चार बराबर पांच, पांच बराबर चार …
माफ कीजयेगा यह पोस्ट फिर से कर रहा हूं| क्या करूं Error 404 पीछा ही नहीं छोड़ रही है|
आप लोग सोच रहे होंगे कि मैं यह ‘चार बराबर पांच, पांच बराबर चार, चार…’ क्या कर रहा हूं| क्या करूं कुछ उलझन मे फंस गया हूं एक चिठ्ठेकार बंधु से ईमेल मिली| इसमे 4=5 निम्न तरह से सिद्ध किया था|

-20 = -20
16-36 = 25-45
दोनो पक्षो में 81/4 जोडने पर
16-36+81/4 = 25-45+ 81/4
4×4 - 2×4x(9/2) + (9/2)(9/2) = 5×5 - 2×5x(9/2) + (9/2)(9/2)
(4-9/2)(4-9/2) = (5-9/2)(5-9/2)
वर्गमूल लेने पर
4-9/2 = 5-9/2
अर्थात 4=5

ईमेल मिटर गयी है उसका मजबून ठीक से याद नहीं है पर शायद ऐसा कुछ लिखा था,

‘उंमुक्तजी आपकी मार्टिन गार्डनर, मार्टिन गार्डनर की पुस्तकें, पहेली बाज ज़ज, और नारद जी की छड़ी और शतरंज का जादू पर आपकी अलग अलग चिठ्ठियां देखीं लगता है मुन्ने की मां की ऐवें वाली बात, ब्लू-टूथ और झींगा मछली कि चिठ्ठी से पता चला कि आप गणित चिप और कमप्यूटर विज्ञान नामक विषय पर एक लम्बी सिरीस लिखने वाले हैं और जिसमे आप यह बाने वाले हैं कि,

    गणितज्ञों का योगदान चिप तकनीक और कमप्यूटर विज्ञान मे सबसे ज्यादा है;
    गणित ने किस तरह से चिप तकनीक और कमप्यूटर विज्ञान मे योगदान दिया है; और
    आने वाले कल मे गणित किस तरह से चिप तकनीक और कमप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र मे क्रांति ला रही है|

जाहिर है कि आप गणित को बहुत महत्व देते हैं| पर गणित मे तो ४=५ जैसी विसंगतियां हैं| यह तो एकदम बेकार विषय है|’

बस तभी से इस विसंगति का काट ढ़ूढ रहां हूं और इसी मे फसां हूं| इसमे कुछ तो गड़बड़ है पर क्या है समझ मे नहीं आ रहा है|

आप सहायता करेंगे तो अच्छा रहेगा पर यदि यदि आप यह जानना चाहते हैं कि,

    लिनेक्स के कारण आई.बी.एम. के अलावा किन पर मुकदमे चल रहे हैं ; या
    नारद जी की छड़ी वाली पहेली से सृष्टि का अन्त का क्या सम्बन्ध है,

तो इनके बारे मे मेरे उंमुक्त नाम के चिठ्ठे पर,

पोस्ट पर पढ़ सकते हैं।


  1. उन्मुक्त

    माफ कीजयेगा यह पोस्ट एक से ज्यादा बार करनी पड़ी पर फिर भी जब काम नहीं बना तो एक और ब्लौग test करने के लिये वर्ड प्रेस पर बनाया| उस पर test करने के बाद पता लगा कि यदि title अंग्रेजी मे हों तो गड़बड़ नहीं होगी इसलिये अंग्रेजी title के साथ प्रकाशित कर रहा हूं

  2. नितिन बागला

    उन्मुक्त जी,
    सवाल बहुत वाजिब है और बनाने वाले की चतुराई का परिचायक है,किंतु, चूंकि गणित पूरी तरह तर्कों और सिद्धांतों पर अधारित है, तो ४=५ तो कभी हो ही नही सकता….यहाँ भी, ई मेल भेजने वाले महाशय (या सवाल बनाने वाले)थोडी सी चूक कर गये और इसीलिये यह गलत हल आ रहा है…

    (4-9/2)(4-9/2) = (5-9/2)(5-9/2)

    इस चरण (step)तक तो सवाल बिल्कुल सही है, पर यहाँ से आगे थोडा सा डग़मगा रहा है…
    सही हल इस तरह होगा..

    जब a square = b square होता है,
    तो हम सीधे a=b नही कह सकते…
    क्यों?…..
    a square = b square
    यानि a square - b square = 0
    यानि (a-b)(a+b)=0
    यानि a=b या फिर a=-b

    here a=b gives 4=5 which is not possible in Maths क्योंकि “गणित मे तो ४=५ जैसी विसंगतियां नही हैं| यह तो एकदम बेकार विषय भी नही है” :)
    putting a=-b gives (4-9/2)= -(5-9/2)
    which gives -1/2 = -1/2

    Which is true

    Hence Proved :)

    आशा है ई-मेल वाले सज्ज्न अब गणित की थोडी बहुत इज्ज्त करेंगे :)

  3. जगदीश

    उंमुक्त भाई,

    (4-9/2)(4-9/2) = (5-9/2)(5-9/2) का वर्गमूल जब हम निकालते हैं तो इनके वस्तविक मूल्यों का ही निकालेंगे जहाँ (-0.5)(-0.5) = (0.5)(0.5) = 0.25

    एक अंक का जब वर्ग निकाला जाता है तो उस अंक की ऋणात्मक मूल्य का वर्ग भी वही होता है।
    इसी प्रकार जब हम वर्गमूल निकालते है तो उसके आगे घन तथा ऋणा दोनो चिन्ह लगाए जाते हैं।

    उपरोक्त में जब वर्गमूल निकालेंगे तो इस प्रकार लिखा जाएगा
    (4-9/2) या -(4-9/2) =( 5-9/2) या - ( 5-9/2)

    (+ या -) के लिए गणित में एक चिंह होता है जो एन दोनो को मिला कर बनता है मगर इसे यहाँ कैसे टाईप करेंगे मुझे पता नहीं।

  4. उन्मुक्त

    मेरी पहले की ‘चार बराबर पांच, पांच बराबर चार, चार…’ वाली पोस्ट जो Error 404 के कारण दिखायी नहीं पड़ रही थी तब रमन जी ने यह ईमेल भेजी थी जिसे मैं यहां पर रख रहां हूं| यह ईमेल दोनो मुशिकिलों को यानि कि पोस्ट की एवं पोस्ट की गयी मुशकिल का हल बताती है|

    उन्मुक्त जी,
    मेरे विचार में आप की 404 समस्या का हल यह है कि आप अपनी प्रविष्टियों के
    URL (permalinks) अंग्रेज़ी में रखें। उदाहरणार्थ यह देखें
    http://itsme.wordpress.com/2006/02/09/divide-and-rule

    मैं आप के चिट्ठे पर टिप्पणी नहीं कर पा रहा हूँ। आप की 4=5 गणित पहेली
    का हल यह है –
    गड़बड़ अन्तिम दो पंक्तियों में है। सही हल यूँ है -

    (4-9/2)(4-9/2) = (5-9/2)(5-9/2)

    वर्गमूल लेने पर +/-(4-9/2) = +/-(5-9/2)
    अर्थात +/- (-1/2) = +/- (1/2)
    वर्गमूल गलत लेने पर तो आप किसी भी संख्या को किसी और संख्या के बराबर कर
    सकते हैं। जैसे
    (2-3)(2-3)=(4-3)(4-3)
    2-3=4-3
    2=4
    पर यह उसी तरह ग़लत है, जैसे ऊपर की समस्या।

    धन्यवाद।
    - रमण

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