ओपेन सोरस सॉफ्टवेर एंड्रॉएड (Android) के बारे में जो कि ओपेन सोर्स है। बहुत से लोग इसे जी-फोन कह रहें है पर यह गलत है क्योंकि गूगल कोई मोबाईल फोन नहीं बना रहा वह तो केवल उस पर चलने वाल एक ओपेन सोर्स सॉफ्टवेर बना रहा है। मोबाईल फोन तो बनायेंगी हार्डवेर कंपनिया जैसे कि मोटोरोला, एलजी, सैमसंग आदि। इस सॉफ्टवेर में क्या है यह तो आप यहां स्वयं देख लीजिये।

इसका एक और प्रदर्शन यह रहा।

है न बढ़िया – मैं तो बस इस फोन के बजार में आने का इंतजार कर रहा हूं।

अरे उन्मुक्त जी यह सब तो ठीक है पर काम की बात बताओ – पैसा कैसे कमाया जायगा।

एक कड़ोड़ डॉलर, उन लोगो के लिये अलग कर दिये हैं जो इस सॉफ्टवेर पर कुछ नये उपयोग (appications) बनायेंगे

गूगल कंपनी ने एक कड़ोड़ डॉलर, उन लोगो के लिये अलग कर दिये हैं जो इस सॉफ्टवेर पर कुछ नये उपयोग (appications) बनायेंगे।

धत्त तेरे कि। मैं तो चिट्ठकार हूं यह कैसे करूंगा।

चलिये कुछ नये उपयोगों का सुझाव तो दे ही सकते हैं। मेरी तरफ से सुझाव – यह सॉफ्टवेर हिन्दी (देवनागरी) सक्षम हो और देवनागरी में भी एस.एम.एस. भेजे जा सकें और यदि पैसा मिले तो याद रखा जाय :-)

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विचारों की स्वतंत्रता तो होनी चाहिये।

Posted by उन्मुक्त on November 9, 2007

करीम विचारों के लिये जेल में है । यह ठीक नहीं।

अंग्रेजी बोलने वाले देशों में, सबसे जाने माने न्यायमूर्ति अमेरिका के न्यायधीश होल्मस् (Justice Oliver Wendell Holmes, Jr.oliver_wendell_holmes_jr_circa_1930.jpg) हैं। वे US vs. Schwimmer, 279 US 644, 654, 655 नामक मुकदमे में अपने विचार इस तरह से रखते हैं,

‘If there is any principle of the constitution that more imperatively calls for attachment than any other it is principle of free thought, not free thought for those who agree with us but freedom for the thought that we hate.’

न्यायमूर्ति होल्मस् का चित्र विकिपीडिया से है और उसी की शर्तों के अन्दर है।

जॉर्ज ऑर्वल (George Orwell) की एक प्रसिद्ध पुस्तक Animal Farm है। इसके बारे में, मैंने किसी अन्य संदर्भ में, यहां लिखा है। जेफरी रॉबर्टसन् (Geoffrey Robertson) ने भी Freedom, the Individual and the Law नामक पुस्तक लिखी है। इस पुस्तक की भूमिका में जेफरी रॉबर्टसन्, जॉर्ज ऑर्वल के शब्द जो कि इन्होने अपनी पुस्तक Animal Farm के बारे में कहे हैं लिखा है। यह कुछ इस प्रकार हैं।

animal-farm.jpg

‘If liberty means anything at all, it means the right to tell people what they do not want to hear.’

उनकी रिहाई के बारे अपील यहां है। इसके बारे में मुझ यहां से पता चला और यह इस चिट्ठी के अनुरोध पर है।

पहले वे आए यहूदियों के लिए और मैं कुछ नहीं बोला, क्‍योंकि मैं यहूदी नहीं था। फिर वे आए कम्‍युनिस्‍टों के लिए और मैं कुछ नहीं बोला, क्‍योंकि मैं कम्‍युनिस्‍ट नहीं था। फिर वे आए मजदूरों के लिए और मैं कुछ नहीं बोला, क्‍योंकि मैं मज़दूर नहीं था। फिर वे आए मेरे लिए और कोई नहीं बचा था जो मेरे लिए बोलता।

अभी नहीं तो शायद बहुत देर हो जाय।

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