हिन्दी वीकिपीडिया-२

मैने पिछली पोस्ट पर हिन्दी वीकिपीडिया पर लेख लिखने की बात की थी, यहां उसके बारे में कुछ और जानकारी है।

 

 

वीकिपीडिया पर कौन लेख लिख सकता है?

वहां पर कोई भी लेख लिख सकता है और किसी भी लेख को सही कर सकता है। इसके लिये उसे केवल वहां सदस्य बनना चाहिये। आप सदस्य बनें और लेख लिखना शुरू करें।

 

क्या इसके अलावा कुछ और करना चाहिये?

हां – यह भी समझ लें कि वहां फॉरमैटिंग कैसे की जाती है। हिन्दी वीकिपीडिया में इसके बारे में अच्छी सूचना नहीं है पर अंग्रेजी वीकिपीडिया में है जो कि यहां है इसे भी देखें। यदि समझ में न आये तो कोई बात नहीं है। हिन्दी वीकिपीडिया के उस लेख को देखें जिसकी फॉरमैटिंग अच्छी हो उसके ‘बदलें’ वाला बटन दबायें और देखें कि क्या टाईप है उस तरह की फॉरमैटिंग करने के लिये वही टाईप कर दें।

 

किस तरह के लेख डालें?

ब्लौगिंग की शुरूवात इन्टरनेट पर व्यक्तिगत डायरी लिखने की तरह से शुरू हुआ। अंग्रेजी चिट्ठों में काफी विविधिता, विभिन्नता , और परिपक्वता आ गयी है पर हिन्दी चिट्ठों में अभी समय लगेगा। यहां पर अधिकतर चिट्ठे व्यक्तिगत हैं। वीकिपीडिया, ज्ञान कोश है, मेरे विचार से इसमें व्यक्तिगत लेख नहीं होने जाने चाहिये।

 

लिखने का स्टाईल कैसा होना चाहिये?

ज्ञान कोश के लिये लेख third person में होने चाहिये। First person के लेख उसे व्यक्तिगत बना देते हैं पर मैं हमेशा first person में ही लिखता हूं। उसका कारण यह है कि first person में लिखे लेख को समझना ज्यादा आसान होता है। पर यह ज्ञान कोश के लिये ठीक नहीं है शायद इसलिये मेरा योगदान जो यहां है वह ठीक नहीं हो। पर मेरे विचार से इसकी चिन्ता छोड़ देनी चाहिये। यह बात दूसरा व्यक्ति अच्छी तरह से पकड़ सकता है और वह ठीक कर देगा।

 

लिखने में क्या मुश्किलें आती हैं?

मैं हमेशा से हिन्दी में दूसरी भाषा के शब्द का प्रयोग करने का हिमायती हूं – खास करके अंग्रेजी के शब्दों का। यह विवाद अपनी जगह अलग है और इसके बारे में अलग से चर्चा ठीक रहेगी। मुश्किल यह है कि दूसरी भाषा के शब्दों को कैसे लिखें। उनका कोई मानक हिज्जे नहीं है। अब software को ही लें इसके लिये हिन्दी में नया शब्द निकालना बेकार है इस अंग्रेजी शब्द को ही हिन्दी में ले लिया जाना चाहिये पर इसे लिखा कैसे जाय। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आप इसका उच्चारण कैसे करते हैं। मैने इसे हिन्दी (देवनागरी) में सॉफ्टवेर, सॉफटवेर, सॉफ़टवेर, सौफ्टवेर, सौफटवेर, सौफ़टवेर साफ्टवेर, साफटवेर, साफ़टवेर की तरह लिखते देखा है और अलग अलग समय इसे स्वयं अलग अलग तरह से लिखा है। मैं नहीं जानता कि इसे हिन्दी में कैसे लिखा जाय। जब बहुत से लोग मिल कर किसी काम को करें तो इन शब्दों का कोई मानक हिज्जे हो तो अच्छा रहे। ऐसे इस बारे में यह शब्दकोश सहायक है।

इन प्रश्नों के अलावा मुझे तो कोई मुश्किल नहीं पड़ी और पड़ेगी तो बताऊंगा।

 

तो देर किस बात की है हिन्दी वीकिपीडिया के मुख्य पेज पर पहुंचे, सदस्य बने, और अपना सहयोग शुरू करें।

कुछ समय पहले हिन्दी चिट्ठे जगत में इस बात की चर्चा रही कि किसी कि ईमेल बिना उसकी अनुमति के सार्वनिक रूप से प्रकाशित करना उचित है कि नहीं। इस तरह का विवाद हरिवंश राय बच्चन और एक अन्य हिन्दी के प्रसिद्ध साहित्यकार के बीच, उनके द्वारा लिखे पत्र को लेकर, चला था। यदि इसके बारे में पढ़ना चाहें तो इसे ‘हरिवंश राय बच्चन – विवाद’ नामक मेरे उन्मुक्त चिट्ठे की पोस्ट पर यहां पढ़ सकते हैं।

मैने पेटेंट सिरीस भाग एक की आखरी पोस्ट ‘पेटेंटी के अधिकार एवं दायित्व’ उन्मुक्त चिट्ठे पर यहां पोस्ट कर दिया है। आप चाहें तो उसे यहां पढ़ सकते हैं और यदि इसे सुनना चाहें तो इसे मेरे पॉडकास्ट बकबक पर, यहां सुन सकते हैं।

