छुट-पुट

उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

सफर पूरा हुआ

कुछ समय पहले, मैंने ‘क्या सूरज पश्चिम से उगा है‘ चिट्ठी में बताया था कि माईक्रोसॉफ्ट ने अपने शेएर्ड लाइसेंसेस् को को ओपेन सोर्स इनिशिएटिव के समक्ष रख रहा है ताकि उस लाइसेंस के अन्दर प्रकाशित सॉफ्टवेर को ओपेन सोर्स सॉफ्टवेर माना जा सके।

वीनस सुन्दरता की देवी है। इसीलिये, आकाश में, सूरज डूबने के बाद, जो सबसे सुन्दर दिखायी पड़ता है उसका नाम वीनस यानि कि बुद्ध ग्रह है। यहां पर सूरज पश्चिम से निकलता है। इसलिये दूसरी चिट्ठी ‘हम सुन्दरता की देवी पर पहुंच रहे हैं‘ नाम से लिखी थी।

यह सफर पूरा हुआ। ओपेन सोर्स इनिशिएटिव ने १२ अक्टूबर को इन लाइसेंसेस् को अपना अनुमोदन दे दिया। हांलाकि यह भारी बहुमत से हुआ पर सर्वसम्मत से नहीं।

क्या अब माईक्रोसॉफ्ट ओपेन सोर्स कंपनी हो जायगी?

October 16, 2007 - Posted by उन्मुक्त | सूचना | | No Comments Yet

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