छुट-पुट

उन्मुक्त पर मेरे विचार, छुट-पुट पर इधर उधर

अज्ञात चिट्ठेकारों की खैर नहीं

इस समय दुनिया का सबसे चर्चित मुकदमा लिनेक्स से सम्बन्धित है। इसमें शक नहीं कि इस मुकदमे का फैसला सूचना प्रद्योकिकी की दिशा बदल देगा। इसके बारे में मैंने विस्तार से चर्चा लिनेक्स की कहानी लिखते समय की है। यह मुकदमा सैंटा क्रुस़ ऑपरेशन (एससीओ) और आईबीएम के बीच है। इस मुकदमे के शुरु होते समय ग्रॉक लॉ नाम की एक वेबसाईट शुरु हुई। इसकी प्रमुख लेखिका सुश्री पॉला जोनस् हैं। यह पैरा लीगल हैं वे इस मुकदमे के हर कदम पर दुनिया को सूचना देती रहती हैं। पर इस सूचना पर हमेशा आईबीएम का ही पहलू रहता है। इसलिये कुछ लोग कहते थे कि वे आईबीएम की तरफ से ही यह चिट्ठा लिख रही हैं।

एससीओ ने न्यायालय के समक्ष आवेदन पत्र दे कर इनहें गवाही देने के लिये सम्मन भिजवाया है। लेकिन यह सम्मन इन पर तामील नहीं हो पाया। वे घर पर नहीं मिली और गॉक लॉ से, कुछ महीने के लिये बिमारी के कारण छुट्ठी ले रखी है।

क्या वे कोई वास्तविक महिला हैं या फिर कोई कल्पना का नाम, क्या मालुम। कुछ इसके बारे में विस्तार से पढ़ना चाहें तो वह यहां, यहां, और यहां है।
अब अज्ञात चिट्ठेकारों की खैर नहीं – कहां जाओगे बच्चू।

मैं! मैं तो हिन्दुस्तान के हर कस्बे में रहने वाला एक आम व्यक्ति हूं। मेरे जैसे तो हर गली में मिल जाते हैं।

सच?

जी हां, बिलकुल सच, खास तो यहां पाये जाते है :-)

March 5, 2007 - Posted by उन्मुक्त | हिन्दी | | 9 Comments

9 Comments »

  1. थीम बहुत शानदार दिख रही है। अच्छी है।

    मै भी गुमनाम नही हूँ, सारी जानकारी इन्टरनैट पर है, ढूंढ सको तो ढूंढ लो।

    Comment by Jitu | March 5, 2007

  2. अच्छा पहचनवायें हैं खास लोगों को. बहुत खूब.. :) :)

    Comment by समीर लाल | March 5, 2007

  3. सच है!!! उन्मुक्त जी, लिनेक्स पर तो लिखा है मैं चाहता हूँ मुझे Mac Ox के बारे में भी बताएँ हाँ मैं यह जानता हूँ कि इसपर आप काम नहीं करते है किंतु आशा आपसे ही है…।

    Comment by Divyabh | March 5, 2007

  4. सही है लेकिन आपने अपना लेखन का फांट छोटा काहे कर लिया? होली मुबारक!

    Comment by अनूप शुक्ला | March 5, 2007

  5. उन्मुक्त जी, थीम तो सही है लेकिन क्या आप मेन एरिया यानि कि पोस्ट वाला एरिया की चौडाई बडा सकते हैं और उसके बाद थोडा सा फोंट साईज भी (ऐसा मेरा मानना है, बाकि तो पसंद अपनी अपनी)। इसके बाद थीम चकाचक हो जायेगी। :)

    Comment by Tarun | March 6, 2007

  6. उन्मुक्त जी, हम तो बरी हैं। भली-भांति ज्ञात। अरे यहाँ उत्तर प्रदेश में तो आजकल हर गली-मुहल्ले वाले आम लोग ही खास हो रहे हैं – शायद चुनाव तक ही। तो आप यदि उ.प्र. में हैं तो खास ही मानें अपने आप को!

    Comment by राजीव | March 6, 2007

  7. यह Theme के लिये जो सुझाव हैं। उनसे मैं भी सहमत हूँ। फ़ॉंट कुछ बड़ा और मुख्य Area की चौड़ाई दोनों ही कम लगती हैं।

    दाहिने के तीनों कालमों के Contents को एक अथवा दो कॉलमों में रखें तो भी ठीक लगे शायद।

    Comment by राजीव | March 6, 2007

  8. अब क्या मीन-मेख निकालें. मगर फोंट कुछ छोटे लग रहे है.

    अज्ञात रहने वालों की खैर नहीं यह आप लिख रहें है? :)

    Comment by संजय बेंगाणी | March 6, 2007

  9. थीम बढिया है, राजीवजी के सुझावों पर ध्यान दें। उ प्र का आम तो खास ही होता है, कनाडा के खास की तो बात ही कुछ और!!

    Comment by नितिन | March 6, 2007


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