मैने कुछ समय पहले उन्मुक्त चिठ्ठे पर ‘नारद जी की छड़ी और शतरंज का जादू’ के नाम से कई कड़ियों प्रकाशित की थी। इन्ही चिठ्ठियों को संग्रहीत कर के मैने एक चिट्ठि ‘२ की पॉवर के अंक, पहेलियां, और कमप्यूटर विज्ञान’ बना कर, अपने चिट्ठे लेख पर यहां

पोस्ट की है। वहां पर इसकी pdf फाईल भी है जिसे आप डाऊनलोड कर प्रयोग करसकते हैं।

अन्य चिट्ठों पर क्या नया है इसे आप दाहिने तरफ साईड बार में, या नीचे देख सकते हैं।

अन्य सांकेतिक चिन्ह

technogy, तकनीकी, सूचना, हिन्दी, विधि/कानून,

 

परिचय उन्मुक्त
मैं हूं उन्मुक्त - हिन्दुस्तान के एक कोने से एक आम भारतीय। मैं हिन्दी मे तीन चिट्ठे लिखता हूं - उन्मुक्त, ' छुट-पुट', और ' लेख'। मैं एक पॉडकास्ट भी ' बकबक' नाम से करता हूं। मेरी पत्नी शुभा अध्यापिका है। वह भी एक चिट्ठा ' मुन्ने के बापू' के नाम से ब्लॉगर पर लिखती है। कुछ समय पहले,  १९ नवम्बर २००६ में, 'द टेलीग्राफ' समाचारपत्र में 'Hitchhiking through a non-English language blog galaxy' नाम से लेख छपा था। इसमें भारतीय भाषा के चिट्ठों का इतिहास, इसकी विविधता, और परिपक्वत्ता की चर्चा थी। इसमें कुछ सूचना हमारे में बारे में भी है, जिसमें कुछ त्रुटियां हैं। इसको ठीक करते हुऐ मेरी पत्नी शुभा ने एक चिट्ठी 'भारतीय भाषाओं के चिट्ठे जगत की सैर' नाम से प्रकाशित की है। इस चिट्ठी हमारे बारे में सारी सूचना है। इसमें यह भी स्पष्ट है कि हम क्यों अज्ञात रूप में चिट्टाकारी करते हैं और इन चिट्ठों का क्या उद्देश्य है। मेरा बेटा मुन्ना वा उसकी पत्नी परी, विदेश में विज्ञान पर शोद्ध करते हैं। मेरे तीनों चिट्ठों एवं पॉडकास्ट की सामग्री तथा मेरे द्वारा खींचे गये चित्र (दूसरी जगह से लिये गये चित्रों में लिंक दी है) क्रिएटिव कॉमनस् शून्य (Creative Commons-0 1.0) लाईसेन्स के अन्तर्गत है। इसमें लेखक कोई भी अधिकार अपने पास नहीं रखता है। अथार्त, मेरे तीनो चिट्ठों, पॉडकास्ट फीड एग्रेगेटर की सारी चिट्ठियां, कौपी-लेफ्टेड हैं या इसे कहने का बेहतर तरीका होगा कि वे कॉपीराइट के झंझट मुक्त हैं। आपको इनका किसी प्रकार से प्रयोग वा संशोधन करने की स्वतंत्रता है। मुझे प्रसन्नता होगी यदि आप ऐसा करते समय इसका श्रेय मुझे (यानि कि उन्मुक्त को), या फिर मेरी उस चिट्ठी/ पॉडकास्ट से लिंक दे दें। मुझसे समपर्क का पता यह है।

3 Responses to हिन्दी वीकिपीडिया-२

  1. नीरज दीवान says:

    विस्तृत जानकारी के लिए धन्यवाद. मैं ऐसे ही किसी मार्गदर्शन की तलाश में था. विकिपीडिया पर लिखना पुनीत कार्य है. हिन्दी प्रेमियों को इस पर कुछ करते रहना चाहिए.

  2. Anunad says:

    इतनी सारी जानकारी देने और हिन्दी विकिपेडिया के काम में जान फूँकने का प्रयत्न करने के लिये धन्यवाद।

    क्या कोई ऐसा औजार बता सकते हैं जो एच. टी. एम. एल. फाइल को लेकर उसे विकि पर लिखने के लिये उपयुक्त कोड तैयार कर सकता हो?

  3. मैं तकनीक से जुड़ा व्यक्ति नहीं हूं शायद पाठकों में से कोई बता सके। एक या दो बार अपने चिट्ठे की पुरानी पोस्ट से कौपी कर वीकिपीडिया पर पेस्ट कर दिया। मैं लिनेक्स पर काम करता हूं और ज्यादातर वर्ड-प्रोसेसर (OpenOffice.org) पर लिखता हूं फिर उसे ही कौपी कर वीकिपीडिया या चिट्ठी लिखना हुआ तो उस पर पेस्ट कर देता हूं। यही काम परिचर्चा या चिट्टाकार गूगल समूह लिखने के लिये करता हूं या सीधे वहीं जा कर लिख देता हूं। हिन्दी में इमेल सीधे वहीं जा कर लिख देता हूं। यह काम लिनेक्स पर आसानी से हो जाता है।

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