मुक्त सॉफ्टवेर दिवस
‘उन्मुक्त जी, मातृ दिवस, पितृ दिवस, प्रेम दिवस (valentine’s day) तो सुने थे पर मुक्त सॉफ्टवेर दिवस! यह क्या बला है?’
हर साल सितंबर के महीने में एक दिन मुक्त सॉफ्टवेर दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल यह १५ सितम्बर को मनाया जा रहा है। पिछले साल यह १० सितंबर को मनाया गया था।
यह दिवस ओपेन और मुक्त सॉफ्टवेर को, लोकप्रिय बनाने के लिये, इसे जन जन तक पहुंचाने के लिये, मनाया जाता है। इसके बारे में यदि,
- आप कुछ और सूचना चाहते हों तो यहां से प्राप्त कर सकते हैं।
- आप इसे अपने शहर में मनाना चाहते हों या फिर जानना चाहते हों कि आपके शहर में मनाया जा रहा है कि नहीं या आपके शहर में, इसे कौन मना रहा है तो यहां देखें।
- इस संबन्ध में ऑनलाइन कुछ खरीदना चाहें तो यहां से खरीद सकते हैं।
- कुछ सहायता करना चाहें, तो यहां देखें।
यदि आप खाली हों और यह आपके शहर में मनाया जा रहा हो तो क्यों नहीं इसमें भाग लेते। यह ओपेन सोर्स के बहुत सारे मिथकों को दूर करने में सहायक होगा। आपको यह भी पता चलेगा कि ओपेन सोर्स सॉफ्टवेर से क्या किया जा सकता है। हो सकता है कि यह आपकी सारी जरूरतों को पूरा करे – फिर तो … का सॉफ्टवेर प्रयोग करने की जरूरत नहीं।
१४ सितंबर हिन्दी दिवस है और मुक्त सॉफ्टवेर दिवस अगले दिन ही है – भाग लीजिये और हिन्दी में ही बात करिये।
पिछली बार , एक महानगर में भाग लेते समय, मैंने हिन्दी में बोलना शुरू किया। आयोजकों को आश्चर्य हुआ क्योंकि पूरा आयोजन अंग्रेजी में था। उन्हें लगता था कि इस विषय पर हिन्दी में बात हो ही नहीं हो सकती है। खैर, मैंने तो एक छोटे से कस्बे में रहने का फायदा उठाया और हिन्दी में ही चालू रहा। आयोजकों ने बाद में धन्यवाद देते समय कहा,
‘इस सम्मेलन में, हिन्दी में की गयी बात, सबसे ज्यादा समझी गयी।’
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क्या मालुम – वहीं कहीं, किसी शहर में – अज्ञात हिन्दी चिट्ठाकार सम्मेलन भी हो जाय।

ये हम भारतवासियों की कमजोरी है की हम भारतवासी हिंदी मे बात करना शर्म की बात समझते है। क्या नेता क्या अभिनेता हर कोई इंग्लिश मे बोल कर अपने को सभ्य दिखाने की कोशिश करते है।
आज के समय में साफ़्टवेयर से मुक्ति की बात कहना चम्मच से खोदकर बड़ा बांध बनाने की कोशिश करने जैसा है। फिर भी इस साइट पर क्या लिखा है, अभी देखता हूँ।
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‘इस सम्मेलन में, हिन्दी में की गयी बात, सबसे ज्यादा समझी गयी।’
व्यक्तिगत रूप से यह बात सब लोग कहते और मानते हैं, पर इसे सामूहिक रूप से स्वीकार करना चाहिये और साथ ही इसके तार्किक निष्कर्षों पर अमल होना चाहिये।
मुझे मुक्ति और स्वतन्त्रता में एक बारीक अन्तर समझ में आता है – मुक्ति का अर्थ किसी नकारात्मक चीज से छुटकारा है; स्वतन्त्रता का अर्थ ‘अपना तन्त्र बनाना, रखना और उससे संचालित होना’ है।
इसलिये ‘साफ़्टवेयर मुक्ति’ का अर्थ हुआ – मालिकाना साफ़्टवेयरों की बुराइयों से छुटकारा
साफ़्टवेयर स्वतन्त्रता का अर्थ हुआ – अपनी आवश्यकता के अनुरूप साफ़्टवेयर बनाना और उसका प्रयोग करना तथा दूसरे पर निर्भर न रहना
अनुनाद जी,
अंग्रेजी में इसे Software Freedom Day का नाम दिया गया है। मैंने अपनी समझ से इसका अनुवाद साफ़्टवेर मुक्ति दिवस कर दिया। शायद मुक्त सॉफ्टवेर दिवस ज्यादा ठीक हो। मैं वही कर देता हूं। आप भी इसका सही अनुवाद सुझायें तो कृपा होगी।
उन्मुक्त
बात में दम है.
आप सही कहते है। हिन्दी मे ही इस विषय पर की गई चर्चा हम जैसे लोगों को भी लाभ पहुचा सकती है जो अग्रेजी कम जानते है।
बधाई आपको इस दिवस की।
मुक्त सॉफ्टवेयर वाले भी चीजें बेचते हैं?
एक अन्य बात आप टिप्पणियों का जवाब उन्हें संपादित करके उसी में जोड़ देते हैं। इससे भ्रम उत्पन्न होता है।
इसकी बजाय आप अलग टिप्पणी कर @टिप्पणीकार का नाम, का प्रयोग कर जवाब लिख सकते हैं। कोई खास पंक्ति उदधृत करनी हो तो उसे blockquote टैग से Quote कर सकते हैं।
Shrish जी
मुझे अलग से टिप्पणी करना ठीक नहीं लगता है। इसके कई कारण हैंः
१ – अलग से टिप्पणी करने पर स्वयं की टिप्पणी चिट्ठे पर आ जाती है। मैं चाहता हूं कि जो लोग मेरे चिट्ठे पर आते हैं वे और लोगों की टिप्पणी पढ़ें न कि मेरी।
२ – अपने चिट्ठे पर स्वयं की टिप्पणी – कुछ मजा नहीं आता।
३ – जिसके बात का आप जवाब दे रहे होते हैं वही आपके जवाब में रुचि रखता है और कोई नहीं।
४ – मैं उस चिट्ठाकार बन्धु का नाम लिख कर जवाब देता हूं और बाद में अपना नाम लिखता हूं। भ्रम तो नहीं होना चाहिये।
इसलिये वर्डप्रेस जवाब वहीं पर देता हूं। हां ब्लॉगर पर, मजबूरन अलग से जवाब देना पड़ता है।
मुक्त सॉफ्टवेर वाले, सॉफ्टवेर के अलावा सब बेचते हैं
उन्मुक्त
सही है।जुट जाते हैं तैयारी करने में।
जरुर. उत्तम कार्य योजना है. तैयारी शुरु करें.