छुट-पुट

उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

तूफानी-अंधेरी रात, बस स्टॉप और पहेलीबाज

पहेली बूझना तो पहेलीबाज जी के जिम्मे था – मालुम नहीं कहां खो गये। क्या, किसी को, उनका पता मालुम है?

मुझे पहेलियों अच्छी लगती हैं, मैंने इस बारे में कुछ चिट्ठियां मार्टिन गार्डनर, मार्टिन गार्डनर की पुस्तकें, पहेली बाज ज़ज, और २ की पॉवर के अंक, पहेलियां, और कमप्यूटर विज्ञान लिखी हैं। आज नितिन जी ने कुछ सवाल पूछ लिये इसी कारण मुझे भी सवाल/ पहेली पूछने का जोश आ गया। वैसे, कुछ महीने पहले, मैंने इसे दूसरे संदर्भ में इसे यहां पॉडकास्ट किया था।

एक तूफानी – अंधेरी रात है, आप स्पोर्टस् कार में जा रहे हैं। एक बस स्टॉप के सामने से जब गुजर रहे हैं तो बिजली कड़कती है। उसकी रोशनी में आप देखते हैं कि तीन लोग बस स्टॉप पर खड़े, बस का इन्तजार कर रहें हैं। इन तीनो कि अलग अलग मुश्किले हैं

  1. एक वृद्ध बीमार महिला है जो अस्पताल जाने के लिये बस का इन्तजार कर रही हे। यदि वह अस्पताल नहीं पहुंची तो मर सकती है;
  2. आपका एक खास मित्र जिसने न केवल आपके लिये कई उपकार किये हैं, न केवल आप उसके एहसानो से दबे हैं पर इसने आपको अपनी कार में बैठा कर कई बार सैर करवायी है। आज इसके पास कार नहीं है और उसे बस पकड़ कर शहर जाना है। उसका वहां साक्षात्कार होना है। यदि वह समय से न पहुचां तो उसे वह नौकरी न मिलगी और वह बेरोजगार रह जायगा;
  3. एक युवती/ यूवक जो कि आपकी/ आपका आर्दश जीवन साथी बन सकती/ सकता है। यदि उसे आज आपने छोड़ दिया तो वह फिर कभी आपको नहीं मिलेगी/ मिलेगा।

आपको मालुम है कि तूफान के कारण बस सर्विस रोक दी गयी है, कोई बस नहीं आयेगी। स्पोर्टस् कार में केवल दो ही लोग बैठ सकते हैं। आपके पास इतना समय नहीं है कि आप दो ट्रिप कर सकें, आप किसे लिफ्ट देंगे,

  • मानवता के नाते, वृद्ध बीमार महिला को – क्योंकि यदि वह अस्पताल न पहुंची तो मर जायगी। मित्र को तो दूसरा साक्षात्कार का मौका मिल सकता है; कोई जरूरी नहीं कि उसे नौकरी मिल ही जाये। आर्दश जीवन साथी तो फिर भी मिल सकता है; या
  • मित्रता के नाते, मित्र को – क्योंकि आप उसका ऐहसान से दबे हैं और उसे उतारना चाहते हैं। महिला तो वृद्ध है, उसे तो मरना ही है। जीवन में कोई आदर्श साथी नहीं होता है, यह तो बनाना पड़ता है; या
  • अपने लिये, आर्दश जीवन साथी को – क्योंकि वह फिर नहीं मिलेगी या मिलेगा। आप अपना जीवन सुखी देखना चाहते हैं। ; या
  • आप वहां नहीं रुकेंगे – क्योंकि यह मुश्किल सवाल है आप वहां पर रुक कर इस उलझन में नहीं पड़ना चाहते।

आप क्या करेंगे? ऊपर लिखे विकल्प में किस को चुनेगे? या फिर कुछ और करेंगे।

आप इसका जवाब बताइये और तब तक मैं लिखता हूं, हमने जानी है जमाने में रमती खुशबू की दूसरी कड़ी। इसकी पहली कड़ी तो यहां है। वह तो पढ़ी है न आपने।

April 29, 2007 - Posted by उन्मुक्त | गणित/पहेली | | 7 Comments

7 Comments »

  1. उन्मुक्त जी,

    सवाल बहुत ही बढ़िया है पर पहले से पढ़ रखा है इसलिए जवाब नहीं दूँगा। बाकी लोगों के लिए एक सुझाव, हमारा दिमाग सामने परोसे गए पकवान की तरफ ज्यादा जाता है। इस से ज्यादा बोलो तो मुन्ने के बापू बहुत मारेंगे।

    पंकज

    Comment by मिर्ची सेठ | April 29, 2007

  2. मेरी पसन्द होगी वृद्ध महिला, क्योंकि मित्र से माफ़ी माँगी जा
    सकती है और उसे समझाया जा सकता है,
    और योग्य जीवन साथी के बारे में कयास लगाना
    कोई समझदारी की बात नहीं है (हो सकता है कि वह अच्छी/अच्छा
    ना भी ना निकले)…लेकिन एक जान की कोई कीमत नहीं लगाई
    जा सकती भले ही वह वृद्धा हो..

    Comment by सुरेश चिपलूनकर | April 30, 2007

  3. एक बात और हो सकती है।
    ले‍डिस फर्स्‍ट के तर्ज पर दोनों महिलाओं को गाड़ी मे बैठा दीजियें। चूकिं टूसीटर है है तो दोनो पुरूष भारतीय टैम्पों चालको की दरवाजा खोल कर किनारे किनारे खड़े हो लिजिऐ।

    बुढियॉं मर भी गई तो उसको तस्‍लली होगी की कोई तो उसे बचाने वाला था। आपको भी लगेगा कि हमने तो कोशिस किया उसे मरना ही लिखा था तो क्‍या ?

    भले ही खड़े होकर जाना होगा दोस्‍त भी खुश हो जायेगा कि देखा प्रेमिका थी तब पर भी यारी निभाई।

    प्रेमिका तो मिलना तो तय था ही ।

    :)

    Comment by PRAMENDRA PRATAP SINGH | April 30, 2007

  4. मिर्ची सेठ की तरह ही मैने भी पहले सवाल पढ रखा है…सो जवाब नही दूंगा :)
    हिन्ट दे सकते हैं कि कुछ पाने के लिये कुछ खोना पडेगा…

    Comment by Nitin Bagla | April 30, 2007

  5. dost ko budhi mahila ke saath car mein bhej
    dijiye aur aap us premika ya premi ke saath
    toofani andehri raat ko romantic banyein

    Comment by anonymous | April 30, 2007

  6. कार अपने दोस्त को दे देंगे कि वह वृद्ध बीमार महिला को ले जाये फ़िर अपने उस आदर्श जीवन साथी के साथ उस तूफ़ानी रात में रुकी बस में गुजारना सबसे अच्छा रहेगा.

    Comment by मैथिली | April 30, 2007

  7. Ji mere khyal se sabse jyada jaruru he ush budhi mahila ki jan bachana aur dusari jaruru bat he dost ka career to mere khyal se dost ko car me budhi mahila ke sath bhej dena chahiye aur khud rat ko humsafar ( honewale ) ke sath Romantic banani chahiye aur Famuly Planning arni chahiye….

    Comment by dipakumar nainwal | May 30, 2009


Leave a comment